Lunar Eclipse: 3 मार्च को लगेगा चंद्र ग्रहण, होली से पहले लगने वाले इस पूर्ण चंद्रग्रहण से जुड़े सवालों के जवाब जानें
lunar eclipse visibile in india: भारत में यह ग्रहण दिखाई देगा, इसलिए एस्ट्रोनॉमर्स और स्काईवॉचर के लिए यह ग्रहण बहुत खास है। इस अनोखे खगोलीय घटना को आप नंगी आंखों से देख सकते हैं। अगर आप भारत में हैं और चंद्र ग्रहण को देखना चाहते हैं,

भारत में यह ग्रहण दिखाई देगा, इसलिए एस्ट्रोनॉमर्स और स्काईवॉचर के लिए यह ग्रहण बहुत खास है। इस अनोखे खगोलीय घटना को आप नंगी आंखों से देख सकते हैं। अगर आप भारत में हैं और चंद्र ग्रहण को देखना चाहते हैं, तो आपको बता दें कि आप इसकी टाइमिंग को लेकर सावधान रहें, क्योंकि भारत में चंद्र ग्रहण का फाइनल फेज ही दिखेगा।
क्या 3 मार्च 2026 का ग्रहण भारत में दिखाई दे रहा है?
यह ग्रहण यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, अटलांटिक हिंद महासागर, कनाडा, फिलीपींस, वियतनाम, ताइवान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश में आंशिक रूप से दृष्टिगोचर होगा। भारत के अलावा पाकिस्तान, अफगानिस्तान, न्यूजीलैंड, ईरान, ईराक, ऑस्ट्रेलिया, नार्थ अमेरिका, रूस, एशिया में यह पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।
चंद्र ग्रहण सूतक काल कब से लगेगा
आपको बता दें कि 3 मार्च को लगने वाले चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 9 बजे से लग जाएगा। सूतक के दौरान मंदिरों के पट बंद हो जाते हैं और पूजा आदि बंद कर दिया जाता है। सूतक ग्रहण लगने के 9 घंटे पूर्व प्रारंभ हो जाता है। यह ग्रहण भारत में चंद्रोदय के साथ ही घटित होता हुआ दिखाई देगा। चंद्रोदय जहां होता है तभी से उसका मान्या होता है।
क्या भारत में लगेगा चंद्र ग्रहण सूतक काल
हां इस ग्रहण का सूतक काल भारत में भी माना जाएगा। लोग इस समय में खास सावधानी बरतें, क्योंकि होली भी है और सूतक भी तो आपको खास ध्यान देना चाहिए।
चंद्र ग्रहण ग्रहण के दौरान क्या करें
ग्रहण काल के दौरान 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करते रहें, जिससे कारात्मकता का आप पर प्रभाव न पड़े। शाम को ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें और दान करें।
भारत में चंद्र ग्रहण कब दिखाई देगा?
ग्रहण का भोग काल 3 घंटा 27 मिनट है जो 3:20 से शुरू हो जाएगा। भागलपुर में 5:45 संध्या, वाराणसी में 5:59 संध्या, सूरत में 6:44 संध्या, सीकर में 6:31 संध्या, पूर्णिया में 5:45 संध्या, बेगूसराय में 5:46 होगा।हर जगह चंद्रोदय अलग-अलग होगा। चंद्रोदय के साथ ग्रहण लगा हुआ ही उदित होगा।
चंद्रग्रहण किस राशि और किस नक्षत्र में लग रहा है?
चंद्रग्रहण पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि के समय घटित हो रहा है। इसके कारण पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि वालों के लिए यह कष्टप्रद रहेगा, क्योंकि इस दिन चंद्रमा इसी राशि में रहेंगे।
रंगों वाली होली किस दिन खेली जाएगी?
3 मार्च को चंद्रग्रहण होगा, जो भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
ग्रहण दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
सूतक और ग्रहण के प्रभाव में रंग-गुलाल खेलना शुभ नहीं माना जाता, इसलिए 3 मार्च को रंगों की होली नहीं खेली जाएगी।
3 मार्च की शाम को ग्रहण समाप्त होने के बाद शुद्धिकरण और स्नान किया जाएगा।
इसके अगले दिन 4 मार्च को रंगों की होली का उत्सव मनाया जाएगा।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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