Amavasya, आषाढ़ अमावस्या: 14 जुलाई को सुबह से शाम तक इन मुहूर्त में करें अमावस्या पूजा, जानें शनि उपाय, मंत्र और विधि

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

Amavasya Time Ashadha Amavasya 2026 : अमावस्या के दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। मंगलवार का दिन पड़ने के कारण इस अमावस्या के दिन हनुमान जी की पूजा करना अति उत्तम रहेगा।

Amavasya Time Ashadha Amavasya 2026 Muhurat subh se sham kab kare Amavasya pooja on 14 July mantra shani upay

Amavasya Time Ashadha Amavasya 2026 : इस साल मंगलवार को पड़ने वाली अमावस्या को आषाढ़ मास की अमावस्या कहलाएगी। मंगलवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को भौमती अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन को इंग्लिश में न्यू मून के नाम से जाना जाता है। अमावस्या के दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। मंगलवार का दिन पड़ने के कारण इस अमावस्या के दिन हनुमान जी की पूजा करना अति उत्तम रहेगा। ऐसे में आइए जानते हैं आषाढ़ अमावस्या पर सुबह से शाम तक पूजा के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और शनि के उपाय-

आषाढ़ अमावस्या: 14 जुलाई को सुबह से शाम तक इन मुहूर्त में करें अमावस्या पूजा, जानें शनि उपाय, मंत्र और विधि

आषाढ़ अमावस्या पर पूजा के सुबह के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: 03:59 मिनट से 04:40 मिनट (सुबह)
  • अभिजित मुहूर्त: 11:45 मिनट (सुबह) से 12:39 मिनट (दोपहर)
  • चर: सामान्य 08:47 मिनट (सुबह) से 10:29 मिनट (सुबह)
  • लाभ: उन्नति 10:29 मिनट (सुबह) से 12:12 मिनट (दोपहर)

आषाढ़ अमावस्या पर पूजा के दोपहर के शुभ मुहूर्त

  • विजय मुहूर्त: 02:29 मिनट (दोपहर) से 03:24 मिनट (दोपहर)
  • अमृत: सर्वोत्तम 12:12 मिनट (दोपहर) से 01:55 मिनट (दोपहर)

आषाढ़ अमावस्या पर पूजा के शाम के शुभ मुहूर्त

  • गोधूलि मुहूर्त: 07:01 मिनट (शाम) से 07:22 मिनट (शाम)
  • अमृत काल: 10:01 मिनट (रात) से 11:27 मिनट (रात)
  • निशिता मुहूर्त: 11:52 मिनट (रात) से 12:33 मिनट, जुलाई 15

आषाढ़ अमावस्या पर कैसे करें पूजा?

  • पवित्र नदी में स्नान करें या पानी में गंगाजल मिलकर स्नान करें
  • भगवान शिव, श्री हरि विष्णु और बजरंगबली का जलाभिषेक करें
  • प्रभु का पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें
  • अब भगवान को चंदन, पुष्प, वस्त्र और फल अर्पित करें
  • मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें
  • संभव हो तो आषाढ़ अमावस्या का व्रत रखें और व्रत लेने का संकल्प करें
  • आषाढ़ अमावस्या की व्रत कथा का पाठ करें
  • चालीसा का पाठ करें
  • पूरी श्रद्धा के साथ आरती करें
  • भोग लगाएं
  • भगवान विष्णु को तुलसी सहित भोग लगाएं
  • चंद्रोदय के समय चंद्रमा को अर्घ्य दें
  • अंत में क्षमा प्रार्थना करें

आषाढ़ अमावस्या के दिन क्या करें?

  1. आषाढ़ अमावस्या पर दान करें।
  2. पवित्र नदी में स्नान करें।
  3. गाय, कौवे और कुत्ते को भोजन कराएं।
  4. गरीबों की मदद करें।

आषाढ़ अमावस्या पर शनि का बुरा प्रभाव कम करने के लिए क्या करें?

