suryast arghya time : छठ पूजा में कैसे देते हैं डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य है, जानें नियम और समय
sunset suryast arag time today: छठ पूजा में आज सूर्य को डूबते हुएअर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद निर्जला व्रत कल उगते सूर्य को जल देकर पूरा होगा। इस व्रत में शुद्धता का खास ध्यान रखा जाता है और नियम भी पूरे मन से माने जाते हैं, इसलिए यह व्रत कठोर व्रतों में से एक है।
छठ पूजा में आज सूर्य को डूबते हुएअर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद निर्जला व्रत कल उगते सूर्य को जल देकर पूरा होगा। इस व्रत में शुद्धता का खास ध्यान रखा जाता है और नियम भी पूरे मन से माने जाते हैं, इसलिए यह व्रत कठोर व्रतों में से एक है। आपको बता दें कि छठी माता भगवान सूर्य की बहन हैं और ब्रह्मा जी की मानस पुत्री मानी जाती हैं। ऐसा कहा जाता है कि इनकी पूजा से संतान की रक्षा होती है और लंबी उम्र भी होती है। इसलिए यह व्रत संतान की लंबी उम्र के लिए, सुख समृद्धि के लिए रखना चाहिए। सूसूर्य भगवान और छठी मैय्या की कृपा से धन लाभ, संतान की लंबी उम्र और संपन्नता आती है। इस दिन व्रती महिलाएं लाल रंग की साड़ी पहनें जो नई हो। छठी मइया को सिंदूर और साड़ी अर्पित करना चाहिए। षष्ठी को डूबते सूर्य को और सप्तमी को उगते सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। यहां जानें नियम और समय

आज डूबते और कल उगते सूर्य को ऐसे दें अर्घ्य, सूर्य अर्घ्य के ये हैं नियम
भगवान सूर्य को अर्घ्य दे रहे हैं, तो जल में लाल चंदन, सिंदूर, लाल फूल आदि मिला लें। खाली जल से सूर्य को अर्घ्य ना दें। इसके बाद सूर्य की परिक्रमा तीन बार करें। सूर्य को जल दे रही हैं, तो ध्यान रखें, हाथों को थोड़ा आगे होकर जल दें, बिल्कुल पास से देंगे, तो आपके पैर पर जल गिरेगा। सूर्यास्त के आधे घंटे-एक घंटे तक अर्घ्य दे दें। इसी प्रकार अगर सूर्योदय के समय सूर्यों को जल दें, आमतौर पर सुबह 5.30 बजे से 8 बजे के बीच का समय सर्वोत्तम माना जाता है।
सूर्य को चढ़ाने वाले जल में अगर आप गुड़, दूध और लाल फूल डालते हैं, तो आपको आर्थिक संपन्नता भी मिलती है। इसके अलावा सूर्य को एक धार से जल अर्पित करें और उस धार से सूर्य भगवान के दर्शन करें। इस दौरान मन में ॐ सूर्याय नमः” मंत्र जप करें।
आज जब भगवान सूर्य को अर्घ्य देने जाएं, तो अपने साथ सूप लें और सूप में आप भगवान सूर्य को अर्पित करने के लिए मौसमी फल, गन्ना, ठेकुआ, गुड़ की खीर आदि रखना चाहिए। छठ का व्रत सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ये व्रत पूरा होता है।
छठ पूजा पर्व में षष्ठी तिथि खास है। इस दिन सूर्य को अर्घ्य दे रहे हैं, तो पहले घुटने तक पानी भरें जल में खड़े होकर अस्त होते सूर्य देव और छठी माता को जल अर्पित करना चाहिए।
Chhath Puja 27 अक्टूबर 2025 दिल्ली - सूर्यास्त का समय - शाम 5 बजकर 40 मिनट तक
पटना - सूर्यास्त का समय - शाम 5 बजकर 11 मिनट तक
लखनऊ - सूर्यास्त का समय - शाम 5 बजकर 27 मिनट तक
रांची सूर्यास्त का समय - शाम 5 बजकर 13 मिनट तक
27 को सूर्य अस्त होने और 28 को सूर्य उदय होने का समय
27 अक्टूबर को पटना में सूर्यास्त शाम को 5 बजकर 11 मिनट तक होगा। कई जगह इसमें मिनटों का अंतर हो सकता है। यहां देखें बिहार में अर्घ्य टाइमिंग सूर्यास्त (27 अक्टूबर) सूर्योदय (28 अक्टूबर) पटना -सूर्यास्त 27 अक्टूबर 5:11 PM, सूर्योदय 28 अक्टूबर-5:55 AM गया- सूर्यास्त 27 अक्टूबर 5:11 PM, सूर्योदय 28 अक्टूबर-5:55 AM भागलपुर -सूर्यास्त 27 अक्टूबर 5:04 PM, सूर्योदय 28 अक्टूबर- 5:47 AM पूर्णिया -सूर्यास्त 27 अक्टूबर 5:02 PM, सूर्योदय 28 अक्टूबर- 5:46 AM पश्चिम चंपारण -सूर्यास्त 27 अक्टूबर 5:12 PM, सूर्योदय 28 अक्टूबर- 5:59 AM
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





