नए साल पर घर लाएं शनि देव की यह प्रिय चीज, खुलेंगे सफलता के मार्ग!
हिंदू धर्म में शनि देव को न्याय के देवता माने जाते हैं। ये हर व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। इन्हें प्रसन्न करने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। ऐसे में नया साल यानी 2026 आने वाला है और इन्हें प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय आप भी कर सकते हैं।

हिंदू धर्म में शनि देव को न्याय के देवता माने जाते हैं। ये हर व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। इन्हें प्रसन्न करने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। ऐसे में नया साल यानी 2026 आने वाला है और इन्हें प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय आप भी कर सकते हैं। साल 2026 की बात करें, इस साल इनका कोई राशि परिवर्तन नहीं होगा। लेकिन कुछ लोगों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का असर जारी रहेगा। ऐसे में उन्हें प्रसन्न करने लिए आप नए साल पर उनकी प्रिय चीजें घर ले आ सकते हैं। साथ ही कुछ उपाय कर सकते हैं।
शनि यंत्र घर लाएं
नए साल पर आप घर पर शनि यंत्र घर ला सकते हैं। फिर इस यंत्र को पूजा स्थान या कार्यस्थल पर शनि यंत्र स्थापित करें। मान्यता है कि शनि यंत्र नकारात्मक ऊर्जा से बचाव करता है और काम में सफलता का मार्ग खोलता है। मान्यता है कि शनि यंत्र की स्थापना करने से परिवार के ऊपर आर्थिक नुकसान हो रहा है, इस अवस्था में शनि यंत्र की स्थापना करने से व्यक्ति के जीवन में लाभ होता है।
शनि यंत्र के रखने से लाभ
शनि यंत्र को अपने घर में स्थापित करने से घर में बने नकारात्मक प्रभाव को समाप्त करता है।
अगर आपके ऊपर शनि की साढ़ेसाती या ढैया का प्रभाव से परेशान हैं, तो घर में शनि यंत्र स्थापित करने से सब ठीक हो जाता है।
परिवार में शनि दोष से परेशान है या जन्मकुंडली में शनि वक्री अवस्था में है, इस समय अगर आप शनि यंत्र की स्थापना करते है, तो आपको शनि के अशुभ प्रभाव से राहत मिलता है।
शनि यंत्र को स्थापित करने से मानसिक स्थिति ठीक होती है तथा स्वास्थ्य ठीक रहता है
कथा
कहा जाता है शनि देव को उनकी पत्नी के द्वारा श्राप मिला था। इसी श्राप की वजह से भगवान शनि की प्रतिमा घर में नहीं लगाए जाते है। इसलिए घर पर शनि यंत्र की स्थापना होती है। शनि यंत्र को अपने घर में स्थापना करने से शनि देव प्रसन्न होते है तथा आपके ऊपर धन की कमी नहीं होती है।
उपाय
साल 2026 आने वाला है और ऐसे में अगर शनि देव के निमित्त कुछ खास उपाय किया जाए, तो उनकी कृपा जातकों पर बरसती है। ऐसे में यदि दान गरीब जरूरतमंदों और भिखारियों को किया जाए तो शनि देव प्रसन्न होकर सभी बाधाएं खत्म कर देते हैं साथ ही खाली पड़े धन के भंडार भर जाते हैं।
इसके अलावा सरसों का तेल शनिवार को शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाना या सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह उपाय मानसिक शांति, स्वास्थ्य, स्थिरता और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।
काला तिल शनि देव को काफी प्रिय है। सुबह नहाने के पानी में थोड़ा सा काला तिल मिलाना या हर शनिवार को इनका दान करना शुभ माना जाता हैष माना जाता है कि यह उपाय शनि के नकारात्मक प्रभाव को शांत करता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
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वास्तु शास्त्र
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