अमरनाथ गुफा में अमर कबूतर के जोड़े...क्या है इनका महादेव और पार्वती जी से रिश्ता

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अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू हो गई है। अमरनाथ गुफा में अमर कबूतर के जोड़े का रहस्य क्या है? जानिए इनका भगवान शिव और माता पार्वती से गहरा रिश्ता। शिव पुराण की कथा, यात्रा का महत्व और कबूतरों के दर्शन का फायदा विस्तार से पढ़ें।

Immortal Pigeons Amarnath

अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म की सबसे कठिन और पवित्र यात्राओं में से एक है। बर्फ से ढकी ऊंची चोटियों के बीच स्थित इस गुफा में भगवान शिव का प्राकृतिक हिम शिवलिंग हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस बार अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है। लेकिन इस गुफा की खासियत सिर्फ हिम शिवलिंग तक सीमित नहीं है। यहां सदियों से एक कबूतरों का जोड़ा भी निवास करता है, जिसे अमर माना जाता है। इन कबूतरों के दर्शन को भक्त शिव और पार्वती के साक्षात दर्शन के समान मानते हैं।

अमरनाथ गुफा में कबूतरों का रहस्य

अमरनाथ गुफा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां बर्फीले वातावरण में भी एक सफेद कबूतरों का जोड़ा सदियों से रह रहा है। भक्तों की मान्यता है कि ये कबूतर सामान्य नहीं हैं। इनके दर्शन मात्र से ही श्रद्धालु को विशेष आशीर्वाद मिलता है। यात्रा के दौरान जब भक्त हिम शिवलिंग के साथ इन कबूतरों को भी देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि महादेव और माता पार्वती स्वयं उनके सामने विराजमान हैं। यही वजह है कि अमरनाथ यात्रा में इन कबूतरों का दर्शन भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है।

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शिव पुराण की कथा

शिव पुराण के अनुसार, एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से अमर होने का रहस्य जानना चाहा। शिवजी उन्हें यह ज्ञान देने के लिए अमरनाथ गुफा ले आए। यहां उन्होंने पार्वती को अमरता का रहस्य बताना शुरू किया। लेकिन बीच में पार्वती सो गईं। उस समय गुफा में एक कबूतरों का जोड़ा मौजूद था, जिसने पूरी कथा सुन ली। जब शिवजी ने देखा कि कबूतरों ने अमर कथा सुन ली है, तो उन्हें क्रोध आया। लेकिन कबूतरों ने विनम्रता से कहा कि अब वे भी अमर हो चुके हैं। तब शिवजी ने उन्हें वरदान दिया कि वे इस गुफा में सदैव शिव-पार्वती के प्रतीक बनकर रहेंगे।

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क्यों माने जाते हैं ये कबूतर अमर?

ये कबूतर गुफा के प्राकृतिक वातावरण में बिना किसी बाहरी सहारे के जीवित रहते हैं। कहा जाता है कि ये सामान्य कबूतर नहीं, बल्कि शिव और पार्वती के दिव्य रूप हैं। इनके दर्शन करने वाले को मोक्ष और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। अमरनाथ यात्रा में इन कबूतरों का दर्शन होने से यात्रा पूरी मानी जाती है।

साल 2026 में अमरनाथ यात्रा

इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू हुई है और अगस्त तक चलेगी। कठिन रास्तों, ऊंचाई और मौसम की चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालु इन कबूतरों के दर्शन के लिए उत्सुक रहते हैं। ये कबूतर हमें याद दिलाते हैं कि सच्ची श्रद्धा और धैर्य से हर कठिन यात्रा पूरी हो सकती है। महादेव और पार्वती की यह दिव्य कथा हमें सिखाती है कि ज्ञान हर जगह मौजूद है, बस सच्चे हृदय से सुनने वाला चाहिए।

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अमरनाथ यात्रा सिर्फ एक तीर्थ यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, धैर्य और दिव्य रहस्यों का अनुभव है। इन अमर कबूतरों के दर्शन हर भक्त को शिव और पार्वती की कृपा का एहसास कराते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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