Chandra Grahan 2026: कुंडली में चंद्रमा है कमजोर, तो चंद्र ग्रहण के वक्त करें ये उपाय, प्रभाव होगा कम
Chandra Grahan 2026 Upaay: ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण को न सिर्फ एक खलोगीय घटना माना जाता है, बल्कि इसका व्यक्ति के जीवन, मन और भावनाओं से भी जुड़ा हुआ होता है।ग्रहण को ज्योतिष और धर्म में अशुभ माना जाता है। ऐसे में जिनकी कुंडली में चंद्र कमजोर हो, उन पर चंद्र ग्रहण का अधिक प्रभाव पड़ता है।

ज्योतिष गणना के मुताबिक ग्रह-नक्षत्रों का व्यक्ति के जीवन में काफी प्रभाव पड़ता है। यह प्रभाव शुभ और अशुभ दोनों ही होता है। लेकिन आज हम चंद्रमा ग्रह की बात करेंगे। क्योंकि मार्च 2026 की शुरुआत में चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्रों के मुताबिक चंद्रमा ग्रह को मन का कारक माना जाता है। मान्यता है कि किसी भी व्यक्ति की कुंडली में यदि चंद्र दोष है या भी चंद्रमा कमजोर स्थिति में है, तो इसका बुरा असर व्यक्ति के मानसिक तनाव, करियर और पारिवारिक जीवन पर पड़ सकता है। ऐसे में कुंडली में चंद्रमा के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। कुछ उपाय चंद्र ग्रहण के दौरान भी किए जाते हैं। चलिए जानते हैं कि जिनकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर स्थिति में है, तो उन्हें कौन से उपाय करने चाहिए।
चंद्र ग्रहण का प्रभाव
सबसे पहले आपको बता दें कि साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। भारत में इस चंद्र ग्रहण को देखा जा सकेगा। इस चंद्र ग्रहण पर चांद का रंग लालिमा लिए होगा, जिसे बल्ड मून के नाम से जाना जाता है। यह ग्रहण भारत में आंशिक रूप से दिखाई देगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल मान्य रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण को न सिर्फ एक खलोगीय घटना माना जाता है, बल्कि इसका व्यक्ति के जीवन, मन और भावनाओं से भी जुड़ा हुआ होता है।ग्रहण को ज्योतिष और धर्म में अशुभ माना जाता है। ऐसे में जिनकी कुंडली में चंद्र कमजोर हो, उन पर चंद्र ग्रहण का अधिक प्रभाव पड़ता है।
चंद्र दोष के लक्षण
कुंडली चंद्रमा के कमजोर होने पर मानसिक अस्थिरता भावनात्मक उतार-चढ़ाव अधिक होता है। इसके अलावा सेहत संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। जैसे- सर्दी-जुकाम, ब्लड प्रेशर से जुड़ी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। चंद्र दोष में इंसान का स्वभाव परिवर्तन होने लगता है।जातक कभी-कभी अवसाद का शिकार हो जाता है। चंद्र दोष में नींद की कमी होती है। किसी भी निर्णय लेने में कठिनाई होती है।
चंद्र ग्रहण के वक्त करें ये उपाय
अगर आप चंद्र ग्रहण पर कुंडली में चंद्र ग्रह के बुरे प्रभावों को कम करना चाहते हैं, तो चंद्र ग्रहण के दौरान आप कुछ खास उपाय कर सकते हैं।
- चंद्र दोष से पीड़ित जातकों को चंद्र ग्रहण के दौरान “ॐ चन्द्राय नमः” मंत्र का जाप करना शुभ होता है।
- चंद्र ग्रहण के बाद स्नान करें और चंद्रमा को जल अर्पित करें।
- इससे अलावा ग्रहण के बाद सफेद वस्तुएं जैसे- दूध, चावल, सफेद वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है।
- ग्रहण समाप्त होने के बाद माता के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेने से भी चंद्रमा के बुरे प्रभावों से बच सकते हैं।
- अगर आप तांबे के लोटे में पानी डालकर किसी पेड़ की जड़ में डालते हैं तो इससे भी चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है।
अन्य उपाय
- माथे, जीभ और नाभि पर रोजाना केसर का तिलक लगाएं। इससे गुरु मजबूत होता है जो चंद्रमा को सहारा देता है।
- अपने पास हमेशा चांदी का एक छोटा सा चौकोर टुकड़ा रखें। यह चंद्रमा को स्थिरता देता है।
- एक तांबे के लौटे में पानी भरकर उसे अपने सिरहाने रखकर सोएं और सुबह उसे किसी कीकर के पेड़ की जड़ में डाल दें।
मोती धारण करें
चंद्र ग्रहण के अलावा भी आप कई ऐसे उपाय कर सकते हैं, जिससे कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत हो सकती है। कमजोर चंद्रमा को मजबूत करने के लिए मोती धारण करना बहुत प्रभावी उपाय है। इसे चांदी की अंगूठी में जड़वाकर शुक्ल पक्ष के सोमवार को पहनना चाहिए, लेकिन मोती धारण करने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह जरूर लें।
चंद्रमा के मजबूत होने से लाभ
ज्योतिषियों के मुताबिक कुंडली में चंद्रमा मजबूत होने से जातक को जीवन में सभी प्रकार के शुभ कामों में सफलता मिलती है। साथ ही माता जी के साथ संबंध मधुर रहते हैं। उनकी सेहत भी अच्छी रहती है। मानसिक तनाव कम होता है। सोमवार के दिन शिवजी की विधिवत रूप से पूजा करने से भी चंद्रमा मजबूत होता है।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
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