Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि से पहले घर ले जाएं ये 5 चीजें, मां दुर्गा का मिलेगा आशीर्वाद
अगले हफ्ते से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है। इस दौरान अगर आप घर में कुछ चीजें ले आएं तो बरकत आती है और साथ ही मां दुर्गा का आशीर्वाद भी मिलता है।

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि शुरू होने वाले हैं और हिंदू धर्म में इस महीने को सबसे पवित्र माना जाता है। इस साल की चैत्र नवरात्रि अगले हफ्ते यानी 19 मार्च से शुरू होने वाले हैं। नवरात्रि की तरह ही चैत्र नवरात्रि में भी लोग 9 दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करते हैं। माना जाता है कि इन नौ दिनों तक सच्चे मन से मां दुर्गा का स्मरण किया जाए तो उनकी कृपा बरसती है। वहीं इस दौरान घर में कुछ चीजों को लाने से बरकत आती है। तो चलिए देखते हैं कि आखिर चैत्र नवरात्रि से पहले या इस दौरान हमें घर में क्या-क्या ले आना चाहिए जिससे एनर्जी पॉजिटिव रहें।
चैत्र नवरात्रि से पहले घर ले आएं ये 5 चीजें
1. तुलसी का पौधा
चैत्र नवरात्रि शुरू होने से पहले घर में तुलसी का पौधा ले आना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इसे घर में लाने से सौभाग्य आता है और साथ ही लक्ष्मी मां की कृपा भी बरसती है। तुलसी के पौधे से घर का वास्तु भी सही होता है। अगर घर में पहले से ही तुलसी का पौधा है तो नया लाने की जरूरत नहीं है। अगर नहीं है तो चैत्र नवरात्रि से पहले इसे जरूर लगा लेना चाहिए।
2. बंदनवार
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम के दौरान घर के मेनडोर पर बंदनवार लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। चैत्र नवरात्रि से पहले घर में बंदनवार ले आएं। इससे घर की सुदंरता भी बढ़ती है और अच्छी एनर्जी का आगमन भी होता है। साथ ही इसकी एनर्जी की वजह से घर की नेगेटिविटी भी बाहर चली जाती है। ऐसे में बंदनवार जरूर ले आएं।
3. नारियल
कलश स्थापना के वक्त नारियल की जरूरत होती है। वहीं हिंदू धर्म में किसी भी पूजा के दौरान नारियल की जरूरत जरूर होती है। इसे सौभाग्य के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। चैत्र नवरात्रि के दौरान इसे जरूर ले आना चाहिए।
4. कलश
चैत्र नवरात्रि में सबसे मेन काम कलश स्थापना का होता है। ऐसे में इससे पहले घर में कलश जरूर ले आना चाहिए। मान्यता के हिसाब से कलश में विष्णु, ब्रह्मा और शिवजी का वास होता है। ऐसे में इसे नवरात्रि के दौरान लाना बहुत ही अच्छा माना जाता है। इसे लाते ही घर में पॉजिटिविटी आती है।
5. मोर पंख
अगर आप चैत्र नवरात्रि से पहले घर में मोर पंख ले आते हैं तो ये सोने पर सुहागा वाली बात हो जाएगी। आप मोरपंख के अलावा घर में शंख भी ला सकते हैं। हालांकि इस बात को जरूर में ध्यान में रखें कि मंदिर में एक साथ दो शंख ना रखे जाए। वास्तु के हिसाब से ये सही नहीं होता है। अगर घर में शंख पहले से ही मौजूद है तो इसे इस बार ना ले आएं।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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