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Chhath mata aarti: पढ़ें छठ मैया की आरती, जय छठी मैया ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से….

Chhath mata aarti: पढ़ें छठ मैया की आरती, जय छठी मैया ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से….

संक्षेप:

Chhath Maiya Aarti in Hindi: बिहार की लोक-परंपरा में सूर्य षष्ठी में छठी मैया की पूजा से संबद्ध अनेक गीत तथा लोक-कथाएं प्रचलित हैं। यहां पढ़ें छठ माता की आरती।

Oct 27, 2025 12:29 pm ISTSaumya Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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Chhath Mata Aarti: हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पूजा का पर्व मनाया जाता है। छठ पूजा चार दिवसीय त्योहार है, जिसकी शुरुआत नहाय-खाय से होती है। दूसरे दिन खरना पूजन किया जाता है। तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं और चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करते हैं। इस बार छठ पूजा 27 अक्तूबर, सोमवार को है। छठ व्रत में भगवान सूर्य व छठ माता की पूजा का विधान है। व्रती भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ माता की विधि-विधान से आरती करते हैं। आप भी पढ़ें छठ माता की आरती यहां-

छठी मैया की आरती (Chhathi Maiya Ki Aarti)

जय छठी मैया ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।।

जय छठी मैया।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदिति होई ना सहाय।

ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए।।

जय छठी मैया।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।।

जय छठी मैया।

अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडरराए।।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।।

जय छठी मैया।

ऊ जे सुहनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।

शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए।।

जय छठी मैया

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।।

जय छठी मैया

ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए।

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

जय छठी मैया।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।

सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए।।

जय छठी मैया

मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।।

जय छठी मैया।

छठ व्रत से जुड़ी कथाएं: छठ व्रत की उत्पत्ति के संबंध में जनश्रुतियों, लोक परंपराओं और पुराणों में कई कथाएं प्रचलित हैं। द्रौपदी, सुकन्या और नागकन्याओं द्वारा छठ व्रत करने की कथाएं प्रचलित हैं। भविष्योत्तर-पुराण के अनुसार जब पांडव जुआ में हारकर वनवास काल व्यतीत कर रहे थे। तब वे भाइयों के भरण-पोषण के लिए चिंतित थे। इसी बीच 80 हजार मुनि उनके आश्रम में पधारे। उनके भोजन की चिंता में युधिष्ठिर अधिक घबरा उठे। तब द्रौपदी अपने पुरोहित धौम्य ऋषि से इसका समाधान पूछने लगी। धौम्य ऋषि ने उन्हें भगवान सूर्य का व्रत रवि-षष्ठी करने का निर्देश दिया। इसे प्राचीन काल में भी नागकन्या के उपदेश से सुकन्या ने किया था। महाभारत में भगवान सूर्य द्वारा द्रौपदी को अक्षय-पात्र देने का जो आख्यान है, उसी से इसे जोड़ा गया है।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
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