Akshaya Tritiya 2026: ग्रह दोषों से हैं परेशान, नहीं हो रही है तरक्की, तो अक्षय तृतीया पर करें इन चीजों का दान

Navaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया है। इस पवित्र दिन पर कुछ विशेष चीजों का दान करने से ग्रह दोषों से राहत मिलती है। आइए जानते हैं अक्षय तृतीया पर किन चीजों का दान करना शुभ होता है।

Akshaya Tritiya 2026: ग्रह दोषों से हैं परेशान, नहीं हो रही है तरक्की, तो अक्षय तृतीया पर करें इन चीजों का दान

अक्षय तृतीया हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस दिन को बेहद पवित्र माना जाता है। बता दें कि अक्षय तृतीया में 'अक्षय' शब्द का अर्थ है 'जो कभी क्षय ना हो'। इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य, दान या पूजा अनंत फल देता है। साल 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026, रविवार को पड़ रही है। इस दिन शनि या राहु-केतु के दोष से पीड़ित लोग विशेष दान करके अपने कष्टों को कम कर सकते हैं और जीवन में तरक्की का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।

अक्षय तृतीया का महत्व

अक्षय तृतीया पर सूर्य और चंद्रमा दोनों ही अपनी उच्च राशि में होते हैं, जिससे इस तिथि की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन किया गया दान, व्रत और जप कभी नष्ट नहीं होता है। जो लोग शनि की साढ़ेसाती, ढैया या राहु-केतु दोष से परेशान हैं, उनके लिए यह दिन विशेष रूप से फलदायी है। सही चीजों का दान करने से ग्रहों का अशुभ प्रभाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

शनि दोष शांत करने के लिए दान

शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। जब कुंडली में शनि भारी हो या साढ़ेसाती-ढैया चल रही हो, तो अक्षय तृतीया पर इन चीजों का दान करना बहुत शुभ होता है:

काले तिल और सरसों का तेल: शनि की पीड़ा को शांत करने के लिए काले तिल और सरसों का तेल दान करें। इससे मानसिक तनाव, स्वास्थ्य समस्या और आर्थिक रुकावटें कम होती हैं।

लोहे की वस्तुएं: लोहे का तवा, कड़ाही या कोई छोटा लोहे का बर्तन किसी जरूरतमंद को दें। लोहा शनि का धातु है, इसलिए इसका दान शनि को प्रसन्न करता है।

छाता और चप्पल: गर्मी के मौसम में किसी गरीब को छाता या चप्पल दान करने से शनि देव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को सुरक्षा मिलती है।

राहु-केतु दोष निवारण के उपाय

राहु भ्रम, अचानक परेशानी और मानसिक अस्थिरता का कारक है, जबकि केतु मोक्ष और अलगाव का। इनके दोष से बचने के लिए अक्षय तृतीया पर ये दान विशेष लाभकारी हैं:

जौ का दान: जौ को स्वर्ण के समान माना गया है। जौ का दान करने से राहु का नकारात्मक प्रभाव काफी हद तक कम हो जाता है।

नारियल: मंदिर में नारियल अर्पित करें या किसी गरीब को दें। इससे मानसिक शांति मिलती है और राहु-केतु के दोष शांत होते हैं।

सप्तधान्य (सात प्रकार के अनाज): पक्षियों को सात प्रकार का अनाज (जौ, गेहूं, चावल, उड़द, मूंग, चना, तिल) खिलाएं। इससे राहु-केतु का प्रभाव कम होता है।

जल दान: मिट्टी का घड़ा (मटका) पानी से भरकर किसी प्यासे को दें। यह पितृ दोष को भी शांत करता है और पुण्य का अनंत फल देता है।

अक्षय तृतीया पर विशेष सलाह

अक्षय तृतीया के दिन सुबह स्नान कर साफ वस्त्र पहनें। इसके बाद मां लक्ष्मी, भगवान विष्णु और हनुमान जी की पूजा करें। अगर आप अक्षय तृतीया पर दान करने वाले हैं, तो शुभ मुहूर्त में दान करें। दान करते समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। जानकारों की मानें, तो अक्षय तृतीया पर गरीबों और ब्राह्मणों को दान दें, क्योंकि उनका आशीर्वाद विशेष फलदायी होता है।

अक्षय तृतीया 2026 एक दुर्लभ अवसर है जब आप छोटे-छोटे दानों से बड़े ग्रह दोषों को शांत कर सकते हैं। शनि, राहु या केतु से परेशान लोग इस दिन विशेष रूप से काले तिल, तेल, जौ, नारियल और जल का दान करें। इस पावन तिथि पर सही दान करने से न सिर्फ ग्रह दोष शांत होंगे, बल्कि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि भी आएगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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