Buddha Purnima 2026: आज आपके शहर में कब दिखेगा चांद? जानें चंद्रोदय का सही समय और अर्घ्य विधि
Buddha Purnima 2026 Moonrise Time: वैशाख पूर्णिमा पर आज चांद कितने बजे निकलेगा? जानें दिल्ली और मुंबई समेत अपने शहर में चंद्रोदय का सटीक टाइम और पढ़ें चंद्रमा को अर्घ्य देने की सबसे सरल विधि के बारे में।

आज वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि है। ऐसे में आज यानी 1 मई को वैशाख पूर्णिमा मनाई जा रही है। इसे बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है। आज के दिन चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देना बहुत ही शुभ माना जाता है। खास बात तो ये है कि आज शुक्रवार है। आज का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। ऐसे में चंद्रमा के दर्शन करने से मन को खूब शांति मिलती है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर आज चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दिया जाए और इसका महत्व क्या है? साथ ही जानें कि आपके शहर में आज के दिन चंद्रोदय का समय क्या है?
चंद्रमा को अर्घ्य देने का महत्व
कुछ खास अवसरों पर चंद्रमा को अर्घ्य देना खास माना जाता है। वैशाख पूर्णिमा की रात चंद्रमा को अर्घ्य देने से कई लाभ मिलते हैं। माना जाता है कि इससे मेंटल स्ट्रेस काफी कम होता है। दरअसल चंद्रमा को मन का कारक मानते हैं। ऐसे में इसकी पूजा से मन शांत रहता है। साथ ही जिन लोगों की कुंडली में किसी भी तरह का चंद्र दोष होता है वो भी इस उपाय से धीरे-धीरे दूर होने लगता है। अगर आप पिछले कुछ समय से ओवरथिंकिंग कर रहे हैं या फिर किसी भी तरह की उलझन में फंसे हैं तो आज का दिन आपके लिए खास हो सकता है।
सिटीवाइज देखें चंद्रोदय का समय
दिल्ली में चंद्रोदय का समय: शाम 6:48 बजे
मुंबई में चंद्रोदय का समय: शाम 6:49 बजे
कोलकाता चंद्रोदय का समय: शाम 5:51 बजे
बेंगलुरु चंद्रोदय का समय: शाम 6:20 बजे
जयपुर चंद्रोदय का समय: शाम 6:50 बजे
नोएडा चंद्रोदय का समय: 6:15 बजे
गुरुग्राम चंद्रोदय का समय: शाम 6:17 बजे
लखनऊ चंद्रोदय का समय: शाम 6:29 बजे
चेन्नई चंद्रोदय का समय: शाम 6:10 बजे
चंद्रमा को अर्घ्य देने की आसान विधि
अब जान लेते हैं कि चंद्रमा को अर्घ्य कैसै देना है? बता दें कि चंद्र अर्घ्य के समय कुछ विशेष बातों को ध्यान में रखना जरूरी है। पहले तो एक लोटे में जल ले लें। बता दें कि चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए चांदी के लोटे को सबसे शुभ माना जाता है। इसके अलावा पीतल और स्टील के लोटे का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। लोटे में जल लें। अब इसमें थोड़ा सा कच्चा दूध मिला लें। इसके बाद अक्षत और कोई सा भी सफेल फूल इसमें डाल दें। अब चंद्रोदय होने के समय धीरे-धीरे अर्घ्य दें। इस दौरान ॐ सों सोमाय नमः मंत्र का जाप करें। इस दौरान आपके मन का शांत होना जरूरी है। कहा जाता है कि सच्चे भाव और मन से दिए गए अर्घ्य का पूरा फल मिलता है।
1 मई का खास संयोग
आज के दिन को एक खास संयोग के रूप में भी देखा जा सकता है। आज वैशाख पूर्णिमा के दिन शुक्रवार का होना ही अपने आप में शुभ संयोग बना रहा है। चंद्रमा और मां लक्ष्मी के इस मेल को सुख-समृद्धि और खुशहाली के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में आज के दिन चंद्रमा के दर्शन करने से कई लाभ मिलेंगे। चंद्र अर्घ्य के वक्त अपनी मनोकामनाओं की मन ही मन प्रार्थना करें।
बुद्ध पूर्णिमा पर ना करें ये गलतियां
आज चद्रंमा के दर्शन करने से पहले अपने मन को पूरी तरह से शांत रखें। अर्घ्य देते वक्त किसी भी तरह की हड़बड़ी ना करें। आज कोशिश करें कि मन में किसी भी तरह के बुरे ख्याल ना आएं। नकारात्मक बातों से जितना हो सके उतना दूर रहने की कोशिश करें।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
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हस्तरेखा शास्त्र


