Bada Mangal 2026: इस बार ज्येष्ठ माह में पड़ेंगे 8 बड़े मंगल, नोट कर लें तारीख और महत्व

Dheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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Bada Mangal 2026: आमतौर पर ज्येष्ठ माह में 3 से 4 बड़े मंगलवार पड़ते हैं, लेकिन इस बार यानी 2026 में ज्येष्ठ में इस बार आठ बड़े मंगलवार पड़ रहे हैं। चलिए जानते हैं कि ज्येष्ठ माह 2026 में बड़ा मंगलवार कब-कब पड़ रहा है। साथ ही इसका महत्व भी जानेंगे।

Bada Mangal 2026: इस बार ज्येष्ठ माह में पड़ेंगे 8 बड़े मंगल, नोट कर लें तारीख और महत्व

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक हर माह में पड़ने वाले मंगलवार खास महत्व होता है। क्योंकि यह दिन हनुमान जी को समर्पित होता है। लेकिन जब बात ज्येष्ठ माह के मंगलवार की आती है, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। क्योंकि ज्येष्ठ मास के हर मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, पूजा करते हैं और भंडारे का आयोजन करते हैं। मान्यता है कि इस दिन की गई सच्ची भक्ति हर संकट को दूर कर देती है और जीवन में नई ऊर्जा भरती है। आमतौर पर ज्येष्ठ माह में 3 से 4 बड़े मंगलवार पड़ते हैं, लेकिन इस बार यानी 2026 में ज्येष्ठ में इस बार आठ बड़े मंगलवार पड़ रहे हैं। चलिए जानते हैं कि ज्येष्ठ माह 2026 में बड़ा मंगलवार कब-कब पड़ रहा है। साथ ही इसका महत्व भी जानेंगे।

8 बड़ा मंगल पड़ने की वजह

अधिकमास की वजह से इस बार ज्येष्ठ माह 60 दिन को होगा। इसलिए इस माह में अधिक बड़े मंगल पड़ रहे हैं। इन दिनों अंजनी पुत्र बजरंगबली की पूजा अर्चना करना विशेष फलदायी माना जाता है। पंचांग अनुसार इस बार ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक रहेगा। इस हिसाब से मई और जून में कुल 8 मंगलवार पड़ेंगे।

ज्येष्ठ माह 2026 में कब-कब पड़ रहा है बड़ा मंगल

पहला बड़ा मंगल- 5 मई 2026

दूसरा बड़ा मंगल - 12 मई 2026

तीसरा बड़ा मंगल- 19 मई 2026

चौथा बड़ा मंगल- 26 मई 2026

पांचवां बड़ा मंगल- 2 जून 2026

छठवां बड़ा मंगल- 9 जून 2026

सातवां बड़ा मंगल- 16 जून 2026

आठवां बड़ा मंगल- 23 जून 2026

भंडारे पर असर

ज्येष्ठ माह में बजरंगबली की पूजा शुभ मानते हैं। इसके अलावा बड़े मंगल पर विशाल भंडारों का आयोजन भी किया जाएगा। लेकिन इस बार एलपीजी किल्लत के चलते संभवतः इस बार भंडारों पर असर पड़ सकता है।

बड़ा मंगलवार का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन कोई न कोई विशेष घटना हुई हैं, इसलिए ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार को विशेष माना जाता है। रामायण की कथा के अनुसार जब प्रभु श्रीराम माता सीता की तलाश में भटक रहे थे, तो हनुमान जी पहली बार हनुमान जी से मिले थे। कहा जाता है कि हनुमान जी और प्रभु श्रीराम का मिलन पहली बार ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हुआ था, इसलिए इस ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बड़ा या बुढ़वा मंगलवार के नाम से जाना गया। इतना ही ही नहीं हनुमान जी ने रावण का अंहकार तोड़ते हुए पूरी सोने की लंका में आग लगा दी। यह घटना ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन हुई थी इसलिए इसे बड़ा मंगलवार कहा गया। ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हनुमान जी को अमरत्व का वरदान मिला था। अमरत्व का वरदान मिलने के बाद हनुमान जी चिंरजीवी हो गए थे।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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