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लोहे का छल्ला पहनने से पहले जान लें ये नियम, शनि देव हो जाते हैं नाराज

लोहे का छल्ला पहनने से पहले जान लें ये नियम, शनि देव हो जाते हैं नाराज

संक्षेप:

ज्योतिष शास्त्र में लोहे के छल्ले का खास महत्व होता है। लोहा शनि धातु से संबंधित होता है। ऐसे में लोग इसे धारण करते हैं। लोहे का छल्ला धारण करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभावों से बचाव होता है। लेकिन अगर इसे गलत तरीके से धारण करते हैं, तो जातक को शनि देव की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।

Jan 17, 2026 07:40 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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ज्योतिष शास्त्र में लोहे के छल्ले का खास महत्व होता है। लोहा शनि धातु से संबंधित होता है। ऐसे में लोग इसे धारण करते हैं। धार्मिक मान्यता के मुताबिक लोहे का छल्ला धारण करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभावों से बचाव होता है। लेकिन अगर इसे गलत तरीके से धारण करते हैं, तो जातक को शनि देव की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। ऐसे में जातक को जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। चलिए जानते हैं कि लोहे का छल्ला कब और कैसे धारण करना चाहिए।

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किस उंगली में पहनें
धार्मिक मान्यता के मुताबिक लोहे के छल्ले को दाएं हाथ की मध्यमा उंगली में धारण करना चाहिए। क्योंकि इस उंगली का संबंध शनि से होता है। अगर दाएं हाथ में इसे पहनना संभव न हो तो आप बाएं हाथ की मध्यमा उंगली में भी इसे पहन सकते हैं।

किस दिन पहनें
लोहे के छल्ले को किसी अमावस्या तिथि पर पहन सकते हैं।
शनिवार के दिन भी लोहे का छल्ला पहनना शुभ माना जाता है क्योंकि, ये दोनों तिथियां शनिदेव को समर्पित होती हैं।
साथ ही, इस बात का भी ख्याल रखें कि जिस भी दिन आप इसे धारण करें तो पहले उस दिन का शुभ मुहूर्त जरूर देख लें।

विधि
सबसे पहले स्वच्छ होकर लोहे के छल्ले को गंगाजल से शुद्ध कर लें।
इसके बाद शनि के मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करने के बाद छल्ले को धारण करें।
लोहे की अंगूठी पहनने का उत्तम समय शाम को प्रदोष काल में होता है जो सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद तक की अवधि होती है।

किसे पहनना चाहिए?
अगर आपकी शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है तो लोहे का छल्ला धारण किया जा सकता है।
मान्यता है कि शनि के अशुभ दशा में होने पर ही इसे धारण करना लाभकारी होता है।
लेकिन तब भी इसे पहनने से पहले कुशल ज्योतिषी को अपनी कुंडली अवश्य दिखानी चाहिए।

फायदे

- करियर में उन्नति होती है।

- नौकरी में लाभ होता है।

- जीवन के हर क्षेत्र में अपने प्रयासों और मेहनत से सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal
डिजिटल जर्नलिजम में करीब 6 साल का अनुभव। एजुकेशन, स्पोर्ट्स, टेक-ऑटो और धर्म बीट पर मजबूत पकड़ है। यूट्यूब कंटेंट प्रोड्यूसर व रिपोर्टिंग का भी अनुभव। हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। और पढ़ें
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