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2032 तक मेष राशि वाले शनि की साढ़ेसाती से रहेंगे पीड़ित, अशुभ प्रभाव कम करने के लिए करें ये उपाय

2032 तक मेष राशि वाले शनि की साढ़ेसाती से रहेंगे पीड़ित, अशुभ प्रभाव कम करने के लिए करें ये उपाय

संक्षेप:

Shani Ki Sade Sati : इस समय मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। शनि की साढ़ेसाती साढ़ेसात साल की होती है। मेष राशि पर साल 2025 में शनि की साढ़ेसाती शुरू हुई है और साल 2032 तक रहेगी। मेष राशि पर इस समय शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है।

Jul 21, 2025 02:49 pm ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Shani Ki Sade Sati : इस समय मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। शनि की साढ़ेसाती साढ़ेसात साल की होती है। मेष राशि पर साल 2025 में शनि की साढ़ेसाती शुरू हुई है और साल 2032 तक रहेगी। मेष राशि पर इस समय शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। शनि की साढ़ेसाती के तीन चरण होते हैं। हर चरण ढ़ाई साल का होता है। शनि के पहले चरण को उदय चरण कहा जाता है। इस चरण में मानसिक स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां होती हैं। इसके बाद शनि के दूसरे चरण की शुरुआत होती है। यह चरण सबसे कष्टदायी चरण माना जाता है। इस दौरान व्यक्ति को आर्थिक और शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके बाद शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू होता है। इस चरण में शनि की साढ़ेसाती से मिलने वाले कष्ट कम होने लगता है। इस दौरान व्यक्ति के जीवन में सुधार भी आने लगता है। शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए रोजाना कुछ उपाय भी कर सकते हैं। आइए जानते हैं, शनि की साढ़ेसाती से बचने के उपाय-

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हनुमान चालीसा का पाठ करें

शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए रोजाना श्री हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्रापत होती है। जिस व्यक्ति पर हनुमान जी की कृपा होती है उस पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव नहीं पड़ता है।

दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ करें

शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावो को कम करने के लिए रोजाना दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ जरूर करें। दशरथ कृत शनि स्तोत्र की रचना भगवान श्री राम के पिताजी राजा दशरथ ने की थी। दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।

शिवजी की पूजा करें- भगवान शिव की कृपा जिस व्यक्ति पर होती है उस पर शनि का अशुभ प्रभाव नहीं पड़ता है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर जल अर्पित करें।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi
योगेश जोशी हिंदुस्तान डिजिटल में सीनियर कंटेंट प्रड्यूसर हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मेहला गांव के रहने वाले हैं। पिछले छह सालों से पत्रकरिता कर रहे हैं। एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेश से जर्नलिज्म में स्नातक किया और उसके बाद 'अमर उजाला डिजिटल' से अपने करियर की शुरुआत की, जहां धर्म और अध्यात्म सेक्शन में काम किया।लाइव हिंदुस्तान में ज्योतिष और धर्म- अध्यात्म से जुड़ी हुई खबरें कवर करते हैं। पिछले तीन सालों से हिंदुस्तान डिजिटल में कार्यरत हैं। अध्यात्म के साथ ही प्रकृति में गहरी रुचि है जिस कारण भारत के विभिन्न मंदिरों का भ्रमण करते रहते हैं। और पढ़ें
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