Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह के पहले बुढ़वा मंगल पर इस विधि से करें बजरंग बाण पाठ, ये दोष होंगे दूर

Dheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
share

bada mangal 2026: धार्मिक मान्यता के मुताबिक ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन ही पहली बार हनुमान जी की मुलाकात प्रभु श्रीराम से हुई थी। इसलिए इस दिन लोग बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं।

Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह के पहले बुढ़वा मंगल पर इस विधि से करें बजरंग बाण पाठ, ये दोष होंगे दूर

ज्येष्ठ का माह काफी पवित्र माना जाता है। इसका विशेष धार्मिक महत्व होता है। इस माह में पड़ने वाला हर मंगलवार को बुढ़वा या बड़ा मंगल कहलाता है। यह दिन बजरंगबली को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन ही पहली बार हनुमान जी की मुलाकात प्रभु श्रीराम से हुई थी। इसलिए इस दिन लोग बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं। कुछ उपाय करने से ना सिर्फ हनुमान जी प्रसन्न होते हैं, बल्कि कई ग्रह दोष दूर होते हैं। इन्हीं में से एक उपाय है बजरंग बाण का पाठ। माना जाता है कि अगर श्रद्धा और नियमपूर्वक बरंगबाण का पाठ किया जाए, तो कई तरह के शुभ फल की प्राप्ति होती है।

कब है पहला बड़ा मंगल

इस साल ज्येष्ठ माह की शुरुआत 2 मई से हो चुकी है और पहला बड़ा मगंल 5 मई को पड़ रहा है। इस दिन हनुमान चालीसा के अलावा बजरंगबाण का पाठ करना अत्यंत शुभकारी होता है। चलिए इसका महत्व और पाठ करने की विधिी के बारे में जानते हैं।

बजरंग बाण का महत्व

बजरंग बाण को बजरंगबली की भक्ति, शक्ति और ऊर्जा का मजबूत स्रोत माना जाता है। मान्यता है कि इसका नियमित जाप करने से कई तरह के लाभ मिलते हैं। इससे कुंडली के मंगल दोष को कम करने में भी मदद मिलती है। साथ ही, अगर रोजाना बजरंग बाण का पाठ किया जाए, तो शत्रु, भय और रोगों से भी राहत मिल सकती है।

बजरंग बाण का पाठ कब और कैसे करें

- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बजरंग बाण का पाठ करने का सबसे शुभ समय रात 11 बजे से 1 बजे के बीच माना जाता है।

- पाठ शुरू करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि इसका पूरा फल मिल सके।

- सबसे पहले एक चौकी लें और उस पर पीला वस्त्र बिछाएं।

- चौकी को पूर्व दिशा की ओर स्थापित करें।

- इसके बाद चौकी के दाईं ओर घी का दीपक जलाएं।

- एक कागज पर मंत्र “ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट” लिखें और उसे चौकी पर रखें।

- अब पूरे विधि-विधान से बजरंग बाण का पाठ करें।

- पाठ समाप्त होने के बाद इस मंत्र को मंदिर में स्थापित करें और उसकी विधिपूर्वक पूजा करें।

बजरंग बाण के फायदे

- बजरंग बाण के पाठ से हर दुख, कष्ट और संकट से छुटकारा मिलता है।
- इतना ही नहीं अगर आपको कोई शत्रु परेशान कर रहा है तो आप बजरंग बाण का पाठ करके विजय प्राप्ति करने योग बन सकते हैं।
-बजरंग बाण के पाठ से सभी भय से छुटकारा मिलता है।
-रुके हुए हर काम पूरे होते हैं।
-मन को शांति मिलती है और एकाग्र
-वनकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है।
- विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
- शनि और मंगल दोष दूर होता है।
- घर का वास्तु दोष दूर होता है।

बजरंग बाण पाठ के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

1. बजरंग बाण का पाठ के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

2. मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए कम से कम 41 दिनों तक लगातार पाठ करना चाहिए।

3. पाठ के दौरान लाल रंग के कपड़े पहनने चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिएय़

4. पाठ के दौरान नशे या मांसाहार का सेवन नहीं करना चाहिए।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
न्यूमरोलॉजी
रत्न विज्ञान

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!