Hindi Newsधर्म न्यूज़aries mesh rashi shani ki sade sati till 2032 effects upay remedies
2032 तक मेष राशि पर रहेगी शनि की साढ़ेसाती, रोजाना करें ये खास उपाय

2032 तक मेष राशि पर रहेगी शनि की साढ़ेसाती, रोजाना करें ये खास उपाय

संक्षेप:

ज्योतिषशास्त्र में शनि ग्रह को विशेष स्थान प्राप्त है। शनिदेव को कर्म, न्याय, अनुशासन और संघर्ष का कारक ग्रह माना जाता है। शनि का प्रभाव जहां व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों से गुजरने पर मजबूर करता है, वहीं सही कर्म और धैर्य के साथ यह ग्रह जीवन को मजबूत भी बनाता है।

Dec 19, 2025 06:10 pm ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

ज्योतिषशास्त्र में शनि ग्रह को विशेष स्थान प्राप्त है। शनिदेव को कर्म, न्याय, अनुशासन और संघर्ष का कारक ग्रह माना जाता है। शनि का प्रभाव जहां व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों से गुजरने पर मजबूर करता है, वहीं सही कर्म और धैर्य के साथ यह ग्रह जीवन को मजबूत भी बनाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, हर व्यक्ति के जीवन में कभी न कभी शनि की साढ़ेसाती जरूर आती है। इस समय मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। मेष राशि पर वर्ष 2032 तक शनि की साढ़ेसाती रहेगी, यानी आने वाले करीब 7 साल तक शनि का प्रभाव इस राशि पर बना रहेगा। वर्ष 2032 में मेष राशि वालों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिलेगी।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

शनि की साढ़ेसाती क्यों लगती है?

जब शनि ग्रह राशि परिवर्तन करते हैं, तब तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और दो राशियों पर शनि की ढैय्या शुरू हो जाती है। जिस राशि में शनि प्रवेश करते हैं, उस राशि के साथ-साथ उससे एक राशि पहले और एक राशि बाद वाली राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव पड़ता है। शनि ग्रह सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह माने जाते हैं, इसी कारण उनका प्रभाव लंबे समय तक रहता है।

शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव-

शनि की साढ़ेसाती के दौरान व्यक्ति को जीवन के कई क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इस समय करियर में रुकावटें, आर्थिक दबाव, मानसिक तनाव, रिश्तों में दूरी और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं। कई बार मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते, जिससे व्यक्ति निराश महसूस करता है। हालांकि, ज्योतिष में यह भी माना जाता है कि शनि की साढ़ेसाती केवल कष्ट देने के लिए नहीं होती। यह समय व्यक्ति को अनुशासन, धैर्य और आत्ममंथन सिखाता है। जो लोग इस दौरान ईमानदारी से मेहनत करते हैं और सही मार्ग पर चलते हैं, उन्हें भविष्य में शनि का शुभ फल भी प्राप्त होता है।

ये भी पढ़ें:2026 की शुरुआत में बुध की बदलेगी चाल, धनु राशि में प्रवेश से होगा लाभ

शनि की साढ़ेसाती में किन बातों का रखें ध्यान-

साढ़ेसाती के समय व्यक्ति को अपने कर्मों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गलत रास्तों, छल-कपट और अनैतिक कार्यों से दूरी बनाना बेहद जरूरी होता है। साथ ही संयम, सेवा और विनम्रता अपनाने से शनि का अशुभ प्रभाव काफी हद तक कम हो सकता है।

शनि की साढ़ेसाती से बचने के उपाय

हनुमान जी की पूजा करें

मान्यता है कि शनिदेव ने हनुमान जी को यह वरदान दिया था कि जो व्यक्ति सच्चे मन से हनुमान जी की भक्ति करेगा, उस पर शनि का अशुभ प्रभाव नहीं पड़ेगा। रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करें और भगवान श्रीराम का नाम जपें।

शिवलिंग पर जल अर्पित करें

भगवान शिव को प्रसन्न करने से भी शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। नियमित रूप से शिवलिंग पर जल, दूध या बेलपत्र अर्पित करें। माना जाता है कि जिस व्यक्ति पर भगवान शिव की कृपा होती है, उस पर शनि देव भी प्रसन्न रहते हैं।

शनिवार को शनिदेव की पूजा करें

शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित होता है। इस दिन विधि-विधान से शनिदेव की पूजा करें। शनि मंदिर में जाकर सरसों का तेल चढ़ाएं और शनि मंत्र का जाप करें।

पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं

शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना और दीपक जलाना भी शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi
योगेश जोशी हिंदुस्तान डिजिटल में सीनियर कंटेंट प्रड्यूसर हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मेहला गांव के रहने वाले हैं। पिछले छह सालों से पत्रकरिता कर रहे हैं। एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेश से जर्नलिज्म में स्नातक किया और उसके बाद 'अमर उजाला डिजिटल' से अपने करियर की शुरुआत की, जहां धर्म और अध्यात्म सेक्शन में काम किया।लाइव हिंदुस्तान में ज्योतिष और धर्म- अध्यात्म से जुड़ी हुई खबरें कवर करते हैं। पिछले तीन सालों से हिंदुस्तान डिजिटल में कार्यरत हैं। अध्यात्म के साथ ही प्रकृति में गहरी रुचि है जिस कारण भारत के विभिन्न मंदिरों का भ्रमण करते रहते हैं। और पढ़ें
जानें धर्म न्यूज़ ,Choti Diwali Wishes , Rashifal, Panchang , Numerology से जुडी खबरें हिंदी में हिंदुस्तान पर| हिंदू कैलेंडर से जानें शुभ तिथियां और बनाएं हर दिन को खास!