Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर बनने वाला अबूझ मुहूर्त क्या होता है? जानें इसका महत्व और नियम

Navaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त के तौर पर भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में अबूझ मुहूर्त के दौरान कोई भी शुभ कार्य बिना पंचांग देखे शुरू किए जा सकते हैं। आइए इस लेख में अबूझ मुहूर्त के बारे में विस्तार से जानते हैं।

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर बनने वाला अबूझ मुहूर्त क्या होता है? जानें इसका महत्व और नियम

अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और शुभ दिन है, जिसे अबूझ मुहूर्त के नाम से भी जाना जाता है। 'अक्षय' का अर्थ है 'जो कभी क्षय ना हो'। इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य, दान या निवेश अनंत फल देता है। साल 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन विशेष मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि पूरे दिन शुभ योग बना रहता है। आइए जानते हैं अबूझ मुहूर्त क्या है, इसका महत्व क्या है और इस दिन किन नियमों का पालन करना चाहिए।

अबूझ मुहूर्त क्या है?

अबूझ मुहूर्त वह समय होता है, जब किसी भी शुभ कार्य को बिना पंचांग देखे या मुहूर्त निकाले किया जा सकता है। अक्षय तृतीया पर पूरे दिन अबूझ मुहूर्त रहता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों अपनी उच्च राशि में होते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए गृह प्रवेश, विवाह, वाहन खरीदना, सोना-चांदी खरीदना, नया व्यापार शुरू करना या भूमि पूजन जैसे शुभ कार्य बिना किसी विशेष मुहूर्त के किए जा सकते हैं।

अक्षय तृतीया 2026 की तिथि और समय

वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:49 बजे शुरू होगी और 20 अप्रैल 2026 को सुबह 7:27 बजे समाप्त होगी। मध्याह्न व्यापिनी तृतीया के नियम के अनुसार, अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। पूजा और शुभ कार्यों का सबसे अच्छा समय सुबह 10:49 बजे से दोपहर तक रहेगा। इस दिन सोना खरीदने का मुहूर्त भी पूरे दिन शुभ माना जाता है।

अबूझ मुहूर्त का महत्व

अबूझ मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य को बिना पंडित या मुहूर्त देखे शुरू किया जा सकता है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन किया गया दान, पूजा या निवेश कभी नष्ट नहीं होता है। यह दिन विशेष रूप से सोना-चांदी खरीदने, गृह प्रवेश, विवाह और नया व्यापार शुरू करने के लिए उत्तम माना जाता है। अक्षय तृतीया पर किए गए कार्यों का फल अक्षय रहता है, इसलिए इसे 'अक्षय' कहा जाता है।

अक्षय तृतीया पर क्या करें?

  1. सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान विष्णु की पूजा करें।
  2. 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।
  3. दान करें - जल, अनाज, वस्त्र, फल या सोना-चांदी।
  4. सोना या चांदी खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  5. गृह प्रवेश, विवाह या नया व्यवसाय शुरू करने जैसे शुभ कार्य कर सकते हैं।

अक्षय तृतीया पर क्या ना करें?

  1. इस दिन क्रोध, झूठ या नकारात्मक विचारों से बचें।
  2. किसी का अपमान या विवाद ना करें।
  3. मांसाहार, मदिरा या तामसिक भोजन से परहेज करें।
  4. अनावश्यक खर्च या जोखिम भरा निवेश ना करें।

शुभ कार्यों को टालने की बजाय सही समय पर शुरू करें।

अक्षय तृतीया 2026 एक उत्तम अवसर है, जब आप बिना किसी पंचांग के कोई शुभ कार्य कर सकते हैं। इस दिन सच्चे श्रद्धा भाव से पूजा और दान करने से ग्रह दोष शांत होते हैं, तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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