
Pradosh: भौम प्रदोष व्रत पर 2 घंटे 43 मिनट तक पूजा का उत्तम मुहूर्त, जानें शिव पूजा विधि, उपाय
Bhaum Pradosh Timing 2025: जिस दिन प्रदोष काल के समय त्रयोदशी तिथि व्याप्त होती है, उसी दिन भौम प्रदोष व्रत रखा जाता है। जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष का समय एक साथ होता है तो वह समय शिव पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
Bhaum Pradosh Timing 2025: इस साल 2 दिसंबर के दिन मार्गशीर्ष शुक्ल प्रदोष व्रत रखा जाएगा। ये भौम प्रदोष व्रत और मंगल प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, 2 दिसंबर को 03:57 पी एम पर त्रयोदशी तिथि शुरू होगी, जिसका समापन 3 दिसंबर को 12:25 पी एम पर होगा। जिस दिन प्रदोष काल के समय त्रयोदशी तिथि व्याप्त होती है, उसी दिन प्रदोष का व्रत रखा जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के समय से शुरू हो जाता है। जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष का समय एक साथ होता है तो वह समय शिव पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। आइए जानते हैं भौम प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त, उपाय, पूजा विधि-
भौम प्रदोष व्रत पर 2 घंटे 43 मिनट तक पूजा का उत्तम मुहूर्त
प्रदोष पूजा मुहूर्त: 05:24 पी एम से 08:07 पी एम
अवधि: 02 घण्टे 43 मिनट्स
सुबह से शाम के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त 05:09 ए एम से 06:03 ए एम
- अभिजित मुहूर्त 11:50 ए एम से 12:31 पी एम
- विजय मुहूर्त 01:55 पी एम से 02:37 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 05:21 पी एम से 05:48 पी एम
- अमृत काल 02:23 पी एम से 03:49 पी एम
- निशिता मुहूर्त 11:44 पी एम से 12:38 ए एम, दिसम्बर 03
- सर्वार्थ सिद्धि योग 06:57 ए एम से 08:51 पी एम
- अमृत सिद्धि योग 06:57 ए एम से 08:51 पी एम
- रवि योग 08:51 पी एम से 01:22 ए एम, दिसम्बर 03
- चर - सामान्य 09:34 ए एम से 10:52 ए एम
- लाभ - उन्नति 10:52 ए एम से 12:11 पी एम
- अमृत - सर्वोत्तम 12:11 पी एम से 01:29 पी एम
- शुभ - उत्तम 10:29 पी एम से 12:11 ए एम, दिसम्बर 03
- अमृत - सर्वोत्तम 12:11 ए एम से 01:53 ए एम, दिसम्बर 03
शिव पूजा विधि
स्नान कर साफ वस्त्र धारण कर लें। घर में गोधूलि बेला में दीपक जलाएं। फिर शिव मंदिर में भगवान शिव का अभिषेक करें और शिव परिवार की विधिवत पूजा-अर्चना करें। अब भौम प्रदोष व्रत की कथा सुनें। फिर घी के दीपक से पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आरती करें। अंत में ॐ नमः शिवाय का जाप करें और क्षमा प्रार्थना भी करें।
उपाय- शिव जी की कृपा पाने के लिए भौम प्रदोष व्रत पर शिवलिंग पर भांग, लाल फूल और धतूरा चढ़ाएं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