आषाढ़ अमावस्या पर शनि ग्रह का बुरा प्रभाव कम करने, पितृ दोष और सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए शिवलिंग पर बेलपत्र, गंगाजल, कच्चा दूध चढ़ाएं और शिव चालीसा का पाठ करें। हनुमान जी की पूजा करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें।

आषाढ़ अमावस्या पर किन मंत्रों का जाप करें?

  1. ॐ नमः शिवाय
  2. ॐ पितृ देवतायै नम:
  3. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
  4. ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Shrishti Chaubey

लेखक के बारे में

Shrishti Chaubey

संक्षिप्त विवरण
सृष्टि चौबे पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। वह ज्योतिष, ग्रह गोचर, राशिफल, नक्षत्र परिवर्तन, अंकज्योतिष, रत्न, और वास्तु से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। पाठक-केंद्रित व आसान भाषा में जानकारी पेश करना इनके लेखन की पहचान है। धार्मिक ग्रंथों को पढ़कर लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और उन पर शोध करना इनकी विशेष पसंद है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव
सृष्टि पिछले ढाई साल से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। ज्योतिष से जुड़े किसी भी टॉपिक को पाठकों तक आसान, प्रामाणिक और आकर्षक भाषा में पहुंचाना, सृष्टि बखूबी जानती हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए सृष्टि ने रीडर बिहेवियर,बदलते कंटेंट फॉर्मेट पर अच्छी पकड़ हासिल की है। पाठकों की रुचियों व जरूरतों को समझते हुए वे फैक्ट आधारित उपयोगी जानकारी पहुंचाने की कोशिश करती हैं।
अपने करियर की शुरुआत इन्होंने हिन्दी दैनिक समाचार पत्र से की। इसके बाद इन्होंने डिजिटल मीडिया में कदम रखा। सृष्टि वेब स्टोरी, यूट्यूब शॉर्ट्स व इंस्टाग्राम रील्स जैसे विभिन्न डिजिटल स्टोरीटेलिंग फॉर्मेट का अनुभव रखती हैं। मनोरंजन, खेल व सेहत पर अच्छी पकड़ के साथ अब सृष्टि ज्योतिष और धार्मिक विषयों को कवर कर अपनी पहचान बना रही हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान बतौर संपादक इन्होंने कैम्पस समाचार पत्र प्रकाशित किया, लाइव रिपोर्टिंग की। डाटा स्टोरी और फैक्ट चेकिंग की भी अच्छी समझ रखती हैं। सामाजिक मुद्दे पर डॉक्यूमेंट्री भी बना चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और दृष्टिकोण
सृष्टि का मानना है कि एस्ट्रोलॉजी का उद्देश्य फैक्ट आधारित उपयोगी जानकारी को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है। इनका फोकस रहता है कि ज्योतिषीय जानकारी को आसान भाषा में रचनात्मक तरीके से पेश करें।

व्यक्तिगत रुचियां
सृष्टि को ट्रैवल करना, किताबें पढ़ना, म्यूजिक सुनना, लिखना और नई चीजें सीखने का शौक है। इनका मानना है कि पर्सनल ग्रोथ के लिए खुद को अपडेट रखना चाहिए।

विशेषज्ञता
राशिफल
साप्ताहिक राशिफल
ग्रह गोचर
नक्षत्र परिवर्तन
अंकज्योतिष
व्रत-त्योहार, पूजा-विधि
रत्न विज्ञान
ज्योतिषीय उपाय
वास्तु शास्त्र
हस्तरेखा

और पढ़ें
जानें Sawan 2026, Rashifal और Panchang की सटीक जानकारी। रोजाना पूजा-पाठ के लिए पढ़ें Shiv Chalisa, Shiv Aarti, Shiv Mahamrityunjaya Mantra, Shiv Stuti, Hanuman Chalisa और Bajrang Baan