Akshaya Tritiya 2026: कल या परसों, कब है अक्षय तृतीया? नोट कर लें सही डेट, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त
अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का ऐसा पर्व है, जिसे साल के सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है। इस साल इस अक्षय तृतीया की तिथि को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है। यह दिन इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि इसे “अबूझ मुहूर्त” कहा जाता है, यानी इस दिन बिना किसी विशेष गणना के भी शुभ काम किए जा सकते हैं।

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का ऐसा पर्व है, जिसे साल के सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है। इस साल इस अक्षय तृतीया की तिथि को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है। यह दिन इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि इसे “अबूझ मुहूर्त” कहा जाता है, यानी इस दिन बिना किसी विशेष गणना के भी शुभ काम किए जा सकते हैं। दान, पूजा, खरीदारी और नई शुरुआत के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया समृद्धि और सौभाग्य लेकर आती है। इस दिन भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है। ज्योतिष राकेश मिश्रा के अनुसार अक्षय तृतीया पर इस साल सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो सभी कार्यों में शुभता और सफलता देने वाला माना जाता है। साथ ही सौभाग्य योग एवं स्थिर योग का भी निर्माण हो रहा है। अक्षय तृतीया के दिन सोना की खरीदारी शुभ माना जाता है।
कब है अक्षय तृतीया 2026
वैदिक पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 19 अप्रैल 2026 को सुबह 07:19 बजे से शुरू होगी और 20 अप्रैल 2026 को सुबह 03:57 बजे समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को ही मनाई जाएगी।
शुभ मुहूर्त (पूजा का सही समय)
अक्षय तृतीया का पूजा मुहूर्त इस प्रकार है-
पूजा मुहूर्त: सुबह 07:19 बजे से दोपहर 01:50 बजे तक
कुल अवधि: 6 घंटे 31 मिनट
इस समय में पूजा, खरीदारी और अन्य शुभ कार्य करना विशेष फलदायी माना जाता है। हालांकि, इस दिन को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, इसलिए पूरे दिन भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
क्यों खास है अक्षय तृतीया
“अक्षय” शब्द का अर्थ होता है- जो कभी खत्म न हो। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किया गया दान, जप, तप और निवेश कई गुना बढ़कर फल देता है। यही वजह है कि लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदते हैं और नए काम की शुरुआत करते हैं। मान्यता यह भी है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
पूजा विधि-
- अक्षय तृतीया के दिन सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें और पूजा का संकल्प लें।
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं।
- पीले या सफेद फूल चढ़ाएं।
- तुलसी के पत्ते अर्पित करें।
- खीर या मिठाई का भोग लगाएं।
- अंत में आरती करें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।
- पूजा के बाद दान करना भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है।
इस दिन क्या करें
- सोना-चांदी या कोई शुभ वस्तु खरीदें।
- नया व्यापार, निवेश या काम शुरू करें।
- जरूरतमंदों को अन्न, जल या वस्त्र का दान करें।
- भगवान विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Yogesh Joshiयोगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।
परिचय और अनुभव
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न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।
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