Lunar Eclipse Impact: सुबह 9:43 बजे अपने पीक पर होगा चंद्र ग्रहण, जान लें देश-दुनिया पर असर?

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

Chandra Grahan ka effect: चंद्र ग्रहण का धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों महत्व है। 28 अगस्त का ग्रहण आंशिक चंद्रग्रहण है। इस ग्रहण की शुरुआत भारत में हो चुकी है और अपने पीक पर सुबह 09 बजकर 43 बजे होगा। जानें इस ग्रहण का प्रभाव।

chandra grahan peak time in india
चंद्र ग्रहण भारत में कितने बजे अपने चरम पर होगा?

Chandra Grahan Peak Time 2026 in India: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आज 28 अगस्त को सुबह 06 बजकर 53 मिनट पर लग गया है। इस समय ग्रहण का उपछाया स्पर्श था यानी जिस समय ग्रहण प्रारंभ होता है। सुबह 08 बजकर 04 मिनट पर ग्रहण आंशिक तौर पर प्रारंभ हुआ। अब 09 बजकर 43 मिनट पर भारत में यह चंद्र ग्रहण अपने चरम पर रहेगा। इस ग्रहण का समापन सुबह 11 बजकर 21 मिनट पर होगा। लेकिन पूर्ण रूप से ग्रहण का प्रभाव दोपहर 12 बजकर 32 मिनट के आसपास होगा। यह ग्रहण शनि की कुंभ राशि और राहु के शतभिषा नक्षत्र में लगा है। खास बात यह है कि इस ग्रहण से ठीक 2 हफ्ते पहले साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगा था। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब दो ग्रहण कम समय सीमा में लगते हैं, तो इनका देश-दुनिया पर अधिक प्रभाव पड़ता है। आइए जानते हैं कि क्या यह ग्रहण भारत में दिखेगा और इस ग्रहण का देश-दुनिया पर क्या असर रहेगा।

28 अगस्त के चंद्र ग्रहण में छिपेगा चंद्रमा का 96% हिस्सा:

28 अगस्त का ग्रहण एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण है। जिसमें चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया (उम्ब्रा) में आ जाएगा। जिसके कारण चंद्रमा काला नहीं दिखकर तांबे की तरह लाल चमकता हुआ नजर आएगा। यह घटना लगभग ब्लड मून के समान होती है। चंद्रमा का कुछ भाग पृथ्वी की गहरा छाया में जाने से रह जाएगा इसलिए यह पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं होगा।

चंद्र ग्रहण भारत में दिखेगा या नहीं:

यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। दरअसल जिस समय यह ग्रहण लगा है, उस समय चंद्रमा क्षितिज से नीचे हैं। देश में ग्रहण की दृश्यता नहीं होने के कारण इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। सूतक काल नहीं लगने के कारण इस ग्रहण का प्रभाव रक्षा बंधन पर नहीं पड़ेगा। ग्रहण में भी बिना किसी बाधा के राखी बांधी जा सकेगी।

चंद्र ग्रहण का देश-दुनिया पर क्या असर रहेगा:

पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, कुंभ राशि वायु तत्व से संबंधित है। इस राशि में ग्रहण को तूफान, आंधी और चक्रवात जैसी घटनाओं के संकेत से जोड़कर देखा गया है। यह एक स्थिर राशि है, जिसके कारण पृथ्वी और पर्वतीय क्षेत्रों में असंतुलन, भूकंप और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं की आशंका से भी इसका संबंध है। हालांकि इन्हें सिर्फ ज्योतिषीय मान्यताओं के रूप में ही लिया जाना चाहिए। इन्हें वैज्ञानिक मौसम या आपदा का पुर्वानुमान नहीं माना जा सकता है।

किस राशि पर चंद्र ग्रहण का ज्यादा असर रहेगा:

पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि सिंह, कर्क और कुंभ राशि पर चंद्र ग्रहण का ज्यादा असर रहेगा। ग्रहण का प्रभाव हमेशा नकारात्मक ही रहता है, इसलिए इन राशि वालों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। पंडित के मुताबिक ग्रहण का प्रभाव किसी भी राशि में 15-30 दिनों तक रहता है। इसलिए इन राशि वालों धन, करियर, परिवार और व्यवसाय के मामले में एक महीने तक सावधान रहना चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान

और पढ़ें
जानें Sawan 2026, Rashifal और Panchang की सटीक जानकारी। रोजाना पूजा-पाठ के लिए पढ़ें Shiv Chalisa, Shiv Aarti, Shiv Mahamrityunjaya Mantra, Shiv Stuti, Hanuman Chalisa और Bajrang Baan
Hindi Newsधर्म न्यूज़कुछ ही देर में अपने पीक पर होगा चंद्र ग्रहण, जान लें देश-दुनिया पर इसका प्रभाव