बुध के मेष राशि गोचर से किन राशि के लोगों के लिए अचानक बदलेंगी चीजें, फैसले भी होंगे गलत
Budh Gochar 2026: अप्रैल खत्म होते-होते बुध राशि परिवर्तन करने वाले हैं। 30 अप्रैल की सुबह बुध राशिचक्र की उच्च राशि मेष में गोचर करेंगे। इस गोचर के चलते कुछ राशियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।

ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति समय-समय पर बदलती रहती है। ऐसे में हर एक राशि पर इसका असर साफ-साफ दिखता है। अगर कोई ग्रह किसी एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करता है तो इसका असर हर राशि पर अलग तरीके से पड़ता है। कुछ के लिए ये गोचर नए मौके ले आता है और सब कुछ अच्छा होता है। वहीं कुछ के लिए सेम गोचर चुनौतियां ले आता है। अप्रैल खत्म होते-होते एक ऐसा ही गोचर होने वाला है। दरअसल बुध अप्रैल के आखिरी में मेष राशि में प्रवेश करेंगे। तो ऐसे में कुछ राशियों पर इसका असर अच्छा नहीं पड़ेगा। कुल मिलाकर 3 ऐसी राशियां हैं जिन्हें इस दौरान संभलकर चलने की जरूरत है। ज्योतिषीय गणना के आधार पर ये गोचर 30 अप्रैल 2026 को होगा।
इन 3 राशियों पर पड़ेगा बुध गोचर का असर
वृषभ राशि पर बुध गोचर का असर
इस गोचर का असर वृषभ राशि के दूसरे भाव में पड़ेगा। ऐसे में हो सकता है कि खर्चा खूब बढ़े। आपको इस दौरान ध्यान रखना है कि कहीं पर भी फालतू का खर्चा ना हो। ऐसी स्थिति इस बीच कई बार आएगी कि आपको एंग्जाइटी हो। इस वजह से आपका मन अक्सर बैचेन रहेगा। बैचेनी की वजह से आप कई बार इंपल्सिव डिसीजन ले सकते हैं। इस बात का ख्याल रखें कि हड़बड़ी में आपको कोई भी फैसला लेने से बचना है। आपके लिए बस यही सलाह है कि अपनी फाइनेंशियल स्थिति को डगमगाने ना दें। जहां आपने पैसों को लेकर समझदारी नहीं दिखाई या लापरवाही की तो चीजें खराब ज्यादा हो सकती हैं। अगर ये चीज आप कंट्रोल में कर लेंगे तो स्थिति बेहतर रहेगी।
कन्या राशि पर बुध गोचर का असर
बुध गोचर का असर कन्या राशि के दसवें भाव पर दिखेगा। इस गोचर के बाद समय चुनौतियों से भरा रह सकता है। हो सकता है कि प्रोफेशनल लाइफ में प्रेशर ज्यादा रहें। काम ज्यादा रहेगा। अचानक से चीजें बदलेगी और इसके लिए आप मेंटली तैयार रहें। बात चाहे करियर की हो या फिर लव लाइफ की आपको किसी भी तरह का बड़ा फैसला जल्दबादी में नहीं लेना चाहिए। अपनी हेल्थ का ध्यान रखें और इस दौरान ओवरथिंकिंग करने से बचें। ऐसा नहीं है कि आपको इस बीच कोई फैसला ही नहीं लेना है। फैसला लें लेकिन थोड़ा सा कैलकुलेटिव होकर करेंगे सब कुछ तो ज्यादा दिक्कत नहीं होगी।
मकर राशि पर बुध गोचर का असर
इस गोचर का असर मकर राशि पर भी दिखेगा। राशिचक्र में ये राशि दसवें नंबर पर आता है। इस राशि का स्वामी ग्रह शनि है। मकर राशि के चौथे भाव पर इस राशि का असर पड़ने वाला है। इस गोचर में मकर राशि वालों को घर-परिवार से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। खास तौर पर अपनी मां का ख्याल रखें। जो भी दिक्कत हो उसे मन ही मन सोचकर परेशान ना हो।
मकर राशि वाले लोग घरवालों के साथ खुलकर हर चीज शेयर करें। स्थिति जितनी उलझी हुई लग रही है तब उतनी उलझी हुई नहीं होगी। प्रोफेशनल लाइफ में भी थोड़ा प्रेशर महसूस हो सकता है लेकिन वक्त के साथ-साथ चीजें सही हो जाएंगी।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
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रत्न शास्त्र
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हस्तरेखा शास्त्र


