चंद्र ग्रहण: 28 अगस्त को ढक जाएगा चंद्रमा का 96% भाग, क्या भारत दिखेगा 'ब्लड मून' का दुर्लभ नजारा?

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28 august ko chandra grahan: 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण बहुत खास रहने वाला है। इस दिन आसमान में गहरा लाल रंग का चंद्रमा चमकता हुआ नजर आएगा। जानें क्या भारत में दिखेगा चंद्र ग्रहण?

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चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को भारत में दिखेगा या नहीं

28 august ko chandra grahan kab se kab tak hai: पूर्ण सूर्य ग्रहण के बाद अब खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों को 28 अगस्त 2026 को लगने वाले चंद्र ग्रहण का इंतजार है। इस दिन श्रावण पूर्णिमा है। इस दिन रक्षा बंधन का त्योहार भी मनाया जाएगा। चंद्र ग्रहण के दिन आसमान में लाल रंग का गहरा चमकता हुआ चांद नजर आएगा, जिसे ब्लड मून कहा जाता है। यह साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण है। चंद्र ग्रहण के दौरान धीरे-धीरे पृथ्वी की गहरी छाया (अम्ब्रा) चंद्रमा का लगभग 93 से 96 प्रतिशत तक हिस्सा ढक लेगी। इस वजह से चंद्रमा पूरी तरह से काला दिखने के बजाए गहरे तांबे जैसे लाल रंग का नजर आएगा। इस घटना को ब्लड मून कहा जाता है। यह एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। इसके पहले इस तरह का चंद्र ग्रहण 18 सितंबर 2024 को लगा था। अब लोगों के मन में सवाल है कि क्या यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखेगा, किस समय शुरू होगा और कब खत्म होगा और इसका सूतक काल मान्य होगा या नहीं। जानें चंद्र ग्रहण से जुड़ी जरूरी बातें।

भारत में चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को कब लगेगा?

खगोलीय वैज्ञानिकों के अनुसार, 28 अगस्त को ग्रहण सुबह 06 बजकर 53 मिनट से शुरू होगा और दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगा। चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 05 घंटे 39 मिनट की है। भारतीय समयानुसार सुबह लगभग 09:42 बजे चरम पर होगा।

क्या चंद्र ग्रहण भारत में दिखेगा:

28 अगस्त को लगने वाला आंशिक चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। क्यों कि इस समय चंद्रमा क्षितिज से नीचे होगा। भारत में दृश्य नहीं होने के कारण यहां इसका कोई धार्मिक या सूतक प्रभाव मान्य नहीं होगा।

चंद्र ग्रहण का सूतक काल:

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल 09 घंटे पहले से लग जाता है और यह ग्रहण के मोक्ष (समाप्ति) के साथ खत्म होता है। हालांकि 28 अगस्त को लगने वाला ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए सूतक नियम भी मान्य नहीं होंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जहां चंद्र ग्रहण दिखता है, वहां सूतक काल के नियम मान्य होते हैं। सूतक काल आरंभ होने के बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान देवी-देवताओं की मूर्तियों या प्रतिमाओं को स्पर्श और शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है।

चंद्र ग्रहण कहां-कहां दिखेगा:

यह चंद्र ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। उत्तर और दक्षिण अमेरिका के अंधिकाश भाग, यूरोप, अफ्रीका के कुछ हिस्सों, प्रशांत अटलांटिक और हिंद महासागर के क्षेत्र में नजर आएगा।

क्या रक्षा बंधन का त्योहार मनाने में रहेगी बाधा:

रक्षा बंधन के दिन लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। भारत में नहीं दिखने के कारण इसका कोई प्रभाव नहीं होगा। ग्रहण का प्रभाव नहीं होने के कारण रक्षा बंधन पर राखी बांधने में किसी तरह की कोई बाधा नहीं आएगी। पूरे दिन राखी का त्योहार मनाया जा सकेगा।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

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