Bhudh Pradosh Vrat 2026: बुध प्रदोष आज, कर लें ये उपाय, शिवजी की कृपा से मनोकामनाएं होंगी पूरी

Apr 15, 2026 09:28 am ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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आज यानी 15 अप्रैल को प्रदोष व्रत है। बुधवार के दिन पड़ने की वजह से इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाएगा। बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है, ऐसे में इस दिन शिव परिवार की पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से भगवान शिव और गणेश जी की कृपा प्राप्त होती है।

Bhudh Pradosh Vrat 2026: बुध प्रदोष आज, कर लें ये उपाय, शिवजी की कृपा से मनोकामनाएं होंगी पूरी

Budh Pradosh Vrat 2026: आज यानी 15 अप्रैल को प्रदोष व्रत है। बुधवार के दिन पड़ने की वजह से इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाएगा। इस व्रत में भगवान शिव की पूजा विधि-विधान से की जाती है। माना जा है कि जो भी व्यक्ति इस दिन सच्चे भाव के साथ पूजा-अर्चना करता है तो उसकी हर एक कामना पूरी होती है। सच्चे मन से कई गई पूजा से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। वहीं, बुध प्रदोष का महत्व और भी खास होता है। बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है, ऐसे में इस दिन शिव परिवार की पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से भगवान शिव और गणेश जी की कृपा प्राप्त होती है।

बुध प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त

किसी भी व्रत की पूजा शुभ मुहूर्त में की जाए तो उसे काफी फलदायी माना जाता है। प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा शाम में होती है और पंचांग के हिसाब से शुभ मुहूर्त डेढ़ घंटे के लिए है। पंचांग के अनुसार बुध प्रदोष व्रत की पूजा 15 अप्रैल की शाम 6 बजकर 1 मिनट से लेकर 7 बजकर 31 मिनट तक होगी। इस मुहूर्त में ही शिवजी की पूजा करना सही होगा।

बुध प्रदोष व्रत पूजा-विधि

- बुध प्रदोष व्रत की पूजा विधि सरल होती है। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पूरे दिन व्रत रखने का संकल्प लें।
- शाम के समय प्रदोष काल में पूजा की तैयारी करें।
- पूजा स्थान पर भगवान शिव, माता पार्वती और नंदी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। चाहें तो - आप मंदिर जाकर भी पूजा कर सकते हैं।
- पूजा के दौरान सबसे पहले शिवलिंग का जल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें।
- इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, अक्षत और फूल अर्पित करें।
- फिर शिव चालीसा और प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
-अंत में दीपक जलाकर आरती करें।

बुध प्रदोष व्रत का लाभ

- बुध प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति की बुद्धि, वाणी और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।
- साथ ही यह व्रत जीवन में सफलता, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्रदान करता है।
- बुध प्रदोष व्रत से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
- वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और शिव कृपा से सभी संकट दूर होते हैं।
-इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं।

उपाय

बुध प्रदोष का दिन बुध ग्रह से जुड़े उपाय करने के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन शिवलिंग पर हरे मूंग अर्पित करना शुभ होता है। मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और नौकरी व व्यापार में उन्नति के योग बनते हैं।

मंत्र

ॐ नमः शिवाय
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः सोमाय नमः
ॐ ऐं ह्रीं शिव-गौरीमय-ह्रीं ऐं ॐ
ॐ नमो धनदाय स्वाहा।

इन बातों का रखें ध्यान

- व्रत के दिन सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।
- किसी से झूठ बोलने या कठोर भाषा का प्रयोग करने से बचें।
- नकारात्मक सोच से दूर रहें और मन को शांत रखें।
- ब्रह्मचर्य का पालन करना भी शुभ माना जाता है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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