Durga Ashtami 2026: कल है चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी, ना करें ये 10 गलतियां, सातवीं वाली तो बिल्कुल भी नहीं
Maha Ashtami 2026 Mistakes: कल यानी 26 मार्च को चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी है। इस दिन कई लोग कन्या पूजन करते हैं। इस दिन कुछ गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। आइए जानते हैं कि आखिर इस दिन किन चीजों का ध्यान रखना है?

Durga Ashtami 2026: चैत्र नवरात्रि की दुर्गा अष्टमी का विशेष महत्व होता है। हिंदू धर्म में नवरात्रि की अष्टमी और नवमी दोनों ही महत्वपूर्ण तिथियां मानी जाती है। बात करें दुर्गा अष्टमी की तो इसे महाअष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें अवतार महागौरी के स्वरूप की आराधना की जाती है। मान्यता है कि महाअष्टमी पर मां दुर्गा की सच्चे भाव और पूरी श्रद्धा के साथ पूजा करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही घर में फैली हुई नकारात्मक ऊर्जा भी दूर हो जाती है। महाअष्टमी पर ही कई लोग कन्या पूजन भी करते हैं।
इस दौरान छोटी-छोटी कन्याओं को दुर्गा मां के स्वरूप में पूजकर भोजन करवाया जाता है। इस खास दिन पर मां दुर्गा को भोग लगाकर और मंत्रों के साथ पूजा करने से मां दुर्गा सारी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। हालांकि इस दौरान विधि-विधान से सारे काम को करने की जरूरत होती है। वहीं ध्यान रखना चाहिए कि कहीं पर कोई भी गलती ना हो। मान्यता है कि अगर पूजा में भूलचूक होती है तो मां नाराज होती हैं।
दुर्गा अष्टमी पर ना करें ये 10 गलतियां
1. दुर्गा अष्टमी पर कपड़े का रंग
दुर्गा अष्टमी के दिन कपड़ों के रंग का विशेष ध्यान रखना चाहिए। नियम के अनुसार इस दिन नीले रंग के कपड़े नहीं पहनना चाहिए। वहीं इस दिन काले रंग के कपड़े भी पहनना अवॉइड ही करना चाहिए।
2. देर तक ना सोएं
दुर्गा अष्टमी पर देर तक नहीं सोना चाहिए। इस दिन सूर्योदय से पहले ही स्नान करके साफ-सुथरे कपड़े पहन लेना चाहिए और शुभ मुहूर्त में ही पूजा भी शुरु कर देनी चाहिए।
3. हवन में ना करें हड़बड़ी
जो लोग नवरात्रि के पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं, उन्हें बिना हवन के बाहर नहीं जाना चाहिए। हवन करते वक्त हड़बड़ी नहीं करनी चाहिए।
4. ना करें महिला का अपमान
नवरात्रि के दिनों में भूलकर भी किसी महिला का अपमान नहीं करना चाहिए। हालांकि इस चीज को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए लेकिन नवरात्रि के दिनों में ये गलती करने से मां दुर्गा सर्वनाश ही करती हैं। ऐसे में विशेष रूप से इस बात का ध्यान रखना चाहिए।
5. तामसिक भोजन से रहें दूर
नवरात्रि के दिनों में तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए। लहसुन और प्याज वाले भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। वहीं मास-मदिरा को तो भूलकर भी हाथ नहीं लगाना चाहिए।
6. अखंड ज्योति का बुझना
अगर आपने अखंड ज्योति जलाई है तो कोशिश करें कि ये बीच में कभी भी ना बूझे। अगर अखंड ज्योति नवरात्रि के बीच में बूझ जाती है तो इसे अशुभ माना जाता है। अखंड ज्योति के बूझ जाने पर घबराने की बजाय सही पूजा-विधि के साथ इसे फिर से जलाकर मां दुर्गा से माफी मांग लें।
7. ना लाएं मन में बुरा भाव
नवरात्रि के दिनों में अपने मन में ना तो किसी के प्रति बुरा भाव लेकर आएं और ना ही किसी के बारे में कुछ गलत कहें। मान्यता है कि भोजन के साथ ही साथ मन को भी सात्विक रखना बहुत जरूरी है। किसी को बुरा-भला कहने से भी बचें।
8. ना करें ये काम
नवरात्रि के दौरान नाखून काटने से परहेज करना चाहिए। साथ ही इस दौरान हेयरकटिंग और सेविंग से भी बचना चाहिए।
9. कन्याओं को ना भेजें खाली हाथ
कन्या पूजन के बाद कन्याओं को कभी भी घर से खाली हाथ ना भेजें। उन्हें किसी तरह का उपहार जरूर भेंट करें। कन्याओं को खाली हाथ भेजना अशुभ माना जाता है।
10. बीच में अधूरी ना छोड़ें पूजा
इस बात का पूरा ध्यान रखें कि नवरात्रि की महाअष्टमी की पूजा में कोई भी अड़चन ना आए। पूजा को बीच में ही छोड़ देना काफी अशुभ माना जाता है। ऐसे में बिना किसी बाधा के पूजा को पूरा करें।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
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गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
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