Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का रखते हैं व्रत, तो जान लें नियम, वरना नहीं मिलेगा फल
चैत्र नवरात्रि में पूरे 9 दिन व्रत रखने का नियम है, लेकिन यह एक कठिन कार्य है। कुछ साधक 9 दिन का व्रत नहीं रखे पाते हैं। ऐसे में वे लोग नवरात्रि के पहले दिन और दुर्गाष्टमी के दिन व्रत रखते हैं। ऐसे में अगर आप भी चैत्र नवरात्रि व्रत रखते हैं, तो कुछ नियम हैं, जिनका पालन करना जरूरी है।

चैत्र नवरात्रि के पर्व का खास महत्व होता है। यह चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। इन 9 दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की विधि-विधान से पूजा करते हैं। इतना ही नहीं चैत्र नवरात्रि में व्रत रखने और हवन करने का विधान है। वैसे चैत्र नवरात्रि में पूरे 9 दिन व्रत रखने का नियम है, लेकिन यह एक कठिन कार्य है। कुछ साधक 9 दिन का व्रत नहीं रखे पाते हैं। ऐसे में वे लोग नवरात्रि के पहले दिन और दुर्गाष्टमी के दिन व्रत रखते हैं। ऐसे में अगर आप भी चैत्र नवरात्रि व्रत रखते हैं, तो कुछ नियम हैं, जिनका पालन करना जरूरी है। मान्यता है कि तभी उपवास का पूरा फल प्राप्त होता है।
चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत कब से हो रही है?
इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च, दिन गुरुवार से हो रही है और इसका समापन 27 मार्च, दिन शुक्रवार को रहा है। इस बार मां दुर्गा डोली पर आएंगी। वहीं विदाई हाथी पर होगी। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान व्रत रखने से माता प्रसन्न होती हैं और साधकों पर अपनी कृपा बरसाती है।
कितने प्रकार के होते हैं व्रत
नवरात्रि के दौरान रसोपवास, फलोपवास, दुग्धोपवास, लघु उपवास, अधोपवास और पूर्णोपवास किया जा सकता है। आप श्रद्धा अनुसार व्रत कर सकते हैं।
फलाहार व्रत में क्या खाएं
अगर आप एक समय फलाहार व्रत संकल्प लेते हैं तो दिनभर में एक बार फलों का सेवन कर सकते हैं। या फिर कुट्टू, सिंघाड़े का आटा, दूध, साबूदाना, आलू भी ग्रहण कर सकते हैं। नवरात्रि के व्रत में आम तौर पर सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है।
पहले और अष्टमी के दिन व्रत रखने वालों के लिए नियम
अगर आप चैत्र नवरात्रि के पहले और अष्टमी का व्रत रखते हैं, तो कुछ नियमों का पालन करना होता है। आपको पहले दिन यानी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनें। फिर हाथ में अक्षत्, लाल फूल और जल लेकर चैत्र नवरात्रि व्रत और मां दुर्गा की पूजा का संकल्प करें। चैत्र नवरात्रि व्रत और पूजा का संकल्प लेने के बाद आप कलश स्थापना करें और वहां पर अखंड ज्योति जलाएं। यदि कलश स्थापना संभव नहीं है तो पूजा स्थान पर मां दुर्गा के लिए एक अखंड ज्योति जलाएं। यह भी कर पाना मुश्किल हो तो सुबह और शाम की पूजा के समय घी का दीपक जलाएं।
तामसिक भोजन से रहें दूर
नवरात्रि में आपको पूरे 9 दिनों तक तामसिक वस्तुओं से दूर रहना है, इसमें आपको प्याज, लहसुन, मांस, शराब आदि का सेवन नहीं करना है। व्रत में अनाज जैसे गेहूं, चावल, दाल आदि नहीं खाते हैं। आप पूरे 9 दिन व्रत नहीं रखेंगे, फिर भी आपको पूरी नवरात्रि तक ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करना है।
व्रत का पारण
प्रतिपदा के दिन मां शैलपुत्री की पूजा करें और दुर्गाष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा करें। फिर कन्या पूजा करें। दुर्गाष्टमी को नवरात्रि का हवन करें। इससे आपके घर की नकारात्मकता दूर होगी। महानवमी के दिन पारण करके व्रत को पूरा करें। कई जगहों पर नवरात्रि हवन के समापन के बाद ही प्रसाद ग्रहण करके लोग पारण कर लेते है। कहीं पर महानवमी और कहीं पर दशमी को पारण होता है। आपके यहां जो विधान है, उस अनुसार व्रत का पारण करें।
इन चीजों से रहें दूर
- नवरात्रि का व्रत रखते हैं, तो इन दिनों में आप काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि से दूर रहें।
-घर और अपने आसपास में शांति का बनाए रखें।
- नवरात्र के व्रत के दौरान नाखून काटने, बाल कटवाने या दाढ़ी काटने से बचना चाहिए।
- नवरात्रि व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें और पूरे 9 दिन काले कपड़े न पहनें।
- व्रतियों को दिन में सोने से बचना चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
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शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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