Vaishakh Amavasya: वैशाख अमावस्या कब है, शनि के बुरे प्रभाव कम करने के लिए करें ये उपाय

Shrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Shani Ke Upay Vaishakh Amavasya Upay 2026 : वैशाख अमावस्या की तिथि दान-पुण्य करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन विधि-विधान के साथ भगवान विष्णु की पूजा, पितृ तर्पण और धार्मिक कार्य करने का विशेष महत्व है।

Vaishakh Amavasya: वैशाख अमावस्या कब है, शनि के बुरे प्रभाव कम करने के लिए करें ये उपाय

Shani Ke Upay Vaishakh Amavasya Upay, वैशाख अमावस्या : हर महीने अमावस्या की तिथि आती है। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का खास महत्व है। अप्रैल महीने की अमावस्या को वैशाख अमावस्या भी कहते हैं। ये तिथि दान-पुण्य करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन विधि-विधान के साथ भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन पितृ तर्पण और धार्मिक कार्य करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख अमावस्या के दिन शनि ग्रह की शांति के लिए कुछ उपाय किए जाते हैं। अगर आप भी शनि साढ़ेसाती, महादशा या ढैय्या के बुरे प्रभावों के शिकार हैं तो वैशाख अमावस्या की तिथि पर उपाय करना उत्तम रहेगा। आइए जानते हैं शनि के बुरे प्रभाव से राहत पाने के कुछ अमावस्या उपाय-

वैशाख अमावस्या कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, 16 अप्रैल के दिन शाम में 8 बजकर 11 मिनट पर तिथि की शुरुआत होगी, जिसका समापन 17 अप्रैल के दिन शाम में 5 बजकर 21 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, वैशाख अमावस्या का स्नान-दान, व्रत और पूजन 17 अप्रैल को किया जाएगा।

शनि के बुरे प्रभाव कम करने के लिए करें ये उपाय

  1. हनुमान चालीसा का पाठ- मान्यता अनुसार, शनि देव ने हनुमान जी को वरदान दिया था कि जो उनके भक्तों की सेवा करेगा, शनि उसे परेशान नहीं करेंगे। इसलिए वैशाख अमावस्या पर हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से शनि के कष्टों से राहत मिल सकती है।

  • शनि मंत्र जाप- शाम के समय शनि मंदिर में या घर पर ही शनि देव के बीज मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे शनि का बुरा प्रभाव कम हो सकता है। ॐ शं शनैश्चराय नमः का जाप करें।
  • काली वस्तुओं का दान- वैशाख अमावस्या के दिन जरूरतमंदों को काले तिल, सरसों का तेल, लोहा, काला कपड़ा, या काली उड़द की दाल का दान करें।
  • पीपल के पेड़ की पूजा- वैशाख अमावस्या की सुबह पीपल के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाएं। शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। पेड़ की 7 बार परिक्रमा करें। ऐसा माना जाता है कि पीपल के पेड़ में त्रिदेवों के साथ शनि देव का भी वास होता है।
  • पक्षियों की सेवा- शनि देव की कृपा पाने के लिए पक्षियों को दाना डालें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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