Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर बन रहा आयुष्मान योग है बेहद शुभ, इन 5 उपायों से बड़ी से बड़ी बीमारी होगी दूर
19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के खास मौके पर आयुष्मान योग बन रहा है। आयुष्मान योग में किए गए कुछ विशेष उपाय से बड़े से बड़े रोग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत मिल सकती है। आइए जानते हैं इनके बारे में।

अक्षय तृतीया का त्योहार 19 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन अक्षय तृतीया के साथ ही आयुष्मान योग भी बन रहा है, जो दीर्घायु, आरोग्य और सौभाग्य देने वाला माना जाता है। आयुष्मान योग में किए गए शुभ कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस खास संयोग में अगर कुछ विशेष उपाय किया जाए, तो बड़े से बड़े रोग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत मिल सकती है। आइए जानते हैं अक्षय तृतीया 2026 पर किए जाने वाले 5 खास उपाय, जिनसे स्वास्थ्य लाभ और आरोग्य की प्राप्ति हो सकती है।
महामृत्युंजय मंत्र का जप
अक्षय तृतीया पर भगवान शिव की पूजा के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जप करना अत्यंत शुभ और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। इस मंत्र को 'मृत्युंजय' इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह अकाल मृत्यु के भय को दूर करता है और लंबी आयु प्रदान करता है। इस दिन कम से कम 108 बार, और यदि संभव हो, तो सवा लाख बार 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥' मंत्र का जाप करें। जप के दौरान रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें और उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख रखें। नियमित जाप से पुरानी बीमारियां कम होती हैं और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है।
मिट्टी के पात्र में जलदान
गर्मियों के मौसम में अक्षय तृतीया पर जलदान का विशेष महत्व है। मिट्टी के पात्र में शुद्ध जल भरकर रास्ते पर प्यासे यात्रियों या मजदूरों को दें। इसमें थोड़ी हल्दी और तुलसी पत्र मिला सकते हैं। जलदान से बुध और चंद्रमा ग्रह मजबूत होते हैं, जो मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए अच्छा है। यह उपाय प्यास बुझाने के साथ-साथ पुण्य भी बढ़ाता है और आयुष्मान योग के प्रभाव को और बढ़ा देता है।
औषधियों और दवाइयों का दान
अक्षय तृतीया पर किसी अनाथालय, वृद्धाश्रम या जरूरतमंद व्यक्ति को दवाइयां दान करना बहुत शुभ फल देता है। साधारण दर्द निवारक दवाएं, विटामिन, खांसी-जुकाम की दवाएं या आयुर्वेदिक औषधियां दान करें। आयुष्मान योग में किया गया यह दान स्वास्थ्य संबंधी बाधाओं को दूर करता है और ईश्वर का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। इससे ना सिर्फ दान करने वाले को लाभ होता है, बल्कि प्राप्त करने वाले की भी तकलीफ कम होती है।
पितरों की पूजा और तर्पण
कई बार असाध्य बीमारियों का कारण कुंडली में पितृ दोष होता है। अक्षय तृतीया पर पितरों की पूजा, तर्पण और पिंडदान करना चाहिए। पितरों को प्रसन्न करने से उनके आशीर्वाद से स्वास्थ्य सुधरता है और परिवार की रक्षा होती है। इस दिन पितरों को जल, काले तिल और चावल अर्पित करें। साथ में 'ॐ पितृभ्यः स्वधा नमः' मंत्र का जाप करें। आयुष्मान योग में यह उपाय पूरे परिवार की सेहत के लिए बेहद लाभकारी होता है।
पीले रंग की चीजें करें दान
अक्षय तृतीया पर सूर्य अपनी उच्च राशि में रहते हैं। इसलिए पीले रंग की चीजों का दान करना विशेष फलदायी है। चने की दाल, हल्दी, आम, खरबूजा या पीले कपड़े दान करें। यह उपाय सूर्य और गुरु ग्रह दोनों को मजबूत करता है, जिससे स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। पीले रंग का दान आयुष्मान योग के साथ मिलकर रोग निवारण में सहायक होता है।
अक्षय तृतीया 2026 पर बन रहे आयुष्मान योग में ये 5 उपाय करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार आ सकता है। इन उपायों को सच्ची श्रद्धा और शुद्ध मन से करें। साथ ही स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को भी अपनी दिनचर्या में शामिल रखें। इस शुभ दिन पर किए गए छोटे-छोटे पुण्य कार्य भी बड़े फल देते हैं और परिवार को आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है।
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