Chaitra Navratri 2026: मां दुर्गा के इन 108 नामों के जाप से बनेंगे सारे रुके हुए काम, ध्यान में रखें ये बातें

Mar 07, 2026 09:25 am ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Maa Durga 108 Name Jaap: चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा की जाए तो मां का खूब आशीर्वाद मिलता है। वहीं इस दौरान मां दुर्गा के 108 नामों के जाप से हर काम बनने लगते हैं। नीचे पढ़ें इसके बारे में।

Chaitra Navratri 2026: मां दुर्गा के इन 108 नामों के जाप से बनेंगे सारे रुके हुए काम, ध्यान में रखें ये बातें

Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में चैत्र का महीना बेहद ही खास होता है। इसी महीने में नवरात्रि भी होती है, जिसे चैत्र नवरात्रि कहा जाता है। इस साल की चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होने वाली है। इस दौरान लोग 9 दिनों तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि विधि-विधान के साथ नवरात्रि के पूरे नौ दिन पूजा की जाए तो मां दुर्गा की असीम कृपा मिलती है। इसके अलावा इन दिनों अगर मां दुर्गा के 108 नामों का जाप कर लिया जाए तो सारे काम बनने लगते हैं। इसके अलावा इन नामों के जाप से आसपास की नेगेटिविटी दूर होती है और मन को खूब शांति मिलती है। नीचे विस्तार से जानें कि इस बार की चैत्र नवरात्रि की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या है? साथ ही जानें मां दुर्गा के 108 नामों के बारे में।

कब है चैत्र नवरात्रि?

बता दें कि हर चैत्र नवरात्रि चैत्र महीने में पड़ने वाले शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर शुरू होती है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस बार इस तिथि की शुरुआत 19 मार्च को हो रही है। इसकी टाइमिंग 6 बजकर 52 मिनट है। ये तिथि अगले दिन यानी 20 मार्च को 4 बजकर 52 मिनट पर खत्म हो जाएगी। इसी वजह से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च ही मानी जाएगी।

कब करें घटस्थापना?

चैत्र नवरात्रि में घटस्थापना का काफी महत्व होता है। दरअसल चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घर के मंदिर में कलश की स्थापना की जाती है। घटस्थापना सुबह 6 बजकर 52 मिनट से लेकर 7 बजकर 43 मिनट के बीच किया जा सकता है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त में भी कलश की स्थापना की जा सकती है। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अभीजित मुहूर्त का समय दोपहर में 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 53 मिनट के बीच होगा।

यहां देखें मां दुर्गा के कुल 108 नाम

ॐ मायायै नमः

ॐ चण्डयै नमः

ॐ वैष्णव्यै नमः

ॐ वाराह्यै नमः

ॐ कमलप्रियायै नमः

ॐ सरस्वत्यै नमः

ॐ कमलायै नमः

ॐ मातंग्यै नमः

ॐ अपरायै नमः

ॐ कुण्डल्यै नमः

ॐ अजायै नमः

ॐ शांकभर्यै नमः

ॐ शिवायै नमः

ॐ भद्रायै नमः

ॐ श्रियै नमः

ॐ विजयायै नम

ॐ उमायै नमः

ॐ भारत्यै नमः

ॐ शर्वाण्यै नमः

ॐ सर्वगतायै नमः

ॐ जयायै नमः

ॐ वाण्यै नमः

ॐ गौर्यै नमः

ॐ क्रियायै नमः

ॐ श्रियै नमः

ॐ ऐन्द्रयै नमः

ॐ मधुमत्यै नमः

ॐ गिरिजायै नमः

ॐ सुभगायै नमः

ॐ अंबिकायै नमः

ॐ तारायै नमः

ॐ पद्मावत्यै नमः

ॐ हंसायै नमः

ॐ पद्मनाभसहोदर्यै नमः

ॐ अपर्णायै नमः

ॐ ललितायै नमः

ॐ धात्र्यै नमः

ॐ कुमार्यै नमः

ॐ शिखवाहिन्यै नमः

ॐ शांभव्यै नमः

ॐ सुमुख्यै नमः

ॐ मैत्र्यै नमः

ॐ त्रिनेत्रायै नमः

ॐ विश्वरूपिण्यै नमः

ॐ आर्यायै नमः

ॐ मृडान्यै नमः

ॐ हींकार्यै नमः

ॐ क्रोधिन्यै नमः

ॐ सुदिनायै नमः

ॐ अचलायै नमः

ॐ सूक्ष्मायै नमः

ॐ परात्परायै नमः

ॐ शोभायै नमः

ॐ सर्ववर्णायै नमः

ॐ हरप्रियायै नमः

ॐ महालक्ष्म्यै नमः

ॐ महासिद्धयै नमः

ॐ स्वधायै नमः

ॐ स्वाहायै नमः

ॐ मनोन्मन्यै नमः

ॐ त्रिलोकपालिन्यै नमः

ॐ उद्भूतायै नमः

ॐ त्रिसन्ध्यायै नमः

ॐ त्रिपुरान्तक्यै नमः

ॐ त्रिशक्त्यै नमः

ॐ त्रिपदायै नमः

ॐ दुर्गायै नमः

ॐ ब्राह्मयै नमः

ॐ त्रैलोक्यवासिन्यै नमः

ॐ पुष्करायै नमः

ॐ अत्रिसुतायै नमः

ॐ गूढ़ायै नमः

ॐ त्रिवर्णायै नमः

ॐ त्रिस्वरायै नमः

ॐ त्रिगुणायै नमः

ॐ निर्गुणायै नमः

ॐ सत्यायै नमः

ॐ निर्विकल्पायै नमः

ॐ निरंजिन्यै नमः

ॐ प्रभायै नमः

ॐ मदनसुन्दर्यै नमः

ॐ वागीश्वर्यै नमः

ॐ विशालाक्ष्यै नमः

ॐ तमोपहायै नमः

ॐ सुमंगल्यै नमः

ॐ काल्यै नमः

ॐ भैरव्यै नमः

ॐ महेश्वर्यै नमः

ॐ चण्ड्यै नमः

ॐ भुवनेश्वर्यै नमः

ॐ दुर्गापरमेश्वर्यै नमः

ॐ नित्यायै नमः

ॐ सानन्दविभवायै नमः

ॐ सत्यज्ञानायै नमः

ॐ महेश्वरप्रियंकर्यै नमः

ॐ महात्रिपुरसुन्दर्यै नमः

ॐ ज्वालिन्यै नमः

ॐ मालिन्यै नमः

ॐ चर्चायै नमः

ॐ क्रव्यादोप निबर्हिण्यै नमः

ॐ कामाक्ष्यै नमः

ॐ कामिन्यै नमः

ॐ कान्तायै नमः

ॐ कामदायै नमः

ॐ कलहंसिन्यै नमः

ॐ सलज्जायै नमः

ॐ कुलजायै नमः

ॐ प्राज्ञ्यै नमःv

चैत्र नवरात्रि पर रखें इन बातों का ध्यान

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना सही से करना चाहिए। कई बार लोग जल्दबाजी के चक्कर में इसमें गड़बड़ी कर देते हैं। पहले दिन ही मंदिर की साफ-सफाई जरूर कर लेनी चाहिए। बिना इस जगह को साफ किए पूजा करने की गलती ना करें। चैत्र नवरात्रि के वक्त तामसिक भोजन से दूर रहें। लहसुन-प्याज खाना छोड़ दें। इसके अलावा चैत्र नवरात्रि के दौरान हेयरकटिंग और शेविंग जैसी चीजों से बचना चाहिए।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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