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भानु सप्तमी पर सूर्य देव को चढ़ाएं ये भोग, करें इन चीजों का दान, धन-धान्य की नहीं रहेगी कमी

भानु सप्तमी पर सूर्य देव को चढ़ाएं ये भोग, करें इन चीजों का दान, धन-धान्य की नहीं रहेगी कमी

संक्षेप:

Bhanu Saptami 2026: आज यानी 8 फरवरी को भानु सप्तमी का पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन भगवान सूर्य की उपासना का दिन है। इस तिथि को रथ सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ और दान करना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है।

Feb 08, 2026 08:28 am ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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आज यानी 8 फरवरी को भानु सप्तमी का पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन भगवान सूर्य की उपासना का दिन है। इस तिथि को रथ सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव की पूजा-अर्चना करने से उनका विशेष रूप से आशीर्वाद प्राप्त होता है। पंचांग के मुताबिक जब शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रविवार को पड़ती है, तब भानु सप्तमी का पर्व मनाया जाता है। सूर्य देव को ग्रहों का राजा कहा जाता है। इस दिन पूजा-पाठ और दान करना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। साथ ही इससे आरोग्य, तेज, यश और समृद्धि का वरदान मिलता है। चलिए जानतें हैं कि भानु सप्तमी पर सूर्य देव को क्या चढ़ाएं और इस दिन क्या दान करना चाहिए।

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भानु सप्तमी 2026 पर करें इन चीजों का दान
- भानु सप्तमी पर अन्न का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। किसी गरीब या जरुरतमंद को अन्न का दान देने से सूर्य देव की कृपा बरसेगी और घर में कभी भी अन्न की कमी नहीं रहेगी।
- भानु सप्तमी के दिन गुड़ का दान करना अत्यंत शुभ होता है। गुड़ गन्ने के रस से बनता है, जो सूर्य देव को प्रिय है और यह ऊर्जा का स्रोत भी है। इसका दान करने से जीवन में मधुरता और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
- आप तांबे का बर्तन भी दान कर सकते हैं। तांबा सूर्य की धातु है। इससे बने बर्तनों का दान करने से आरोग्य और तेज की प्राप्ति होती है।
- लाल वस्त्र का दान करना शुभ होता है। इससे मान-सम्मान और यश में वृद्धि होती है।
- इस दिन जरूरतमंदों को जूते-चप्पल का दान करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर करते हैं।

भगवान सूर्य प्रिय भोग
भानु सप्तमी पर सू्र्य देव की पूजा-अर्चना करने के बाद पोंगल का भोग लगाएं। यह भोग उनका प्रिय भोग माना जाता है। इसके अलावा आप खीर का भोग लगा सकते हैं। साथ ही फल मं आप लाल रंग के फल को अर्पित कर सकते हैं। जैसे- सेब, अनार। साथ हीइस दिन पंचामृत सूर्य देव को अर्पित करने से जीवन में खुशहाली आती है।

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भानु सप्तमी पर पूजा विधि
भानु सप्तमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान-ध्यान करें। अगर आप इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करते हैं, तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है। अगर गंगा नहाने नहीं जा पा रहे हैं, तो घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, अक्षत और लाल फूल डालकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय 'ॐ सूर्याय नमः' का जाप करें।अर्घ्य के बाद वहीं खड़े होकर 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करें। यह शत्रुओं पर विजय और आत्मविश्वास के लिए अचूक है। सूर्य देव के सम्मुख शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद उन्हें भोग लगाएं। अगर आप भानु सप्तमी पर व्रत हैं, तो इस दिन बिना नमक का भोजन करने या केवल फलाहार करने का विशेष महत्व है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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