Hindi Newsधर्म न्यूज़Chhath Puja 2025: Kharana and Nirjala Vrat Started, Know Surya Dev Arghya Time for Evening and Morning
खरना के साथ शुरू हुआ छठ पर्व का निर्जला व्रत, अस्ताचलगामी सूर्य को आज दिया जाएगा अर्घ्य

खरना के साथ शुरू हुआ छठ पर्व का निर्जला व्रत, अस्ताचलगामी सूर्य को आज दिया जाएगा अर्घ्य

संक्षेप:

भगवान सूर्य की उपासना और लोक आस्था का प्रतीक चार दिवसीय छठ महापर्व पूरे श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि (रविवार) को पर्व के दूसरे दिन व्रती महिलाओं ने पवित्रता, भक्ति और नियमों के साथ खरना पूजन किया।

Mon, 27 Oct 2025 07:54 AMYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

भगवान सूर्य की उपासना और लोक आस्था का प्रतीक चार दिवसीय छठ महापर्व पूरे श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि (रविवार) को पर्व के दूसरे दिन व्रती महिलाओं ने पवित्रता, भक्ति और नियमों के साथ खरना पूजन किया। दिन भर उपवास रखने के बाद शाम को शुभ मुहूर्त में छठी माता की पूजा-अर्चना की गई। पूजा के बाद महिलाओं ने मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ की खीर, रोटी, केला, पूड़ी और रसियाव भात का प्रसाद तैयार किया। पूजा के पश्चात सूर्य देव और छठी माता को भोग लगाया गया और पूरे परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण किया गया।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

इस दौरान वातावरण भक्तिमय बन गया जब महिलाओं ने “हे छठी मइया सुन ल अरजिया हमार...” जैसे पारंपरिक भजन गाए। खरना पूजन के साथ ही छठ पर्व का सबसे कठिन अनुष्ठान- 36 घंटे का निर्जला व्रत आरंभ हो गया, जिसमें व्रती बिना जल और अन्न ग्रहण किए उपासना करती हैं। यह पर्व आत्मशुद्धि, संयम और भक्ति का प्रतीक माना जाता है।

खरना के दिन सुबह व्रतियों ने स्नान-ध्यान कर लंबा सिंदूर लगाया और पूरे दिन संयमपूर्वक उपवास रखा। शाम होते ही व्रतियों ने मिट्टी के चूल्हे पर प्रसाद बनाकर छठी माता को अर्पित किया। मान्यता है कि खरना पूजन से सूर्य देव और छठी माता व्रतियों को सुख, समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद देती हैं।

अब सोमवार को छठ महापर्व का तीसरा दिन यानी षष्ठी तिथि रहेगी, जब श्रद्धालु डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे। इस दिन चन्द्रमा धनु राशि में रहेंगे। सुबह 7:27 बजे से सुकर्मा योग और दोपहर 1:27 बजे से रवि योग का शुभ संयोग बनेगा, जो 28 अक्टूबर को दोपहर 3:45 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य एस. एस. नागपाल के अनुसार, 27 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6:13 बजे और सूर्यास्त शाम 5:27 बजे होगा। इसी समय महिलाएं डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगी।

अगले दिन यानी 28 अक्टूबर, मंगलवार को छठ महापर्व का समापन होगा, जब उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती अपना व्रत पूर्ण करेंगी। उस समय भी सूर्योदय सुबह 6:13 बजे ही होगा। मान्यता है कि उगते सूर्य को अर्घ्य देने से जीवन में सुख, शांति, संतान की समृद्धि और आरोग्यता की प्राप्ति होती है।

ये भी पढ़ें:कब है तुलसी विवाह? नोट कर लें डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi
योगेश जोशी हिंदुस्तान डिजिटल में सीनियर कंटेंट प्रड्यूसर हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मेहला गांव के रहने वाले हैं। पिछले छह सालों से पत्रकरिता कर रहे हैं। एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेश से जर्नलिज्म में स्नातक किया और उसके बाद 'अमर उजाला डिजिटल' से अपने करियर की शुरुआत की, जहां धर्म और अध्यात्म सेक्शन में काम किया।लाइव हिंदुस्तान में ज्योतिष और धर्म- अध्यात्म से जुड़ी हुई खबरें कवर करते हैं। पिछले तीन सालों से हिंदुस्तान डिजिटल में कार्यरत हैं। अध्यात्म के साथ ही प्रकृति में गहरी रुचि है जिस कारण भारत के विभिन्न मंदिरों का भ्रमण करते रहते हैं। और पढ़ें
जानें धर्म न्यूज़ ,Choti Diwali Wishes , Rashifal, Panchang , Numerology से जुडी खबरें हिंदी में हिंदुस्तान पर| हिंदू कैलेंडर से जानें शुभ तिथियां और बनाएं हर दिन को खास!