Angel Number: घड़ी में 11:11 दिखते ही कहीं आप भी तो नहीं करते हैं ये गलती? जानें मेनिफेस्टेशन का सही तरीका
घड़ी में 11:11 दिखते ही लोग अक्सर जल्दबाजी और नेगेटिव सोच में डूबकर यूनिवर्स से अपनी बात कहते हैं। आज जानें कि इस दौरान किस तरह से अपनी बात सामने रखनी है? क्या है मेनिफेस्टेशन का सही तरीका?

बीते कुछ समय से आप सोशल मीडिया पर देखते आ रहे होंगे कि 11:11 को लेकर काफी बातें होती हैं। ऐसे ही कई और नंबर हैं जिसे एंजल नंबर का नाम दिया गया है। हर एक नंबर के पीछे की अलग-अलग कहानी और मतलब है। अगर आप ऐसी रील्स या पोस्ट देखकर कन्फ्यूज हो जाते हैं तो इसे आसान तरीके से समझने की कोशिश करें। दरअसल जब अचानक आपकी नजर घड़ी पर जाए और 11:11 बज रहे हों तो इसे यूनिवर्स की तरफ से मिलने वाला एक खास संकेत माना जाता है। इसे मेनिफेस्टेशन से भी जोड़कर देखा जाता है। लोगों का मानना है कि 11:11 दिखते ही दिल से मांगी गई चीज को यूनिवर्स जरूर पूरी करता है क्योंकि इस समय आपकी बात यूनिवर्स तक जल्दी पहुंचती है और उसके पूरे होने के चांस बढ़ जाते हैं।
हालांकि इस दौरान लोग एक ऐसी गलती कर देते हैं जिससे सारी चीजें खराब हो सकती है। कई लोग 11:11 देखते ही डर, चिंता और नेगेटिव सोच में आ जाते हैं। तो वहीं कुछ लोग जल्दबाजी में यूनिवर्स से बहुत सारी बातें एक साथ मांगने लगते हैं जो सही तरीका तो बिल्कुल भी नहीं है। तो चलिए समझते हैं कि 11:11 दिखने पर क्या और कैसे करना है और किस गलती से बचना है?
नेगेटिव सोच से रहें दूर
11:11 देखने के बाद सबसे जरूरी बात ये होती है कि आप पहले खुद को शांत और पॉजिटिव रखें। आपका मन जितना शांत रहेगा आप उतना ही अच्छा फील करेंगे। इस दौरान बस आप अच्छी बातें ही सोचें। यूनिवर्स को संबोधित करते हुए जब अपनी बात कहें तो नेगेटिव शब्दों का इस्तेमाल ना करें। इस तरह के शब्द तो बिल्कुल भी ना रहें कि यूनिवर्स मेरे साथ बुरा ना हो। इस जगह आप ये कह सकते हैं कि मेरा सब अच्छा हो। आज जिस तरह से अपनी बात कहेंगे यूनिवर्स उसे वैसे ही लेता है। ऐसे में नेगेटिव शब्द का इस्तेमाल इस दौरान बिल्कुल भी ना करें। माना यही जाता है कि साफ और पॉजिटिव सोच के साथ की गई मेनिफेस्टेशन ज्यादा असर डालती है और उसके हकीकत में बदलने के चांस भी ज्यादा होते हैं।
सही तरीके से करें मेनिफेस्टेशन
जब कभी 11:11 पर आपकी नजर जाए तो कुछ सेकंड के लिए अपनी आंखों को बंद करें और अपने उस लक्ष्य के बारे में सोचे जो आप हासिल करना चाहते हैं। इस दौरान बस यही कोशिश करें कि आप जो भी सोचें उसमें आपका विश्वास हो कि ये चीज आपको हासिल होकर रहेगी। महसूस करें कि जो आप चाह रहे हैं आप उस रियलिटी को जी रहे हैं। बस किसी के बारे में बुरा सोचकर कुछ भी मेनिफेस्ट ना करें क्योंकि इसका असर किसी ओर पर नहीं अपनी ही जिंदगी पर पड़ेगा। आप 11:11 के दौरान यूनिवर्स को शुक्रिया भी कह सकते हैं इसे ग्रेटीट्यूड कहा जाता है। माना जाता है कि आपके पास जो कुछ है उसके लिए अगर यूनिवर्स का शुक्रिया किया जाए तो उससे कहीं अधिक मिलता है। हालांकि लालच से नहीं बल्कि सच्चे भाव से ये सोच मन में आनी चाहिए।
मेहनत भी है जरूरी
11:11 नंबर को लेकर लोगों के मन में अपने-अपने विश्वास है। हालांकि नंबर से ही पूरी जिंदगी नहीं बदल सकती है ये भी एक सच है। अगर आप कोई सपना पूरा करना चाहते हैं तो सिर्फ नंबर के भरोसे नहीं बैठा जा सकता है। आपको सही समय पर सही तरीके से मेहनत करनी होगी। यहां ये समझें कि मेनिफेस्टेशन तभी पूरी तरह से काम करती है जब आप पूरी तरह से उस ओर खुद को झोंक देते हैं। 11:11 को सिर्फ एक पॉजिटिव संकेत की तरह लें। आज जितना पॉजिटिव रहेंगे जिंदगी में सब उतना ही अच्छा होगा।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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