वास्तु शास्त्र: किचन में भूलकर भी ना रखें ये 3 चीजें, घर का वास्तु होता है खराब
वास्तु शास्त्र के हिसाब से अगर किचन में चीजें सही हो और व्यवस्थित हो तो घर का वास्तु हमेशा सही रहता है। नीचे जानें आखिर किचन से जुड़े कौन-कौन से वास्तु नियम हैं?

Kitchen Vastushastra Tips: वास्तुशास्त्र में घर का हर एक कोना महत्वपूर्ण होता है। माना जाता है कि घर में कुछ चीजों को अगर वास्तु के हिसाब से रखा जाए तो जिंदगी में आने वाली बाधाएं और मुश्किलें काफी हद तक कम हो जाती हैं। हर एक कमरे की तरह किचन भी घर का अहम हिस्सा होता है। यहां पर भी रखी हुई सभी चीजें वास्तुशास्त्र के नियमों के अनुसार ही होना चाहिए। शास्त्र के हिसाब से अगर किचन सही दिशा और दशा में हो तो इससे घर में सुख समृद्धि बनी रहती है। साथ ही इससे घर का वास्तु भी सही रहता है। ऐसे में घर के सभी सदस्यों की जिंदगी स्मूदली चलती है। नियम के अनुसार किचन में हर एक चीज सी प्लेसमेंट ही होनी चाहिए। इसके अलावा यहां पर कुछ चीजों को रखना अवॉइड ही करना ताहिए। नीचे विस्तार से जानें कि आखिर किन चीजों को किचन में रखने से बचना चाहिए? इसके अलावा जानें कि किचन में कौन-कौन सी गलतियां नहीं करनी हैं।
किचन में ना रखें ये चीजें
शास्त्र के हिसाब से किचन में नेगेटिविटी फैलाने वाली चीजों को रखने से बचना चाहिए। किचन का वास्तु खराब होगा तो इसका असर पूरे घर पर पड़ेगा। शास्त्र के नियम के हिसाब से किचन में कभी भी टूटे हुए बर्तन नहीं रखने चाहिए। इससे घर में नेगेटिविटी आती है। आप समय मिलते ही इन बर्तनों को किचन से हटा दें। इसके अलावा रात का बासी खाना भी किचन में रखने से बचना चाहिए। साथ ही किचन में कभी भी गंदा कपड़ा नहीं रखना चाहिए। माना जाता है कि इससे अन्नपूर्णा माता नाराज होती हैं। किचन में हमेशा साफ-सफाई रोती रहनी चाहिए। इस तरह से किचन में इन 3 बातों का ध्यान हमेशा रखना चाहिए।
ना करें ये गलतियां
आम तौर पर लोग किचन में रात के खाने के बर्तन बिना धोए ही सो जाते हैं। इससे भी घर में नेगेटिविटी आती है। रात में सोने से पहले किचन में रखे हुए सारे बर्तन धो लेने चाहिए। इसी के साथ किचन से जुड़ा एक और नियम है कि यहां पर झाड़ू नहीं रखना चाहिए। शास्त्र के नियम के हिसाब से किचन में दवाइयां भी रखने से बचना चाहिए। अमूनन लोग किचन में रखे हुए फ्रिज के ऊपर दवाइयां रख देते हैं लेकिन ये सही नहीं है। इससे घर के लोगों को हमेशा बीमारी घेरे रहेगी। इस वजह से किसी भी तरह की दवाई को किचन से दूर ही रखना चाहिए। साथ ही कोशिश करें कि किचन में काले रंग का इस्तेमाल कम ही हो।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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