क्या भगवान और इंसान एक ही हैं? जानें प्रेमानंद महाराज का जवाब

Dheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
share

Premanand Maharaj: एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज जी से पूछा कि श्रीकृष्ण और हम में कोई भेद नहीं है। हम परमात्मा के ही अंश है और वो हमारे, तो ऐसे क्या हम और भगवान एक ही हैं। चलिए जानते हैं कि प्रेमानंद महाराज जी ने क्या कहा।

क्या भगवान और इंसान एक ही हैं? जानें प्रेमानंद महाराज का जवाब

वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज के सोशल मीडिया पर करोड़ों फॉलोअर्स हैं। प्रेमानंद महाराज अपने हर भक्त से एक ही बात कहते हैं कि नामजप करने से ही उद्धार होगा। प्रेमानंद महाराज के दरबार में अर्जी लगाने आए एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज जी से पूछा कि श्रीकृष्ण और हम में कोई भेद नहीं है। हम परमात्मा के ही अंश है और वो हमारे, तो ऐसे क्या हम और भगवान एक ही हैं। चलिए जानते हैं कि प्रेमानंद महाराज जी ने क्या कहा।

प्रेमानंद महाराज का जवाब

इसका जवाब देते हुए प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि कहने, सुनने और समझने की थोड़ा अंतराय है। एक चम्मच गंगाजल क्या बोला जाएगा, गंगाजल। और एक टैंकर गंगाजल क्या बोला जाएगा गंगाजल। गंगा की धारा के जल को क्या बोला जाएगा? अंतर समझ रहो होना। महाराज जी आगे कहते हैं कि चम्मच तृप्ति नहीं होगी। टैंकर में नहा भी सकते हो और धारा में खड़े हो गए, तो। ब्रह्म विद ब्रह्म भवती। जब ब्रह्म को जान जाओगे, ब्रह्म में जब तन्मय हो जाओगे, तब ब्रह्म स्वरूप हो। अभी तो जीव हो।

महाराज जी कहते हैं कि अभी तो देहाभिमानी हो। श्री कृष्ण के समान उन्होंने गिरिराज उठाया, तुम पांच किलो का बाट उठाकर दिखाओ 7 दिन तक। महाराज जी कहते हैं कि हमारे श्रीकृष्ण ने सात दिन, सात रात्रि गिरिराज महाराज को सात वर्ष की अवस्था में ऐसे धारण किया। लेकिन हमें केवल 7 दिन ऐसे करने में परेशानी लगने लगेगी। महाराज जी आगे कहते हैं कि कालिया देह के विष का इतना प्रभाव रहता है कि ऊपर से चिड़िया उड़ जाए, तो नीचे गिर के मर जाए। लेकिन उसमें महाराज जी कूद गए। कालिया नाग से लिपट कर उसके काटने पर भी छलांग लाई। उसके फणों पर भी नृत्य किया। उसके तो 105 फण थे और वो सिद्ध कालिया साहब कोई भी रूप धारण कर सकता है। ऐसा नाग भगवान को डसा और भगवान के ऊपर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

श्रीकृष्ण के समान सिर्फ श्रीकृष्ण है

प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि श्रीकृष्ण के समान सिर्फ श्रीकृष्ण है। जैसे गंदा नाला, गंदा नाला ही है, लेकिन जब वो गंगा में गिर जाता है, तो वह पवित्र हो जाता है। महारा जी कहते हैं कि भगवान के समान तो सिर्फ भगवान है। हम भगवान में तन्मय होकर भगवान को प्राप्त कर सकते हैं। जो भगवान को प्राप्त हो गया वो भगवान के समान हो गया। लेकिन क्या आज तक कोई ऐसा ऋषि मुनि है, जो भगवान की समानता कर सके। जो भगवान ने लीला की उसकी समानता कोई कर सके, तो ऐसा कोई नहीं है। महाराज जी कहते हैं कि भगवान अनंत रूप धारण करके गोपियों के साथ रास किए। कैसी-कैसी भगवान की मधुर लीला है।

प्रेमानंद महाराज ने कहा कि अगर आप नियमपूर्वक लंबे समय तक नामजप करेंगे तो अपने आप रुचि हो जाएगी। भजन करते हुए पाप प्रवृत्ति का नाश होने पर रुचि बढ़ेगी। आपकी नामजप में रुचि ऐसे बढ़ जाएगी, जैसे गरीब या लालची व्यक्ति को धन की लालसा होती है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
न्यूमरोलॉजी
रत्न विज्ञान

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!