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Lunar Eclipse 2026: फरवरी में सूर्य ग्रहण, मार्चं में होली के दिन चंद्रग्रहण, जानें किसका सूतक लगेगा और कब से लगे

Lunar Eclipse 2026: फरवरी में सूर्य ग्रहण, मार्चं में होली के दिन चंद्रग्रहण, जानें किसका सूतक लगेगा और कब से लगे

संक्षेप:

chandra Grahan 2026 kab lagega, Lunar Eclipse 2026:अब से एक मइस साल 2026 के शुरू में दो ग्रहण लगने जा रहे हैं, पहला सूर्य ग्रहण और दूसरा चंद्रग्रहण नए साल का पहला सूर्य ग्रहण, 17 फरवरी 2026 को लगेगा। यह ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा

Jan 19, 2026 01:11 pm ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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अब से एक मइस साल 2026 के शुरू में दो ग्रहण लगने जा रहे हैं, पहला सूर्य ग्रहण और दूसरा चंद्रग्रहण। फाल्गुन मास में ये दोनों ग्रहण लगेंगे। इनमें फाल्गुन मास अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण और फाल्गुन मास पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगेगा। इस दिन होलिका दहन के अगला दिन है। अब दोनों ग्रहणों में यह जानना जरूरी है कि किस ग्रहण का सूतक लगेगा और भारत में इसका प्रभाव होगा। धार्मिक और ज्योतिषिय दृष्टि से कौन सा ग्रहण खास माना जाएगा।

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सबसे पहले जानते हैं सूर्य ग्रहण के बारे में
नए साल का पहला सूर्य ग्रहण, 17 फरवरी 2026 को लगेगा। यह ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे रिंग ऑफ फायर बोला जाता है। रिंग ऑफ फायर का नजारा बहुत खास होगा, क्योंकि ग्रहण के दौरान चंद्रमा, सूर्य के लगभग अधिकतम भाग को कवर कर लेगा। लेकिन सूर्य का बाहरी किनारा रह जाएगा, जो एक शाइन करती हुई अंगूठी की तरह नजर आएगा। इस तरह फरवरी में लगने वाला सूर्य ग्रहण बहुत खास रहेगा। लेकिन यह ग्रहण भारत में ना तो दिखेगा और ना इसका सूतक लगेगा।

मार्च वाला चंद्रग्रहण क्यों है खास

इस बार 3 मार्च में चंद्र ग्रहण लगेगा। होलिका दहन के दूसरे दिन धुलंडी पर 3 मार्च को खग्रास चंद्र ग्रहण लग रहा है। ग्रहण धुलंडी को दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा। सूर्य और चंद्र ग्रहण दोनों के होने पर मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहण काल में न तो शुभ-मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं और न ही और न ही देवी-देवताओं की पूजा की पूजा होती है। इस दौरान जाप और दान किए जा सकते हैं। होल धुलंडी के बाद रंग अगले दिन ग्रहण के कारण खेला नहीं जा पाएगा। अगले दिन रंग खेला जाएगा।

3:27 घंटे का होगा चंद्रग्रहण

इस साल 3 मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारत में दिखेगा। इसका सूतक काल भारत में माना जाएगा। ये भारत के पश्चिम भाग के कुछ हिस्सों को छोड़कर अधिकतर जगह दिखेगा। यह ग्रहण दोपहर 3:20 से शाम 5:33 बजे तक लगेगा, इसलिए ग्रहहण लगा हुआ चंद्रोदय दिखाई देगा। अरूणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड व मणिपुर के कुछ भाग जहां चंद्रोदय शाम 5:33 बजे से पहले दिखाई देगा। इस ग्रहण का सूतक काल माना जाएगा। आपको बता दें कि चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले लग जाता है, इसलिए 3 मार्च को सुबह से सूतक काल लग जाएगा। ग्रहण का सूतक सूर्योदय के साथ सुबह 6:53 बजे से शुरू हो जाएगा।

नए साल में 4 ग्रहण : नए साल 2026 में कुल 4 ग्रहण लगेंगे। इनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे। खास बात यह है कि इनमें से सिर्फ एक 3 मार्च को लगने वाला चंद्र ग्रहण ही भारत में दिखाई देगा।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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