
Akshay Navami: अक्षय नवमी के दिन करें ये 5 काम, मिलेगा कभी न क्षय होने वाला पुण्यफल
Akshay Navami ke din kya kare: अक्षय नवमी के दिन कुछ कार्यों को करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इन कामों को करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। जानें अक्षय नवमी के उपाय।
Akshay Navami Upay 2025: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर अक्षय नवमी का त्योहार मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, नवमी तिथि 30 अक्तूबर को सुबह 10:06 बजे से 31 अक्तूबर को सुबह 10:03 मिनट तक रहेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय नवमी के दिन आंवले के वृक्ष की पूजा, व्रत, स्नान और दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। इस बार अक्षय नवमी वृद्धि योग के संयोग में आ रही है, जिससे इस दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ गया है। पद्म पुराण में आंवले के वृक्ष को भगवान विष्णु का प्रतीक बताया गया है। जानें अक्षय नवमी के दिन किन कार्यों को करने से अक्षय पुण्य मिलता है।
अक्षय नवमी पर करें ये काम मिलेगा अक्षय पुण्य:
1. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस बार अक्षय नवमी पर चंद्रमा मकर राशि में और धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। यह संयोग स्नान, दान और व्रत के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन पितरों के निमित्त अन्न, वस्त्र, कंबल आदि का दान करने से भी अनंत गुना फल मिलता है। अक्षय नवमी के दिन किए गए पुण्य कर्म कभी क्षीण नहीं होते हैं। वे ‘अक्षय’ अर्थात् अनंत फल देने वाले होते हैं।
2. सत युग का आरंभ भी इसी तिथि से माना जाता है। इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा विशेष फलदायी होती है। मान्यता है कि अक्षय नवमी के दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
3. इस दिन आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन बनाना या घर में पकाकर वृक्ष के नीचे भोजन करना अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि अक्षय नवमी के दिन किया गया हर सत्कर्म और दान अक्षय अर्थात कभी न क्षय होने वाला पुण्यफल प्रदान करता है।
4. अक्षय नवमी के दिन भगवान विष्णु को खीर, पूरी और मिष्ठान का भोग लगाना विशेष रूप से शुभ फलदायी होता है। कहते हैं कि ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति व समृद्धि आती है।
5. पद्मपुराण के अनुसार, आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु और शिव का निवास होता है। ऐसे में इस दिन भगवान विष्णु व भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है। कहते हैं कि ऐसा करने से अक्षय पुण्य मिलता है।
अक्षय नवमी से जुड़ी कथा:
पौराणिक कथा अनुसार, अक्षय नवमी के दिन भगवान विष्णु ने दैत्य कुशमांड का संहार कर धरती पर धर्म की स्थापना की थी। इसी दिन श्रीकृष्ण ने कंस वध से पूर्व वृंदावन की परिक्रमा की थी, इसलिए यह तिथि अत्यंत पवित्र मानी जाती है। इस दिन भक्तजन पूजा, व्रत और दानधर्म के माध्यम से अपने जीवन में सुख, समृद्धि और आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। इस प्रकार अक्षय नवमी का पर्व समाज में धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश देता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





