Hindi Newsधर्म न्यूज़ahoi ashtami puja ka shubh muhurat tare kab niklenge 10 october 2025
Ahoi Ashtami Puja Shubh Muhurat : अहोई अष्टमी पर 1 घंटा 15 मिनट का शुभ मुहूर्त, जानें कितने बजे निकलेंगे तारे

Ahoi Ashtami Puja Shubh Muhurat : अहोई अष्टमी पर 1 घंटा 15 मिनट का शुभ मुहूर्त, जानें कितने बजे निकलेंगे तारे

संक्षेप: अहोई अष्टमी का व्रत कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर रखा जाता है। इस दिन महिलाएं संतान की दीर्घायु के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और उनकी रक्षा और तरक्की के लिए अहोई अष्टमी का व्रत 13 अक्तूबर को रखेंगी। 

Mon, 13 Oct 2025 10:12 AMYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान
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Ahoi Ashtami Vrat : अहोई अष्टमी का व्रत कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर रखा जाता है। इस दिन महिलाएं संतान की दीर्घायु के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और उनकी रक्षा और तरक्की के लिए अहोई अष्टमी का व्रत 13 अक्तूबर को रखेंगी। इस बार यह तिथि 13 अक्तूबर की देर रात 12.24 बजे से शुरू होगी। इसका समापन 14 अक्तूबर को सुबह 11.09 बजे है। होई अष्टमी को शाम के समय में तारों को देखकर पारण किया जाता है। अहोई अष्टमी पर भगवान शिव और माता पार्वती के साथ भगवान कार्तिक और गणेश जी की भी पूजा करनी चाहिए। अहोई अष्टमी व्रत माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सफलता के लिए करती हैं। यह व्रत हर साल कार्तिक कृष्ण अष्टमी को रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन उपवास करने और अहोई माता की पूजा करने से बच्चों की जिंदगी में आने वाली छोटी-बड़ी सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं और उनके जीवन में खुशहाली बनी रहती है। इस दिन माताएं पूरे दिन उपवास रखकर अपनी संतान की दीर्घायु की कामना करेंगी। व्रत शाम के समय तारे निकलने के बाद खोला जाता है।

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अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त - 05:53 पी एम से 07:08 पी एम

अवधि - 01 घण्टा 15 मिनट्स

तारों को देखने के लिये शाम का समय - 06:17 पी एम

अहोई अष्टमी की पूजा विधि:

सुबह स्नान कर साफ-सुथरे कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें।

पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें और दीवार पर कुमकुम से अहोई माता का चित्र बनाएं।

अहोई माता के सामने घी का दीपक जलाएं और उन्हें फल, फूल और मिठाई अर्पित करें।

दोपहर में आसपास की महिलाओं के साथ बैठकर अहोई अष्टमी की कथा सुनें।

शाम को फिर दीपक जलाएं और हलवा-पूरी आदि का भोग लगाएं।

माता से अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें।

एक पात्र में जल लें और तारे निकलने के बाद अर्घ्य अर्पित करें।

घर के बुजुर्गों से आशीर्वाद लें और इच्छानुसार जरूरतमंद को दान दें।

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Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi
योगेश जोशी हिंदुस्तान डिजिटल में सीनियर कंटेंट प्रड्यूसर हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मेहला गांव के रहने वाले हैं। पिछले छह सालों से पत्रकरिता कर रहे हैं। एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेश से जर्नलिज्म में स्नातक किया और उसके बाद 'अमर उजाला डिजिटल' से अपने करियर की शुरुआत की, जहां धर्म और अध्यात्म सेक्शन में काम किया।लाइव हिंदुस्तान में ज्योतिष और धर्म- अध्यात्म से जुड़ी हुई खबरें कवर करते हैं। पिछले तीन सालों से हिंदुस्तान डिजिटल में कार्यरत हैं। अध्यात्म के साथ ही प्रकृति में गहरी रुचि है जिस कारण भारत के विभिन्न मंदिरों का भ्रमण करते रहते हैं। और पढ़ें
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