चाणक्य नीति: जीवनभर इन लोगों से बनाकर रखें दूरी, गलती से भी ना करें भरोसा

Feb 24, 2026 09:11 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
share

चाणक्य नीति हमें सिखाता है कि जीवन में हर किसी पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। विश्वास धीरे-धीरे और व्यवहार देखकर बनाना चाहिए। सच्चा विश्वास वही है जो परीक्षा से गुजरा हो। जीवन में सतर्कता और विवेक ही सबसे बड़ा रक्षक है।

चाणक्य नीति: जीवनभर इन लोगों से बनाकर रखें दूरी, गलती से भी ना करें भरोसा

चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य ने जीवन के व्यावहारिक नियम बहुत स्पष्ट और कठोर शब्दों में बताए हैं। एक प्रसिद्ध श्लोक में वे कहते हैं:

नखीनां च नदीनां च शृंगीणां शस्त्रपाणिनाम्।

विश्वासो नैव कर्तव्यो स्त्रीषु राजकुलेषु च ।।

अर्थात् – नख वाले (जानवर), नदी, सींग वाले (जानवर), शस्त्र धारण करने वाले, स्त्रियों और राजकुल (राजपरिवार) के लोगों पर कभी भी पूर्ण विश्वास नहीं करना चाहिए। यह श्लोक हमें सावधान करता है कि कुछ लोग या स्थितियां स्वभाव से ही अप्रत्याशित और खतरनाक हो सकती हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि चाणक्य जी ने इन तीन मुख्य श्रेणियों में किस तरह के लोगों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

1. नखी और शृंगी (नख वाले और सींग वाले जीव)

चाणक्य जी का पहला संकेत जंगली या खतरनाक जीवों की ओर है। नख वाले (शेर, बाघ, चीता) और सींग वाले (सांड, भैंसा, हिरण) जीव स्वभाव से ही हिंसक होते हैं। इन पर भरोसा करने का मतलब है खुद को खतरे में डालना। यह श्लोक हमें सिखाता है कि स्वभाव से हिंसक या अप्रत्याशित लोगों से भी दूरी बनाए रखनी चाहिए। ऐसे लोग छोटी बात पर उग्र हो सकते हैं और विश्वासघात कर सकते हैं। जीवन में ऐसे लोगों से भावनात्मक या आर्थिक रूप से जुड़ने से पहले उनकी प्रकृति को अच्छी तरह परख लें।

2. शस्त्रपाणि (हथियार धारण करने वाले)

दूसरा संकेत उन लोगों की ओर है जो शस्त्र (हथियार) लिए रहते हैं। यह केवल शाब्दिक हथियार नहीं, बल्कि शक्ति, प्रभाव या क्रोध का हथियार रखने वाले लोगों पर भी लागू होता है। ऐसे लोग जरूरत पड़ने पर बिना सोचे हिंसा या धोखा कर सकते हैं। चाणक्य जी कहते हैं कि इन पर कभी पूर्ण विश्वास न करें। आज के समय में यह उन लोगों पर लागू होता है जो हमेशा ताकत, प्रभाव या धमकी के बल पर काम करते हैं। इनसे व्यवहारिक दूरी रखें और जरूरत पड़ने पर ही सीमित संबंध बनाए रखें।

3. स्त्री और राजकुल (स्त्रियां और राजपरिवार)

चाणक्य जी का तीसरा संकेत स्त्रियों और राजकुल (शक्तिशाली या प्रभावशाली परिवार) के लोगों की ओर है। इसका अर्थ यह नहीं कि स्त्रियों पर कभी विश्वास ना करें, बल्कि यह संकेत है कि भावनाओं में बहकर अंधा विश्वास ना करें। स्त्रियों में भावुकता, रहस्य और अप्रत्याशित निर्णय की क्षमता हो सकती है। इसी तरह राजकुल या उच्च पदस्थ लोग अपने स्वार्थ में किसी को भी धोखा दे सकते हैं। चाणक्य जी सलाह देते हैं कि इनसे संबंध व्यावहारिक और सतर्क रहें। पूर्ण भरोसा करने से पहले उनकी मंशा और स्वभाव को अच्छी तरह समझ लें।

चाणक्य नीति का जीवन में व्यावहारिक उपयोग

यह श्लोक हमें सिखाता है कि जीवन में हर किसी पर अंधविश्वास नहीं करना चाहिए। विश्वास धीरे-धीरे और व्यवहार देखकर बनाना चाहिए। चाणक्य जी का उद्देश्य हमें सतर्क और बुद्धिमान बनाना है, ना कि किसी के प्रति द्वेष पैदा करना। आज के समय में यह नियम व्यापार, रिश्तों और दोस्ती में बहुत उपयोगी है। जहां जरूरी हो वहां दूरी बनाकर रखें, ताकि जीवन में धोखा, हानि या मानसिक पीड़ा से बचा जा सके।

चाणक्य नीति का यह श्लोक आज भी उतना ही प्रासंगिक है। यह हमें याद दिलाता है कि सच्चा विश्वास वही है जो परीक्षा से गुजरा हो। जीवन में सतर्कता और विवेक ही सबसे बड़ा रक्षक है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

लेखक के बारे में

Navaneet Rathaur

संक्षिप्त विवरण

नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


विस्तृत बायो परिचय और अनुभव

डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise)

अंक ज्योतिष
हस्तरेखा विज्ञान
वास्तु शास्त्र
वैदिक ज्योतिष

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!