Chandra Grahan 2026 kab lagega: चंद्रग्रहण के कारण होली के बीच एक दिन खाली, जानें ग्रहण का सूतक, मंदिर कब से होंगे बंद

Feb 19, 2026 11:23 am ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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chandra grahan 2026 date and time:ग्रहण के मोक्ष  से 9 घंटे पहले  सूतक काल  को शुरू माना जाता है। इसमें शहर के सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। आइए जानें इस चंद्र ग्रहण के बारे में

Chandra Grahan 2026 kab lagega: चंद्रग्रहण के कारण होली के बीच एक दिन खाली, जानें ग्रहण का सूतक, मंदिर कब से होंगे बंद

वसुधैव कुटुंबकम की भावना से ओतप्रोत भारतीय समाज अपने अंदर आपसी भाईचारे की भावना को भावना को धारण करते हुए अबीर, गुलाल लगाकर तथा रंगों से सराबोर करके पुराने नकारात्मक विचारों को दूर करने के लिए वर्ष के श्रेष्ठ दिन रंगों का त्योहार होली मनाया जाता है। चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा को मनाई जाती है। व्रत के लिए पूर्णिमा का मान 2 मार्च दिन सोमवार को होगा । क्योंकि 2 मार्च को ही सायं में 5:15 बजे से पूर्णिमा तिथि आरंभ हो जाएगी । जो 3 मार्च को दोपहर बाद दिन में 4:33 बजे ही समाप्त भी हो जाएगी। ऐसे में उदय कालिक पूर्णिमा तिथि 3 मार्च दिन मंगलवार को प्राप्त हो रही है परंतु चंद्रोदय से पूर्व ही पूर्णिमा समाप्त हो जा रही है इस प्रकार व्रत के लिए पूर्णिमा तिथि 2 मार्च दिन सोमवार को प्राप्त हो रही है तथा स्नान दान के लिए पूर्णिमा तिथि 3 मार्च दिन मंगलवार को प्राप्त हो रही है।

कब होगा होलिका दहन, भद्रा का समय भी जानें

3 मार्च को ग्रस्तोदित खंडग्रास चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। यह चंद्र ग्रहण भारत में दृश्य है साथ ही यह चंद्र ग्रहण भारत भूमि में सायं 6:00 बजे से दृश्य होगा तथा सायं 6:48 बजे मोक्ष हो जाएगा। यह चंद्र ग्रहण पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र तथा सिंह राशि में लगेगा चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण आरंभ होने से 9 घंटे पूर्व लग जाता है। शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन पूर्णिमा तिथि में भद्रा के अनुपस्थिति में किया जाता है। परंतु इस वर्ष मृत्युलोक की भद्रा पूर्णिमा के आरंभ के साथ ही अर्थात 2 मार्च दिन सोमवार को सायं काल 5:18 बजे से भद्रा लग जाएगी, जो रात रात्रि शेष 4:56 बजे तक रहेगी । यद्यपि कि भद्रा में होलिका दहन का कार्य नहीं किया जाता है परंतु इस वर्ष भद्रा मुख का परित्याग कर भद्रा के पुच्छ में रात 12:50 बजे से पूर्व होलिका का दहन कर लिया जाएगा।

कब रहेगी स्नान और दान की पूर्णिमा

स्नान दान के लिए पूर्णिमा 3 मार्च दिन मंगलवार को होगा 3 मार्च को सायं काल 6:00 बजे से लेकर 6:48 तक ग्रस्तोदित खंड ग्रास चंद्र ग्रहण लगने के कारण होलिका से संबंधित कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा। क्योंकि ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से 9 घंटे पूर्व लग जाएगा। अतः 3 मार्च को होली नहीं खेली जाएगी। चंद्र ग्रहण के कारण होलिका दहन के एक दिन को खाली छोड़ा गया है। इस दिन सुबह सूतक काल से पहले पूर्णिमा का दान किया जा सकता है। परंपरा अनुसार चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा को रंग की होली खेली जाती है इस प्रकार पूरे भारतवर्ष में 4 मार्च दिन बुधवार को होली खेली जाएगी।

सूतक कब से लगेंगे और मंदिर कब

चंद्र ग्रहण के मोक्ष से 9 घंटे पहले सूतक काल को शुरू माना जाता है। इस साल 3 मार्च को चंद्रग्रहण शाम को लगेगा, इसलिए सुबह 9 बजे से ही सूतक लग जाएगा। सुबह 9 बजे शहर के सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। शाम 6:47 बजे ग्रहण खत्म होने के बाद सभी मंदिरों की धुलाई और शुद्धिकरण होगा, इसके बाद ही पट खुलेंगे और आरती होगी। सूतक काल में मूर्ति स्पर्श, पूजा-पाठ और भोजन पकाना/खाना वर्जित माना गया है।

ज्योतिर्विद पंडित दिवाकर त्रिपाठी के सौजन्य से

Anuradha Pandey

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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