Hindi Newsधर्म न्यूज़Akshay navami parikrama kab hai 2025 know amla navami date puja muhurat and importance
Akshay navami: एक दिन पहले ही मथुरा व वृंदावन में भक्तों ने शुरू की अक्षय नवमी की परिक्रमा, जानें वजह

Akshay navami: एक दिन पहले ही मथुरा व वृंदावन में भक्तों ने शुरू की अक्षय नवमी की परिक्रमा, जानें वजह

संक्षेप:

Akshay navami parikrama: अक्षय नवमी का पर्व कार्तिक शुक्ल नवमी के दिन मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन से ही सतयुग का आरंभ हुआ था। अक्षय नवमी के के दिन मथुरा व वृंदावन की परिक्रमा का खास महत्व है। लेकिन इस बार एक दिन पहले से ही परिक्रमा भक्तों ने प्रारंभ कर दी है, जानें कारण।

Oct 30, 2025 08:56 am ISTSaumya Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, मथुरा, हिन्दुस्तान संवाद
share Share
Follow Us on

Akshay Navami 2025: अक्षय नवमी या आंवला नवमी का त्योहार भले ही 31 अक्टूबर को हो, लेकिन मथुरा-वृंदावन के परिक्रमा मार्ग परिक्रमार्थियों से गुलजार होने लगे हैं। बुधवार को मथुरा व वृंदावन में हजारों श्रद्धालुओं ने परिक्रमा लगाई। इस बीच परिक्रमा मार्ग को दुरुस्त करने में नगर निगम की टीमें भी जुटी रहीं।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

बताते चलें कि इस बार गोपाष्टमी, अक्षय नवमी व देवोत्थान एकादशी के तीनों की त्योहार तिथि भ्रम की वजह से एक दिन पहले ही शुरु हो गए हैं। कहीं गोपाष्टमी बुधवार को मनायी गयी तो कहीं गुरुवार को मनायी जाएगी। बुधवार को गोपाष्टमी मनाने वाले गुरुवार को अक्षय नवमी मान रहे हैं, जबकि गुरुवार को गोपाष्टमी मनाने वाले शुक्रवार को अक्षय नवमी मान रहे हैं। इनमें शुक्रवार को अक्षय नवमी मानने वाले बहुतायत में हैं।

किस दिन लगेगी अक्षय नवमी की मुख्य परिक्रमा:

यही वजह है कि शुक्रवार को ही अक्षय नवमी की मुख्य परिक्रमा लगेगी। इसी तरह देवोत्थान एकादशी भी दो दिन मन रही है। देवोत्थान एकादशी पर तीन वन की मुख्य परिक्रमा रविवार को लगेगी। इससे पूर्व बुधवार को मथुरा-वृंदावन की परिक्रमा के लिए ग्रामीण क्षेत्र के लोग घरों से निकल पड़े। यही वजह रही कि मथुरा और वृंदावन के परिक्रमा मार्ग श्रद्धालुओं से गुलजार रहे। परिक्रमार्थियों ने मथुरा और वृंदावन की परिक्रमा लगायी। उधर, अक्षय नवमी की मुख्य परिक्रमा शुक्रवार व देवोत्थान एकादशी की मुख्य परिक्रमा रविवार को मानते हुए नगर निगम की टीमें परिक्रमा मार्गों को दुरुस्त करने में जुटी हुई हैं।

ये भी पढ़ें:अबकी तुलसी विवाह में बाधक बनी भद्रा, जानें 1 या 2 नवंबर कब कराना रहेगा उत्तम

अक्षय नवमी के दिन किसकी पूजा की जाती है: अक्षय नवमी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने का भी विधान है। इस दिन आंवले के पेड़ पर दूध अर्पित करना, दीपक जलाना और परिक्रमा करना शामिल है। इस दिन दान-पुण्य भी अति उत्तम माना गया है। मान्यता है कि इस दिन अन्न, वस्त्र व कंबल का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

अक्षय नवमी पूजा मुहूर्त 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, नवमी तिथि 30 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 06 मिनट पर प्रारंभ होगी और 31 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 03 मिनट पर समाप्त होगी। अक्षय नवमी पूजा का शुभ मुहूर्त 31 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 32 मिनट से सुबह 10 बजकर 03 मिनट तक रहेगा। पूजन की कुल अवधि 03 घंटे 31 मिनट की है।

ये भी पढ़ें:देवउठनी एकादशी पर करें तुलसी से जुड़े ये 5 आसान उपाय, घर आएगी सुख-समृद्धि
Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। यहां वह ज्योतिष और धर्म-अध्यात्म से जुड़ी खबरें देखती हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर की रहने वालीं सौम्या ने जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जर्नलिज्म में पीजी किया है। अपने करियर की शुरुआत हैदराबाद स्थित एक लोकल न्यूज पोर्टल से की और उसके बाद जनसत्ता, क्विंट हिंदी और जी न्यूज होते हुए पिछले चार सालों से लाइव हिन्दुस्तान में हैं। सौम्या पत्रकारिता जगत में पिछले सात सालों से कार्यरत हैं। नई जगहों पर घूमना, भजन सुनना और नए लोगों से जुड़ना बहुत पसंद है। बाकी वक्त बेटी के साथ सपने देखने में बीतता है। और पढ़ें
जानें धर्म न्यूज़ ,Choti Diwali Wishes , Rashifal, Panchang , Numerology से जुडी खबरें हिंदी में हिंदुस्तान पर| हिंदू कैलेंडर से जानें शुभ तिथियां और बनाएं हर दिन को खास!