आज चंद्रग्रहण होने वाला है शुरू, किन कामों को करने से बचना चाहिए
Chandra Grahan 3 March 2026: टैरो कार्ड रीडर और क्रिस्टल हीलर किशोरी सूद के अनुसार हमें ब्लड मून पर थोड़ा संभलकर रहना होगा। उनके अनुसार यह मुक्ति, परिवर्तन और तीव्र बदलाव का समय ह।

इस बार होलिका दहन 2 मार्च को होगा, होलिका दहन के दूसरे दिन 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है। इस बार 2 मार्च को होलिका दहन, जबकि 4 मार्च को रंगों का त्योहार मनाया जाएगा। 3 मार्च की सुबह 6.20 बजे से ही चंद्रग्रहण का सूतक काल शुरू हो जाएगा। सूतक काल के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते। वहीं, मंदिरों के कपाट भी बंद रहेंगे। होलिका पूजन और रंगोत्सव के बीच एक दिन का अंतर रहेगा। पुरोहित विपिन झा ने बताया कि 2 मार्च को होलिका दहन होगा। टैरो कार्ड रीडर और क्रिस्टल हीलर किशोरी सूद के अनुसार हमें ब्लड मून पर थोड़ा संभलकर रहना होगा। उनके अनुसार यह मुक्ति, परिवर्तन और तीव्र बदलाव का समय ह। इस समय मेनिफेस्टेशन नहीं करना चाहिए। इस तीव्र एनर्जी के कारण, वे ग्रहण की एनर्जी शांत होने तक कुछ बातों को ना करने की सलाह दी जाती है।
2 मार्च को भद्रा रात 1.27 बजे तक रहेगा, इसके बाद ही होलिका दहन किया जाएगा। वहीं, 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है, जिसका सूतक सुबह 6.09 बजे शुरू हो जाएगा। इसकी समाप्ति शाम साढ़े छह बजे होगी। शाम को समाप्ति के बाद लोग स्नानादि कर साफ कपड़े पहन कर पूजा करेंगे और होली का त्योहार 4 मार्च को मनाया जाएगा। चंद्र ग्रहण का समय 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह एक आंशिक चंद्रग्रहण होगा, जिसे भारत में देखा जाएगा।
इस समय लाइफ के बड़े फैसले ना लें
इस समय लाइफ के बड़े फैसले ना लें, कोशिश करें कि इस समय आपकी लाइफ में अगर कुछ नया होने वाला है, तो आपको अपने जजमेंट को फिलहाल रोक लेना चाहिए। आपको अभी के समय में किसीभी तरह के फैसले पर रोक लगानी चाहिए। अपने आपको 48 से 72 घंटे का समय दें। इमोशनली और ईगो में आकर फैसलों को लेने से बचें?
इस समय किसी से भी बहस ना करें और संघर्ष में ना पड़े
आपको बता दें कि इस फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण लग रहा है, ऐसे में आपको किसी भी तरह की बहस से इस समय बचना है। आपके लिए जरूरी है कि आप किसी भी लड़ाई में ना पड़ें और आसानी से बाहर निकल आएं। आपको साइलेंस रहना है और अगर कोई तीखी नोकझोंक हो रही है, तो आप बेकार के इमोशनल कमेंट ना करें।
इस समय मेनिफेस्टेशन से बचें
अधिकतर लोग पूर्णिमा में मेनिफेस्टेशन करते हैं, अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो फिलहाल इसे रोक दें। दरअसल जब ग्रहण अलग होता है तो मेनिफेस्टेशन को कम करना चाहिए। इस दौरान एनर्जी अस्थिर होती है और इस समय कुछ बड़ा जाहिर करने की कोशिश के बाद में भ्रम याहो सकते हैं। बेहतर यही है कि एनर्जी के इस समय नॉर्मल होने का इंतजार करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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