Bada Mangal 2026: मंगल दोष वालों को बड़ा मंगल पर हनुमान जी के क्या उपाय करने चाहिए?

Navaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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बड़ा मंगल 2026 पर मंगल दोष वालों के लिए हनुमान जी के विशेष उपाय जानिए। मंगल दोष शांति, विवाह में रुकावट और साढ़ेसाती-ढैय्या से राहत पाने के लिए हनुमान चालीसा, पूजा और सरल उपाय इस लेख में विस्तार से पढ़ें।

Bada Mangal 2026: मंगल दोष वालों को बड़ा मंगल पर हनुमान जी के क्या उपाय करने चाहिए?

ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले हर मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व होता है। साल 2026 में अधिकमास के कारण ज्येष्ठ मास में 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जो 5 मई से 23 जून 2026 तक चलेंगे। इस दौरान मंगल दोष वाले जातकों के लिए हनुमान जी की उपासना बेहद फलदायी साबित होती है।

मंगल दोष क्या है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि कुंडली में मंगल ग्रह प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में हो तो मंगल दोष माना जाता है। मंगल दोष तीन प्रकार का होता है - सौम्य, मध्यम और क्रूर। सौम्य मंगल में दोष नहीं होता, मध्यम मंगल 28 वर्ष बाद शांत हो जाता है, लेकिन कड़क मंगल दोष सबसे ज्यादा परेशानी देता है। ऐसे जातक विवाह में देरी, वैवाहिक जीवन में कलह और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करते हैं।

मंगल दोष के प्रभाव

मंगल दोष वाले व्यक्ति का स्वभाव आमतौर पर उग्र, जिद्दी, क्रोधी और घमंडी होता है। लग्न में मंगल दुस्साहसी बनाता है, चतुर्थ भाव में चिढ़चिढ़ापन, सप्तम भाव में वैवाहिक सुख में बाधा, अष्टम में घमंड और द्वादश भाव में झगड़ालू स्वभाव पैदा करता है। इस दोष के कारण विवाह में देरी, दांपत्य जीवन में कलह और आर्थिक परेशानियां भी आ सकती हैं।

हनुमान जी क्यों हैं मंगल दोष के लिए सबसे अच्छा उपाय?

हनुमान जी स्वयं पवन पुत्र हैं और मंगल ग्रह भी भूमिपुत्र कहलाते हैं। इसलिए हनुमान जी की पूजा से मंगल ग्रह का अशुभ प्रभाव शांत होता है। हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से जातक का स्वभाव शांत होता है, क्रोध कम होता है और बुद्धि तेज होती है। हनुमान जी अपने भक्तों की हर तरह से रक्षा करते हैं।

बड़े मंगल पर मंगल दोष निवारण के उपाय

  1. हनुमान चालीसा का पाठ - बड़े मंगल के दिन कम से कम 11 या 21 बार हनुमान चालीसा पढ़ें।
  2. सिंदूर चढ़ाना - हनुमान जी को लाल सिंदूर अर्पित करें। इससे मंगल दोष शांत होता है।
  3. लाल मसूर दाल का दान - मंगलवार को लाल मसूर दाल का दान करना विशेष फलदायी है।
  4. बजरंग बाण पाठ - मंगल दोष की शांति के लिए बजरंग बाण का पाठ बहुत प्रभावी है।
  5. केला और लड्डू चढ़ाना - हनुमान जी को केला और बूंदी के लड्डू अर्पित करें।
  6. मंगलवार व्रत - बड़े मंगल के दिन व्रत रखकर हनुमान जी की पूजा करें।

लाल किताब के अनुसार उपाय

लाल किताब में मंगल को हनुमान जी का रूप माना गया है। लाल किताब के अनुसार, मंगल दोष वाले व्यक्ति को मंगलवार को हनुमान मंदिर में घी का दीपक जलाना चाहिए और लाल चंदन अर्पित करना चाहिए। इससे मंगल का क्रूर स्वभाव शांत होकर शुभ फल देने लगता है।

बड़ा मंगल 2026 मंगल दोष वाले जातकों के लिए विशेष अवसर है। इस दौरान नियमित हनुमान चालीसा पाठ, सिंदूर चढ़ावा और सात्विक जीवन अपनाने से मंगल दोष का प्रभाव कम होता है और जीवन में शांति, सुख तथा सफलता आती है। यदि आप मंगल दोष से परेशान हैं, तो इस बार के 8 बड़े मंगल को खूब भक्ति के साथ मनाएं। हनुमान जी की कृपा से सभी बाधाएं दूर होंगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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लेखक के बारे में

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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