Hindi Newsधर्म न्यूज़Bada Mangal June 2024 : Last bada mangal will be celebrated on 18 June know important details

ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल कब है? नोट कर लें शुभ मुहूर्त, पूजाविधि, व्रत के नियम,मंत्र और आरती

  • Bada Mangal 2024 Shubh Muhurat: दृक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह का पहला मंगलवार 28 मई 2024 को मनाया जाएगा। यह विशेष दिन हनुमान जी की पूजा-आराधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है।

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Arti Tripathi नई दिल्ली, लाइ हिन्दुस्तान टीमSun, 16 June 2024 09:30 PM
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Bada Mangal 2024 : हर साल ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार के दिन हनुमानजी की पूजा-आराधना का विशेष महत्व है। इस दिन लोग बजरंगबली की विधि-विधान से पूजा करते हैं। हनुमान जी की कृपा पाने के लिए व्रत रखते हैं। वहीं, कुछ लोग गरीबों और जरुरतमंदों को भोजन कराते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से हनुमान जी अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं और समस्त दुखों से छुटकारा दिलाते हैं। दृक पंचांग के अनुसार, 18 जून 2024 को ज्येष्ठ माह का आखरी बड़ा मंगल मनाया जाएगा। आइए जानते हैं चौथे बड़ा मंगल का शुभ मुहूर्त, पूजाविधि, मंत्र, आरती और उपाय...

पूजा-विधि :

आखिरी बड़ा मंगल के दिन सुबह जल्दी उठें। स्नानादि के बाद स्वच्छ कपड़े धारण करें।

घर के मंदिर की सफाई करें। एक छोटी चौकी पर लाल या पीली कपड़ा बिछाएं।

इस पर हनुमानजी की प्रतिमा या मूर्ति स्थापित करें। अब पूजा शुरू करें।

बजरंग बली को अनामिका उंगली से तिलक लगाएं। सिंदूर अर्पित करें।

गंध,चंदन, तुलसी की माला और फूल चढ़ाएं।

इसके बाद उनके समक्ष दीपक प्रज्जवलित करें।

हनुमानजी को काला चना, बूंदी का भोग बेहद प्रिय है।

हनुमान चालीसा का पाठ करें और मंत्रों का जाप करें। संभव हो, तो व्रत भी रखें।

अंत में सभी देवी-देवताओं के साथ हनुमानजी की आरती उतारें।

इन मंत्रों का करें जाप :

1. ऊँ हं हनुमते नम:

2.ऊं अंगारकाय नमः

3. ऊं हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट

हनुमानजी की आरती :

आरती कीजै हनुमान लला की।

दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

जाके बल से गिरिवर कांपे।

रोग दोष जाके निकट न झांके॥

अंजनि पुत्र महा बलदाई।

सन्तन के प्रभु सदा सहाई॥

आरती कीजै हनुमान लला की।

दे बीरा रघुनाथ पठाए।

लंका जारि सिया सुधि लाए॥

लंका सो कोट समुद्र-सी खाई।

जात पवनसुत बार न लाई॥

आरती कीजै हनुमान लला की।

लंका जारि असुर संहारे।

सियारामजी के काज सवारे॥

लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।

आनि संजीवन प्राण उबारे॥

आरती कीजै हनुमान लला की।

पैठि पाताल तोरि जम-कारे।

अहिरावण की भुजा उखारे॥

बाएं भुजा असुरदल मारे।

दाहिने भुजा संतजन तारे॥

आरती कीजै हनुमान लला की।

सुर नर मुनि आरती उतारें।

जय जय जय हनुमान उचारें॥

कंचन थार कपूर लौ छाई।

आरती करत अंजना माई॥

आरती कीजै हनुमान लला की।

जो हनुमानजी की आरती गावे।

बसि बैकुण्ठ परम पद पावे॥

आरती कीजै हनुमान लला की।

दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

ॐ जय हनुमत वीरा,

स्वामी जय हनुमत वीरा ।

संकट मोचन स्वामी,

तुम हो रनधीरा ॥

॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥

पवन पुत्र अंजनी सूत,

महिमा अति भारी ।

दुःख दरिद्र मिटाओ,

संकट सब हारी ॥

॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥

बाल समय में तुमने,

रवि को भक्ष लियो ।

देवन स्तुति किन्ही,

तुरतहिं छोड़ दियो ॥

॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥

कपि सुग्रीव राम संग,

मैत्री करवाई।

अभिमानी बलि मेटयो,

कीर्ति रही छाई ॥

॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥

जारि लंक सिय-सुधि ले आए,

वानर हर्षाये ।

कारज कठिन सुधारे,

रघुबर मन भाये ॥

॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥

शक्ति लगी लक्ष्मण को,

भारी सोच भयो ।

लाय संजीवन बूटी,

दुःख सब दूर कियो ॥

॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥

रामहि ले अहिरावण,

जब पाताल गयो ।

ताहि मारी प्रभु लाय,

जय जयकार भयो ॥

॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥

राजत मेहंदीपुर में,

दर्शन सुखकारी ।

मंगल और शनिश्चर,

मेला है जारी ॥

॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥

श्री बालाजी की आरती,

जो कोई नर गावे ।

कहत इन्द्र हर्षित,

मनवांछित फल पावे ॥

॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥

व्रत के नियम

  • मंगलवार के दिन लहसुन, प्याज, अंडा, नमक, शराब,नॉनवेज समेत तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • इस दिन सफेद और काले वस्त्र धारण करने से बचें।
  • व्रत के दौरान किसी का अपमान न करें। क्रोध पर नियंत्रण रखें।
  • इसके अलावा ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करें।

हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय :

 

सिंदूर का चोला चढ़ाएं : ज्येष्ठ माह के आखिरी बड़ा मंगल पर हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाएं। मान्यता है कि इससे बजरंगबली प्रसन्न होकर भक्तों के सभी दुख-कष्ट दूर करते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

मीठा पान चढ़ाएं : चौथे बड़ा मंगल पर हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें मीठा पान अर्पित करें। कहा जाता है कि ऐसा करने से जीवन के समस्त दुखों से छुटकारा मिलता है और मनचाही मनोकामना पूरी होती है।

हनुमानजी को केले का भोग लगाएं : बुढ़वा मंगल के दिन हनुमान जी को 21 केले का भोग लगाएं और बाद में बंदरों को केला खिलाएं। मान्यता है कि इस उपाय से हनुमान जी तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों के सारे कष्ट दूर करते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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