Dasha Mata Vrat 2026: 13 मार्च को दशा माता पूजा के दिन किए जाते हैं ये खास उपाय, घर में सुख-समृद्धि आने की मान्यता

Mar 12, 2026 10:19 pm ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को दशा माता का व्रत और पूजन किया जाता है। साल 2026 में यह तिथि 13 मार्च, शुक्रवार को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं में दशा माता को देवी पार्वती का स्वरूप माना जाता है। कहा जाता है कि जो महिलाएं श्रद्धा के साथ उनका व्रत और पूजन करती हैं।

Dasha Mata Vrat 2026: 13 मार्च को दशा माता पूजा के दिन किए जाते हैं ये खास उपाय, घर में सुख-समृद्धि आने की मान्यता

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को दशा माता का व्रत और पूजन किया जाता है। साल 2026 में यह तिथि 13 मार्च, शुक्रवार को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं में दशा माता को देवी पार्वती का स्वरूप माना जाता है। कहा जाता है कि जो महिलाएं श्रद्धा के साथ उनका व्रत और पूजन करती हैं, उनके घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। कई जगहों पर यह भी मान्यता है कि दशा माता की पूजा करने से घर की बिगड़ी परिस्थितियों में सुधार आता है और जीवन में आ रही परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। इसी वजह से इस दिन पूजा के साथ कुछ खास धार्मिक उपाय भी किए जाते हैं।

दशा माता पूजा के दिन क्यों किए जाते हैं उपाय

धार्मिक परंपराओं के अनुसार दशा माता का व्रत घर की दशा सुधारने और नकारात्मकता दूर करने की कामना से किया जाता है। कई क्षेत्रों में लोग इस दिन पूजा के साथ कुछ छोटे-छोटे उपाय भी करते हैं, जिन्हें शुभ माना जाता है।

दशा माता पूजन के दिन किए जाने वाले उपाय

त्रिवेणी की पूजा- दशा माता व्रत के दिन पीपल, नीम और बरगद के पेड़ों की पूजा करना शुभ माना जाता है। इन तीनों पेड़ों को मिलाकर त्रिवेणी कहा जाता है। मान्यता है कि इनकी पूजा से जीवन के कई कष्ट कम हो सकते हैं।

माता को लाल वस्त्र अर्पित करें- दशा माता की पूजा में लाल रंग को शुभ माना गया है। पूजा के समय माता को लाल वस्त्र, सिंदूर और लाल चूड़ियां अर्पित की जाती हैं।

जरूरतमंदों को दान- धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन दान करना भी पुण्यदायी माना जाता है। अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार अनाज, कपड़े या अन्य जरूरत की चीजों का दान किया जा सकता है।

सुहागिन महिला को भोजन कराएं- कुछ जगहों पर परंपरा है कि दशा माता पूजन के दिन किसी सुहागिन महिला को घर बुलाकर भोजन कराया जाता है और उसे सुहाग की सामग्री दी जाती है।

पूजा के समय लाल साड़ी पहनना- मान्यता है कि महिलाएं अगर इस दिन लाल साड़ी पहनकर दशा माता की पूजा करें, तो इसे शुभ माना जाता है।

व्रत में नमक से परहेज- दशा माता व्रत के दौरान कई लोग दिन में एक बार भोजन करते हैं। परंपरा के अनुसार इस भोजन में नमक नहीं लिया जाता।

धार्मिक पुस्तकों का दान- कुछ लोग इस दिन दशा माता व्रत से जुड़ी धार्मिक पुस्तकों का दान भी करते हैं। इसे भी शुभ माना जाता है।

बड़ों का आशीर्वाद लें- पूजा के बाद घर के बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लेना अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार में प्रेम और सम्मान बना रहता है।

त्रिवेणी के पौधे लगाना- यदि संभव हो तो इस दिन पीपल, नीम और बरगद के पौधे लगाना भी शुभ माना गया है।

दशा माता की कथा सुनना- पूजा के बाद दशा माता व्रत की कथा सुनना या पढ़ना जरूरी माना जाता है। मान्यता है कि कथा सुनने से व्रत का पूरा फल मिलता है।

धार्मिक मान्यताओं में दशा माता पूजा का महत्व- धार्मिक परंपराओं के अनुसार दशा माता का व्रत जीवन की कठिनाइयों को कम करने और घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने की कामना से किया जाता है। श्रद्धा और सकारात्मक भावना के साथ की गई पूजा से मन को शांति मिलती है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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लेखक के बारे में

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योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


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न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


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