दीया जलाते वक्त कौन सा मंत्र पढ़ना चाहिए? शाम को जरूर करें ये काम, मिलेंगे ये 3 लाभ
अगर आप रोज शाम दीया जलाते वक्त एक आसान सा मंत्र पढ़ देंगे तो इससे घर में बरकत आएगी। तो चलिए जानते हैं कि आखिर ये मंत्र कौन सा है और इससे क्या-क्या लाभ मिलते हैं?

हिंदू धर्म में दीया जलाना सिर्फ एक परंपरा नहीं माना जाता बल्कि इसे सकारात्मक ऊर्जा से भी जोड़ा जाता है। आमतौर पर लोग शाम के वक्त घर की चौखट के पास दीया जलाते हैं। मान्यता है कि जब दिन ढलता है तब नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है। ऐसे में चौखट पर जलाया गया दीया घर में सुख-समृद्धि और बरकत के साथ-साथ अच्छी ऊर्जा लेकर आता है। इसके अलावा भी इसके कई लाभ मिलते हैं। वैसे तो लोग नियमित रूप से दीया जला देते हैं लेकिन हर कोई इसे पूरे विधि-विधान के साथ नहीं कर पाता है। क्या आप जानते हैं कि दीया जलाते समय एक विशेष मंत्र भी पढ़ा जाता है? अगर नहीं तो आज हम आपको दीया जलाने का सही तरीका बताएंगे। साथ ही जानेंगे दीया जलाते समय बोले जाने वाले मंत्र और इससे मिलने वाले 3 फायदो के बारे में।
दीया जलाते वक्त पढ़ें ये मंत्र
नियम के अनुसार दीया ऐसे ही जलाकर नहीं छोड़ना चाहिए। अबसे आप जब भी शाम में दीया जलाएं तो एक खास मंत्र जरूर पढ़ें। इस मंत्र के नीचे देखें फिर इसके बाद इसका मतलब हिंदी में समझेंगे।
शुभं करोति कल्याणं, आरोग्यं धनसंपदा।
शत्रुबुद्धि विनाशाय, दीपज्योति नमोऽस्तुते॥
मंत्र का अर्थ: इस मंत्र का सिंपल सा मतलब है कि इस दीए की रोशनी से हमारी जिंदगी शुभ हो, हम स्वस्थ्य रहें और धन-संपदा की कमी ना हो। साथ ही हमारे शत्रुओं या बुरा सोचने वालों को नाश हो और घर में सकारात्मकता बनी रहे।
दीया जलाते वक्त पढ़े गए मंत्र से मिलने वाले 3 लाभ-
1. घर में आती है सकारात्मक ऊर्जा
शाम में हर दिन दिया जलाते वक्त अब जब आप इस मंत्र को पढ़ेंगे तो आपको खुद ब खुद समझ आएगा कि घर का माहौल हल्का हुआ है और आप अंदर ही अंदर काफी सकारात्मक भी महसूस करेंगे। आप इस मंत्र को तब भी पढ़ सकते हैं जब तुलसी के पास दीया जलाना हो या फिर मंदिर में भी।
2. दूर होगा तनाव
इस मंत्र की सबसे खास बात ये है कि इसे नियमित रूप से पढ़ने से मन शांत रहने लगेगा। एक तरह से धीरे-धीरे ये आपके लिए मेडिटेशन का काम भी कर जाएगा। दिमाग को रिलैक्स सा महसूस होगा और दिन भर की सारी थकान भी भूल जाएंगे। ऐसे में ये मंत्र धीरे-धीरे आपकी जिंदगी से तनाव का नामोनिशान मिटा देगा।
3. मिलेगी देवी-देवताओं की कृपा
माना जाता है कि शाम को नियमित रूप से दीया जलाने से मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। साथ ही इससे घर में बरकत आती है और फिर धन-धान्य से जुड़ी कोई दिक्कत नहीं होती है। अगर आप ऐसी दिक्कत का सामना कर भी रहे हैं तो नियमित रूप से ये काम करेंगे तो राहत जरूर मिलेगी।
दीया जलाने का सही तरीका
अब कर लेते हैं काम की बात और जानते है कि आखिर दीए को सही तरीके से जलाया कैसे जाए? सूर्यास्त के बाद तेल या फिर घी के दीए को साफ जगह पर रखें। फिर इसके बाद इसे जलाएं। कोशिश यही करें कि दीया हमेशा पूर्व या फिर उत्तर दिशा की ओर रहें। इस दौरान ऊपर बताए गए मंत्र को पढ़ें। ये छोटा सा मंत्र आपकी जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकता है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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