Pink Full Moon 2026: क्या है पिंक मून के पीछे का राज? अप्रैल में किस दिन दिखेगा ये खूबसूरत चांद

Mar 31, 2026 10:48 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Pink Moon in 2026: अप्रैल के महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा को दिखने वाले चांद को पिंक मून कहा जाता है। इसके पीछे का राज क्या है? आइए विस्तार से समझते हैं।

Pink Full Moon 2026: क्या है पिंक मून के पीछे का राज? अप्रैल में किस दिन दिखेगा ये खूबसूरत चांद

Pink Moon In April: अप्रैल के महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा को पिंक मून के नाम से जाना जाता है। इस फुल मून को बेहद ही खास माना जाता है। नाम सुनकर ऐसा लगता है कि इस पूर्णिमा का चांद गुलाबी रंग का होता है लेकिन सच बात ये है कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। असल में ऐसा नहीं होता है। दरअसल इसका नाम पिंक मून वसंत ऋतु में खिलने वाले गुलाबी रंग के जंगली फूलों की वजह से पड़ा है। इन फूलों की वजह से मौसम के बदलने और नई शुरुआत के संकेत के रूप में देखा जाता है। इसी वजह से अप्रैल के महीने में पड़ने वाली इस पूर्णिमा को पिंक मून कहा जाने लगा।

तो ऐसे में पिंक मून का मतलब चांद के गुलाबी होने से नहीं बल्कि बसंत ऋतु के आगमन से है। इस फुल मून को बसंत ऋतु के आगमन ही नहीं बल्कि पॉजिटिव एनर्जी से भी जोड़कर देखा जाता है। तो आइए जानते हैं कि आखिर पिंक मून इस महीने में किस दिन दिखने वाला है और इसके पीछे की खास वजह क्या है?

इस दिन दिखेगा फुल मून

हिंदू पंचांग के हिसाब से पूर्णिमा यानी फुल मून के तिथि की शुरुआत 1 अप्रैल की सुबह से हो जाएगी। इस तिथि की शुरुआत का समय 7:06 बजे से है। पंचांग के हिसाब से इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 2 अप्रैल को होगा। समापन की तिथि का समय सुबह 7:41 बजे तक होगा।

पिंक मून का राज

बता दें कि हर साल पिंक मून आता है। अप्रैल के महीने में जो फुल मून दिखता है उसे ही पिंक मून कहा जाता है। इसका धार्मिक महत्व है और इसे काफी खास माना जाता है। नाम सुनकर कई लोग धोखा खा जाते हैं और उन्हें लगता है कि इस पूर्णिमा का चांद पिंक यानी गुलाबी होगा। बता दें कि इस पूर्णिमा का संबंध गुलाबी रंग के उन फूलों से है जोकि जंगल में पाए जाते हैं। उत्तरी अमेरिका में बसंत ऋतु की शुरुआत में ये फूल नजर आते हैं।

नए बदलाव के संकेत

इस फूल के खिलने के साथ ही प्रकृति में एक अलग तरह की ताजगी आती है और इसे नए संकेत और बदलाव के रूप में देखा जाता है। पिंक मून को बडिंग मून और ब्रेकिंग आइस मून के नाम से भी जाना जाता है। कई जगहों पर इसे एग मून और पाश्चल मून भी कहा जाता है।

पिंक मून का महत्व

पिंक मून को पॉजिटिव बदलाव के तौर भी देखा जाता है। माना जाता है कि इसके बाद से जिंदगी में अच्छे बदलाव आने शुरू होते हैं। अगर कुछ भारीपन सा था तो वो समय बदलता है और ये समय हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। लोग इसे पुराने नेगेटिव ख्याल को छोड़कर आगे बढ़ने के मौके के रूप में भी देखते हैं। लोग इसे आगे बढ़ने के लिए सबसे सही समय मानते हैं। ऐसा कहा जाता है कि नई प्लानिंग औऱ नई सोच, नई शुरुआत के लिए ये समय सबसे अच्छा होता है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

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शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


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गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


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