Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में है डायबिटीज से बचने के उपाय? आज से ही फॉलो कर लें ये 7 नियम, पांचवा है सबसे आसान
वास्तु शास्त्र के हिसाब से कुछ नियमों का पालन सही से किया जाए तो हेल्थ से जुड़ी दिक्कतों को भी कंट्रोल में लिया जा सकता है। आज जानेंगे कि वास्तु की मदद से डायबिटीज को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है?

Vastu Tips for Diabetes: आजकल कुछ हेल्थ इश्यू ऐसे हो चुके हैं जोकि बहुत आम हो चुके है। इनमें से एक डायबिटीज भी है। गलत खानपान, तनाव और खराब लाइफस्टाइल की वजह से तमाम लोगों में इसकी शिकायत देखी जाती है। कुछ में ये आनुवांशिक भी होता है। अगर आपसे ये कहा जाए कि वास्तु शास्त्र के कुछ नियमों का पालन करके आप डायबिटीज को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं तो क्या आप सही मानेंगे? हो सकता है कि आपका जवाब ना में ही हो लेकिन आपको बता दें कि इस शास्त्र में कुछ ऐसे नियम बताए गए हैं जो कोई भी आसानी से कर सकता है और दावा किया जाता है कि ये सब करके डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है।
बदलनी होंगी कुछ आदतें
वास्तु शास्त्र के हिसाब से कुछ ऐसे संकेत और आदतें हैं जो हमारी बॉडी की एनर्जी को बैलेंस करते हैं। शास्त्र के हिसाब से हमारे घर का माहौल, चीजों की सही दिशा और रोजमर्रा की कुछ आदतों का हमारी हेल्थ पर गहरा असर पड़ता है। अगर इन चीजों पर ध्यान दिया जाए तो बॉडी को बेहतर संतुलन मिल सकता है। इन नियमों के पालन से जिंदगी में सकारात्मकता भी आ सकती है और इससे हेल्थ भी सही होती जाएंगी।
फॉलो करें ये 7 नियम
वास्तु में सुधार: शास्त्र के हिसाब से अगर आप घर के दक्षिण-पश्चिम भाग का वास्तु सही कर लेंगे तो डायबिटीज में सहायता मिल सकती है। इस दिशा को हेल्थ से जुड़ा माना जाता है। अगर आप यहां के वास्तु को सुधार पाएंगे तो इससे लाभ मिलने के पूरे चांस हैं।
बेडरुम में ना करें ये काम: बेडरूम का वास्तु हमारे जीवन में काफी महत्व रखता है। यहां की चीजें सही हो तो आधे से ज्यादा चीजें सही हो सकती हैं। वास्तु शास्त्र के नियम के हिसाब से आप कभी भी बेडरूम में खाना भूलकर भी ना खाएं। हालांकि ये नियम हर किसी को मानना चाहिए। वास्तु के हिसाब से बेडरुम में खाना खाना सही नहीं माना जाता है।
बेडरुम में ना रखें ये चीज: वास्तु के हिसाब से बेडरुम में रखी हुई हर एक चीज हर पर प्रभाव डालती है। नियम के हिसाब से यहां पर जूते या चप्पल नहीं रखने चाहिए। ये पुराने हो तो भी और नए हो तो भी इसे यहां ना रखने की गलती ना करें।
मिट्टी का घड़ा: अब तो गर्मी की शुरुआत भी हो चुकी है और कई लोग फ्रिज की बजाय घड़े का पानी पीना ज्यादा प्रिफर करते हैं क्योंकि ये हेल्थ के लिहाज से सही होता है। अगर आप डायबिटीज को कंट्रोल करना चाहते हैं तो घड़े के पानी का ही इस्तेमाल करें। रोज इसमें 7 तुलसी की पत्तियां डाल दिया करें।
घर का खाना: शास्त्र के हिसाब से दिन में एक बार घर का बना हुआ खाना जरूर खाना चाहिए। अगर ये खाना मां के हाथ से बना हुआ है तो सोने पर सुहागा वाली बात हो जाएगी।
पिता को दें सम्मान: अपने पिता को खूब प्यार दें। उनका सम्मान देने में आप कोई भी कसर ना छोड़ें। आप अपने पिता को जितना खुश रखेंगे, उतना अच्छा है।
ईशान कोण से जुड़ा नियम: घर की ये दिशा बहुत ही मायने रखती है। शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर-पूर्व दिशा ही ईशान कोण है। इस दिशा में अगर आपने कोई लोहे की चीज रखी है तो उसे तुरंत हटा दें।
सोर्स: संपूर्ण वास्तुशास्त्र एंव दोष निवारण (मनोज प्रकाशन)
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
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रत्न शास्त्र
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हस्तरेखा शास्त्र


