चंद्रमा के कन्या राशि गोचर से राहु-केतु का मायाजाल टूटेगा, मुक्त होंगे 5 बड़े ग्रह, किस राशि के लिए लाभ?
chandra gochar 2026, kanya Rashi: चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करने वाले हैं, इससे राहु केतु के घेरे से 5 बड़े ग्रह बाहर हो जाएंगे। इससे कई राशियों के लिए लाभ के योग बनेंगे।

chandra gochar 2026, kanya Rashi: चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करने वाले हैं,आपको बता दें कि अभी तक 5 बड़े ग्रह राहु केतु के बीच में फंसे थे, लेकिन अब जल्द ही ये ग्रह राहु-केतु के घेरे से बाहर हो जाएंगे। दरअसल अभी चंद्रमा सिंह राशि में हैं और 18 जलाई को चंद्रमा कन्या राशि में आएंगे। इससे राहु केतु का घेरा टूटेगा और कई राशियों के लिए अच्छे योग बनेंगे। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो इस स्थिति में इन ग्रहों का असर एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि व्यापक देश में होता है। इससे राजनीति, व्यापार, मौसम और सामाजिक घटनाक्रम भी बदलता है। हालांकि इन प्रभावों को पारंपरिक ज्योतिषीय आकलन माना जाता है, इनका वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। आइए जानते हैं राहु-केतु का घेरा क्या है?
क्या बड़े परिवर्तन
जुलाई का महीना इस बार दुर्लभ ग्रह संयोगों के कारण ज्योतिष जगत में विशेष महत्व रखता है। चार जुलाई से 18 जुलाई तक सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि सहित सातों प्रमुख ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित रहेंगे। इसी दौरान पांच बड़े ग्रह परिवर्तन भी होंगे, जिनमें देवगुरु बृहस्पति का अस्त होना, सूर्य का राशि परिवर्तन और शनि का वक्री होना प्रमुख है।
अभी तक क्या है ग्रहों की स्थिति
जुलाई में बुध का मिथुन राशि में गोचर हो गया है। इसके अलावा देवगुरु बृहस्पति अस्त हो गएहैं। सूर्य भी कर्क राशि में आ गए हैं। अब सबसे बड़ा परिवर्तन शनि का वक्री होना है। शनि 27 जुलाई को वक्री होंगे। वहीं बुध मार्गी 24 जुलाई को होंगे। इस प्रकार जुलाई का तीसरा और चौथा वीक भी बहुत खास रहेगा।
क्या है राहु-केतु का मायाजल?
जब ये ग्रह राहु केतु के मायाजाल में फंसते हैं तो इससे ग्रह कमजोर हो जाते हैं और राशियों को शुभ असर नहीं दे पाते हैं।इससे कई राशियों के लिए दिक्कतें आती हैं। कई राशियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आपको बता दें कि सभी 12 राशियों का एक पूर्ण चक्र होता है।इसका अर्धचक्र 180 डिग्री होता है। इसमें कुल 6 राशियां होती हैं। इस आधे चक्र में अगर सभी ग्रह एक साथ आकर बैठ जाएं तो वो राहु केतु में फंस जाते हैं। क्योंकि सूर्य अभी कर्क राशि में हैं, मंगल वृषभ, राहु कुंभ में, केतु सिंह में और शुक्र भी सिंह में और शनि मीन में इस तरह ये सभी ग्रह राहु केतु के बीच में फंसे हैं। अब 18 जुलाई को जब चंद्र सिंह राशि से कन्या राशि में जाते हैं तो राहु केतु का मायाजाल टूटेगा।
किन राशियों के लिए लाभ के योग?
कर्क राशि में जाने से आपके लिए अच्छे योग बनेंगे। आपकी राशि के लिए इस घेर से बाहर आने से तनाव कम होगा। आप अफने एरिया में अच्छी पर्फोर्मेंस दे पाएंगे। इमोशनली आपके फैसले अच्छे होंगे। मिथुन राशि के लिए फैसले सही होंगे, क्योंकि आप राहु केतु के भ्रम से बाहर निकलेंगे। आपके लिए चीजें बैलेंस होंगी, इससे करियर में लाभ होगा, निवेश भी बेहतर होगा। मीव राशि के लिए आपने अनुशासन से अगर काम किया हैं तो इस मायाजाल के टूटने के बाद आप अच्छा महूसस करेंगे।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय और अनुभव
अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर
अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।
विजन
अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।
विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र
कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।
विशेषज्ञता
कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां


