Astro Tips: रोज शाम इन 5 जगहों पर दीया जलाना होता है शुभ, मां लक्ष्मी होंगी प्रसन्न
रोज घी या तेल का दीपक जलाने से धार्मिक लाभ मिलता है। देवी-देवाताओं की पूजा में दीपक हमेशा जलाया जाता है। मान्यता है कि बिना दीपक जलाए कोई भी पूजा पूरी नहीं होती है। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में शाम के समय में घर के कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाने के लिए कहा गया है।

हिंदू धर्म में दीपक जलाना बहुत पवित्र और विशेष माना जाता है। घर में या पूजा घर में सुबह-शाम दीपक जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में भी दीपक जलाने को बहुत शुभ माना गया है। रोज घी या तेल का दीपक जलाने से धार्मिक लाभ मिलता है। देवी-देवाताओं की पूजा में दीपक हमेशा जलाया जाता है। मान्यता है कि बिना दीपक जलाए कोई भी पूजा पूरी नहीं होती है। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में शाम के समय में घर के कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाने के लिए कहा गया है। मान्यता है कि शाम के समय घर के इन स्थानों पर दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। ऐसे में आइए जान लेते हैं घर के ये कौन से 5 स्थान हैं, जहां शाम के समय दीपक जलाना चाहिए।
इन जगहों पर जलाएं दीपक
1. मुख्य द्वार पर
घर के मुख्य दरवाजे पर रोज शाम के समय तेल का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, गोधूलि बेला में द्वार पर दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा धीरे-धीरे दूर होने लगती है। ऐसा करने से घर का वातावरण शांत और सुखद बना रहता है, साथ ही समृद्धि और शुभता भी बनी रहती है। इसलिए नियमित रूप से शाम के समय मुख्य द्वार पर दीपक जलाना लाभकारी माना गया है।
2. तुलसी के पास
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत पवित्र और पूजनीय माना जाता है। इसे घर में देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी माना जाता है। इसलिए रोज शाम की पूजा के समय दीपक जलाने के साथ तुलसी के पास भी घी का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य व सुख-समृद्धि का वास बना रहता है। साथ ही, नियमित रूप से तुलसी के पास दीपक जलाने से आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं और घर का वातावरण भी सकारात्मक और शांत बना रहता है।
3. उत्तर-पूर्व दिशा में दीपक जलाना
ईशान कोण, यानी उत्तर-पूर्व दिशा को वास्तु शास्त्र में बेहद शुभ और पवित्र माना गया है। इसे घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का मुख्य स्थान भी कहा जाता है। इसलिए शाम के समय इस दिशा में दीपक जलाना बहुत लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि यहां दीपक जलाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है, मानसिक तनाव कम होता है और वातावरण शुद्ध व सकारात्मक बनता है। साथ ही, यह स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ा होने के कारण यहां दीपक जलाने से भगवान की कृपा भी प्राप्त होती है।
4. सीढ़ियों के नीचे दीपक जलाना
वास्तु के अनुसार घर की सीढ़ियों के नीचे का स्थान अक्सर अंधेरा और भारी ऊर्जा वाला माना जाता है। इसलिए रोजाना शाम के समय यहां तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से इस स्थान की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और घर में सकारात्मक माहौल बनता है। साथ ही परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और अनावश्यक तनाव भी कम होता है।
5. रसोई और पूजा घर में दीपक
वास्तु और ज्योतिष दोनों में घर की रसोई और पूजा घर को बहुत महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। इसलिए रोज शाम के समय इन जगहों पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। रसोई में दीपक जलाने से अन्न और धन की कमी नहीं होती और घर में समृद्धि बनी रहती है। वहीं, पूजा घर में दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, मन को शांति मिलती है और भगवान की कृपा बनी रहती है।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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