कल या परसों आषाढ़ अमावस्या व्रत का मान्य कब? जान लें स्नान-दान उत्तम मुहूर्त भी
Ashadha amavasya vrat kab hai: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि पर व्रत, स्नान-दान और पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण आदि करना अत्यंत शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि आषाढ़ अमावस्या व्रत का मान्य किस दिन रहेगा।

Ashadha amavasya 2026 kis din hai: हिंदू धर्म में आषाढ़ अमावस्या का खास महत्व है। यह दिन भगवान शिव, मां लक्ष्मी और पितरों की कृपा पाने के लिए खास माना जाता है। अमावस्या तिथि पर पूजा-पाठ करने के अलावा स्नान और दान का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्यों का अक्षय फल प्राप्त होता है, जिसका शुभ प्रभाव जीवन भर रहता है। आषाढ़ अमावस्या को हलहारिणी अमावस्या भी कहा जाता है। इस बार आषाढ़ शुक्ल एकादशी दो दिन पड़ने के कारण लोगों के अमावस्या व्रत की डेट को लेकर भ्रम की स्थिति है। आइए जानते हैं कि आषाढ़ अमावस्या व्रत कब रखा जाएगा।
आषाढ़ अमावस्या व्रत का मान्य कब होगा:
हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ अमावस्या तिथि 14 जून 2026 को सुबह 08 बजकर 49 मिनट पर प्रारंभ होगी और 15 जून को सुबह 04 बजकर 53 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि मान्य होने के कारण आषाढ़ अमावस्या का व्रत 14 जुलाई 2026 को मान्य होगा।
आषाढ़ अमावस्या स्नान-दान का शुभ मुहूर्त:
अमावस्या तिथि पर किसी पवित्र नदी में स्नान करना और कुछ चीजों का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
स्नान और दान का शुभ मुहूर्त:
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:57 बजे से सुबह 05:29 बजे तक।
अभिजित मुहूर्त - दोपहर 01:25 बजे से दोपहर 02:28 बजे तक।
विजय मुहूर्त- शाम 04:34 बजे से शाम 05:37 बजे तक।
अमृत काल- शाम 06:31 बजे से रात 07:57 बजे तक।
आषाढ़ अमावस्या पर बन रहा विशेष संयोग:
हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, अगर अमावस्या मंगलवार को पड़ती है, तो इसका महत्व भी बढ़ जाता है। मंगलवार के दिन अमावस्या होने के कारण इसे भौमवती अमावस्या भी कहा जाएगा। मंगलवार और अमावस्या तिथि के योग में हनुमान जी की पूजा विशेष लाभकारी मानी जाती है। इस दिन हनुमान जी को चोला अर्पित करना चाहिए और उनके सामने घी का दीपक जलाना चाहिए। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है।
आषाढ़ अमावस्या पर करें इन चीजों का दान:
अमावस्या के दिन ब्राह्मण, गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना पुण्यकारी माना जाता है। इस दिन व्यक्ति को अपनी सामर्थ्यनुसार भोजन, धन, अनाज, जूते-चप्पल, जल और वस्त्र का दान करना चाहिए। शाम को सूर्यास्त के बाद तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना चाहिए और परिक्रमा करनी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर पर उनका स्थाई वास होता है, जिससे परिवार में आर्थिक खुशहाली और सुख-शांति बनी रहती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
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परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


