Hindi Newsधर्म न्यूज़Daily Puja Path Rules and Rituals: What You Must Follow at Home
घर में पूजा-पाठ करते समय इन बातों का रखें ध्यान, जानें नियम

घर में पूजा-पाठ करते समय इन बातों का रखें ध्यान, जानें नियम

संक्षेप:

Daily Puja Path Rules and Rituals : हिंदू धर्म में रोजाना पूजा-पाठ करने का विशेष महत्व होता है। पूजा के कुछ जरूरी नियम हमारे आध्यात्मिक जीवन को मजबूत करते हैं। अक्सर लोग पूजा करते हैं, लेकिन कुछ बुनियादी बातों को या तो नहीं जानते या अनदेखा कर देते हैं।

Nov 15, 2025 12:43 pm ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

हिंदू धर्म में रोजाना पूजा-पाठ करने का विशेष महत्व होता है। पूजा के कुछ जरूरी नियम हमारे आध्यात्मिक जीवन को मजबूत करते हैं। अक्सर लोग पूजा करते हैं, लेकिन कुछ बुनियादी बातों को या तो नहीं जानते या अनदेखा कर देते हैं। जबकि शास्त्रों के अनुसार पूजा-पाठ के दौरान अनुशासन और पवित्रता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी गई है। आइए जानते हैं, पूजा-पाठ में किन नियमों का पालन करना चाहिए…

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

नवजात के जन्म के बाद मूर्तियों को नहीं छूना चाहिए

अगर घर में किसी नवजात का जन्म हुआ है, तो कुछ समय तक पूजा-स्थान की मूर्तियों को छूने से परहेज करना चाहिए। माना जाता है कि जन्म के कुछ दिनों तक घर का वातावरण सूक्ष्म रूप से परिवर्तित रहता है और ऐसे समय में मूर्ति-विसर्जन, स्पर्श या बड़े अनुष्ठानों से बचने की सलाह दी जाती है। पूजा की भावना बनी रह सकती है, पर मूर्तियों को स्पर्श करना वर्जित माना गया है।

ये भी पढ़ें:एकादशी व्रत की शुरुआत कब से करें? जानें तिथि और विधि

भगवान को टीका अनामिका उंगली से लगाएं

धर्म शास्त्रों में अनामिका (रिंग फिंगर) को देवकार्य के लिए श्रेष्ठ माना गया है। जब भी आप भगवान को रोली, चंदन या हल्दी का तिलक लगाएं, अनामिका उंगली का ही प्रयोग करें।अनामिका उंगली का संबंध सूर्य ऊर्जा से बताया गया है, जिससे श्रद्धा और पवित्रता का भाव मजबूत होता है। पूजा के दौरान इसका उपयोग शुभ फल बढ़ाने वाला माना गया है।

पूजा पूरी होने के बाद आरती हमेशा खड़े होकर करें

कई लोग बैठकर भी आरती कर लेते हैं, लेकिन धर्मशास्त्रों में आरती सदैव खड़े होकर करने का नियम वर्णित है। आरती, पूजा का वह भाग है जिसमें हम भगवान की ऊर्जा को अपने और पूरे घर में फैलने का निमंत्रण देते हैं। आरती के बाद थाली के चारों ओर जल घुमाकर उसे सब दिशाओं में छिड़कना चाहिए, इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और वातावरण शुद्ध होता है।

ये भी पढ़ें:सूर्य करेंगे वृश्चिक राशि में प्रवेश, जानें कैसा रहेगा 12 राशियों का हाल

पूजा-स्थान में सफाई रखें

पूजा घर वह स्थान है जहां मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति विकसित होती है। इसलिए वहां धूल, अव्यवस्था, टूटी मूर्तियां, पुराने फूल या अस्थायी सामान न रखें। मंदिर में नियमित सफाई करना शुभ माना जाता है। साथ ही, पूजा-स्थान में बैठते समय कपड़ों का साफ और सुसंस्कृत होना भी आवश्यक है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi
योगेश जोशी हिंदुस्तान डिजिटल में सीनियर कंटेंट प्रड्यूसर हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मेहला गांव के रहने वाले हैं। पिछले छह सालों से पत्रकरिता कर रहे हैं। एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेश से जर्नलिज्म में स्नातक किया और उसके बाद 'अमर उजाला डिजिटल' से अपने करियर की शुरुआत की, जहां धर्म और अध्यात्म सेक्शन में काम किया।लाइव हिंदुस्तान में ज्योतिष और धर्म- अध्यात्म से जुड़ी हुई खबरें कवर करते हैं। पिछले तीन सालों से हिंदुस्तान डिजिटल में कार्यरत हैं। अध्यात्म के साथ ही प्रकृति में गहरी रुचि है जिस कारण भारत के विभिन्न मंदिरों का भ्रमण करते रहते हैं। और पढ़ें
जानें धर्म न्यूज़ ,Choti Diwali Wishes , Rashifal, Panchang , Numerology से जुडी खबरें हिंदी में हिंदुस्तान पर| हिंदू कैलेंडर से जानें शुभ तिथियां और बनाएं हर दिन को खास!