Chaitra Navratri 2026 Kalash Sthapana Muhurat : कलश स्थापना आज, जानें शुभ मुहूर्त, सही विधि और महत्व

Yogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है। इस दिन से न सिर्फ मां दुर्गा की आराधना शुरू होती है, बल्कि हिंदू नव वर्ष यानी नव संवत्सर का भी आरंभ होता है। मान्यता है कि नवरात्र के पहले दिन विधि-विधान से कलश स्थापना करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

Chaitra Navratri 2026 Kalash Sthapana Muhurat : कलश स्थापना आज, जानें शुभ मुहूर्त, सही विधि और महत्व

Chaitra Navratri 2026 Kalash Sthapana Muhurat : चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है। इस दिन से न सिर्फ मां दुर्गा की आराधना शुरू होती है, बल्कि हिंदू नव वर्ष यानी नव संवत्सर का भी आरंभ होता है। मान्यता है कि नवरात्र के पहले दिन विधि-विधान से कलश स्थापना करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और पूरे साल मां भगवती का आशीर्वाद बना रहता है। इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च, गुरुवार से शुरू हो रही है। पंचांग के अनुसार इसी दिन प्रतिपदा तिथि लग रही है, इसलिए कलश स्थापना भी 19 मार्च को ही की जाएगी।

क्यों महत्वपूर्ण है कलश स्थापना- नवरात्र का पूरा पर्व कलश स्थापना से ही शुरू होता है। इसे मां दुर्गा के पृथ्वी लोक पर आगमन का प्रतीक माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार-

  • कलश में सभी देवी-देवताओं का वास माना जाता है।
  • यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बनता है।
  • पूजा की शुरुआत इसी से होती है।
  • पूरे नौ दिनों तक इसी कलश के सामने पूजा की जाती है।

कब करें कलश स्थापना- पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 48 मिनट से शुरू होकर अगले दिन भोर में समाप्त हो जाएगी। इसी वजह से 19 मार्च को ही कलश स्थापना करना सबसे शुभ माना गया है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

सुबह 6:48 बजे से 7:30 बजे तक (सबसे उत्तम)

सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक

शाम 4:30 बजे से 6:00 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: 11:38 बजे से 12:26 बजे तक

इन समयों में की गई स्थापना शुभ फल देने वाली मानी जाती है।

कलश स्थापना की सही विधि

  • कलश स्थापना हमेशा साफ और पवित्र स्थान पर करनी चाहिए।
  • सुबह स्नान कर पूजा स्थल को साफ करें।
  • एक मिट्टी या तांबे का कलश लें और उसमें जल भरें।
  • उसमें आम के पत्ते रखें और ऊपर नारियल स्थापित करें।
  • कलश के पास मिट्टी में जौ बोएं।
  • मां दुर्गा का ध्यान कर पूजा शुरू करें।
  • दीपक जलाएं और माता का आह्वान करें।
  • पूजा के दौरान शुद्धता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है।

क्या है इसका धार्मिक महत्व- धार्मिक मान्यता है कि कलश स्थापना से मां दुर्गा का घर में आगमन होता है।

ऐसा माना जाता है कि-

  • घर में सुख-शांति बनी रहती है।
  • नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
  • परिवार में खुशहाली आती है।
  • आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।
  • नवरात्र के नौ दिनों तक कलश के सामने पूजा करने से विशेष फल मिलता है।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


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न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


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